बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सलमान खान और उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री एक बार फिर कानूनी उलझनों में घिरते नजर आ रहे हैं। चंडीगढ़ की एक जिला अदालत ने सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा और 'बीइंग ह्यूमन' संस्था से जुड़े डायरेक्टर्स को धोखाधड़ी के एक मामले में समन जारी किया है। यह मामला कोई नया नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें साल 2021 से जुड़ी हुई हैं, जब चंडीगढ़ के एक स्थानीय व्यवसायी ने इस संबंध में पहली बार कानूनी शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने अब सभी संबंधित पक्षों को आगामी 5 अक्टूबर को अदालत में पेश होने और इस पूरे मामले पर अपना जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है।

इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। चंडीगढ़ के रहने वाले व्यवसायी अरुण गुप्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी मुलाकात कुछ साल पहले लोकप्रिय टेलीविजन रियलिटी शो 'बिग बॉस' के सेट पर अभिनेता सलमान खान से हुई थी। आरोप के मुताबिक, उसी मुलाकात के दौरान सलमान खान ने उन्हें अपने ब्रांड का शोरूम खोलने के लिए प्रेरित किया था और यह भरोसा दिलाया था कि वह खुद शोरूम के उद्घाटन के अवसर पर वहां पहुंचेंगे। अभिनेता के इसी बड़े नाम और उनके प्रति बने भरोसे के आधार पर अरुण गुप्ता ने अलवीरा खान के प्रसिद्ध ब्रांड 'बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी' की फ्रेंचाइजी लेने का फैसला किया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस बिजनेस में उन्होंने अपनी तरफ से करीब 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम खर्च की थी। उन्होंने मनीमाजरा इलाके में 'बीइंग ह्यूमन' ज्वैलरी का एक बड़ा शोरूम खोला। अरुण गुप्ता ने यह भी दावा किया कि सिर्फ अकेले शोरूम के इंटीरियर और उसे तैयार करने में ही लगभग 1 करोड़ रुपये खर्च हो गए थे। उन्होंने अनुबंध से जुड़ी कंपनी की सभी शर्तों और नियमों का पूरी तरह से पालन किया, लेकिन असली परेशानी तब शुरू हुई जब शोरूम का संचालन शुरू हुआ।

व्यवसायी अरुण गुप्ता का मुख्य आरोप यह है कि जिस कंपनी के साथ उन्होंने यह एग्रीमेंट किया था, उसने बिजनेस शुरू होने के बाद किसी भी तरह का जरूरी व्यावसायिक सहयोग या समर्थन नहीं दिया। कंपनी से जुड़े वादे केवल कागजी साबित हुए। इसके अलावा, ज्वैलरी की आपूर्ति करने वाला मुख्य स्टोर फरवरी 2020 से ही अचानक बंद पड़ा था, जिसके कारण शोरूम में माल की भारी कमी हो गई और उनका पूरा व्यापार बुरी तरह से प्रभावित होने लगा। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें करोड़ों रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े कुछ अन्य लोगों ने उन्हें बिजनेस के मुनाफे और अवसरों के बारे में भ्रामक व गलत जानकारी दी थी, जिसके झांसे में आकर उन्होंने इतनी बड़ी रकम निवेश कर दी थी। इसके अलावा, उद्घाटन के दिन भी वह वादा पूरा नहीं हुआ, जिसके तहत सलमान खान को आना था। उद्घाटन में सलमान खान की जगह उनके बहनोई आयुष शर्मा को भेज दिया गया था। अरुण गुप्ता का यह भी मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम और व्यावसायिक समझौते की पूरी जानकारी सलमान खान को भी थी।

दूसरी ओर, इस मामले में कंपनी का पक्ष पहले भी इन सभी आरोपों को नकारता रहा है। कंपनी का साफ तौर पर यह कहना है कि साल 2018 में चंडीगढ़ के इस बिजनेसमैन के साथ जो व्यावसायिक समझौता हुआ था, उसमें अभिनेता सलमान खान की कोई भी प्रत्यक्ष या सीधी भूमिका नहीं थी। कंपनी के स्पष्टीकरण के अनुसार, सलमान खान फाउंडेशन ने साल 2015 में ही 'स्टाइल एंड कंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी को 'बीइंग ह्यूमन' ब्रांड का उपयोग करने के लिए आधिकारिक लाइसेंस दे दिया था। इसके बाद ज्वैलरी के निर्माण, उसकी मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री से जुड़े तमाम कामकाज की पूरी और अकेली जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की ही थी।

यह पूरा विवाद साल 2021 में तब आधिकारिक रूप से सामने आया जब अरुण गुप्ता ने चंडीगढ़ पुलिस के पास अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद सलमान खान, अलवीरा खान अग्निहोत्री और संस्था के अन्य डायरेक्टर्स समेत कई लोगों को समन भेजा था। हालांकि, मामला काफी लंबा खिंच गया और आपसी बातचीत या जांच के जरिए इसका कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकल सका। पीड़ित बिजनेसमैन को न तो उनका डूबा हुआ पैसा वापस मिला और न ही कोई राहत हासिल हुई।

जब पुलिस स्तर पर कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिखा, तो थक-हारकर अरुण गुप्ता ने चंडीगढ़ की जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डॉ. अंबिका शर्मा की अदालत ने सुनवाई की है और सलमान खान, अलवीरा खान तथा बीइंग ह्यूमन से जुड़े डायरेक्टर्स को समन जारी कर अदालत में अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली और बेहद अहम सुनवाई आगामी 5 अक्टूबर को तय की गई है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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