बेटी श्रिया को फिल्म ऑफर कर चौंक गए थे सचिन पिलगांवकर, स्क्रिप्ट मांगने पर हुआ खुलासा
सचिन पिलगांवकर ने बताया कि बेटी श्रिया पिलगांवकर को पहली फिल्म ऑफर करने के बाद वह क्यों खामोश रह गए थे। 2013 की मराठी फिल्म ‘एकुलती एक’ से जुड़ा यह किस्सा और श्रिया के करियर की शुरुआत चर्चा में है।

तस्वीर में बाएं से दाएं: अभिनेता व निर्देशक सचिन पिलगांवकर अपनी बेटी और अभिनेत्री श्रिया पिलगांवकर के साथ। सचिन ने एक शो के दौरान श्रिया के अभिनय करियर की शुरुआत और उनकी पहली फिल्म 'एकुलती एक' से जुड़ा किस्सा साझा किया।
अभिनेता और फिल्म निर्माता सचिन पिलगांवकर उस समय हैरान रह गए, जब उन्होंने अपनी बेटी श्रिया पिलगांवकर को पहली फिल्म में अभिनय करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन श्रिया ने तुरंत हामी भरने के बजाय उनसे फिल्म की पटकथा पढ़ने के लिए मांगी। सचिन ने यह किस्सा क्विज आधारित रियलिटी शो ‘कौन होणार करोड़पति’ के विशेष एपिसोड में साझा किया। इस कार्यक्रम की मेजबानी माधुरी दीक्षित ने की।
फिल्म ‘कापूस कोंड्याची गोष्ट’ के प्रचार के लिए सचिन पिलगांवकर और अभिनेत्री मधुरानी गोखले, माधुरी दीक्षित के साथ बातचीत में शामिल हुए थे। इसी दौरान सचिन ने बताया कि श्रिया को पहली फिल्म का प्रस्ताव देने का विचार कैसे आया।
सचिन के मुताबिक, श्रिया ने एक दस मिनट के नाटक में अभिनय किया था और उसे देखने के लिए अपने पिता सचिन तथा मां और अभिनेत्री सुप्रिया पिलगांवकर को आमंत्रित किया था। नाटक के पहले ही दृश्य में श्रिया का अभिनय देखकर सचिन को उनकी अभिनय क्षमता का अहसास हो गया। इसके बाद घर लौटते समय उन्होंने श्रिया से कहा कि वह एक फिल्म बनाने के बारे में सोच रहे हैं और चाहते हैं कि वह उसमें अभिनय करें।
सचिन ने बताया कि श्रिया को नाटक में देखने से पहले उनके मन में कभी यह विचार नहीं आया था कि वह अपनी बेटी को फिल्म में अभिनय का अवसर दें। उन्होंने कहा, “पहली बार जब मैंने उसे अभिनय करते देखा, तो वह सिर्फ दस मिनट का नाटक था। उसने सुप्रिया और मुझे इसे देखने के लिए बुलाया था और पहले ही दृश्य में मुझे लगा कि उसमें कुछ खास है। घर लौटते समय मैंने उससे कहा, ‘श्रिया, मेरा एक फिल्म बनाने का मन है और मैं चाहूंगा कि तुम उसमें अभिनय करो।’ उसे अभिनय करते देखने के बाद ही मेरे मन में यह विचार आया। इससे पहले ऐसा कभी नहीं सोचा था।”
हालांकि, श्रिया की प्रतिक्रिया उनकी अपेक्षा से अलग थी। उन्होंने तुरंत फिल्म करने के लिए सहमति देने के बजाय पहले पटकथा पढ़ने की इच्छा जताई। सचिन ने बताया कि बेटी के इस सीधे जवाब से वह कुछ पल के लिए खामोश रह गए।
श्रिया के जवाब को याद करते हुए सचिन ने कहा, “उसने तुरंत कहा, ‘मुझे पटकथा दीजिए। मैं इसे पढ़ूंगी और फिर आपको बताऊंगी।’ मैं खामोश हो गया। मैंने सोचा, आखिर वह मेरी बेटी है।”
इसके बाद श्रिया ने पटकथा पढ़ी, उन्हें कहानी पसंद आई और उन्होंने फिल्म में अभिनय करने का फैसला किया। यह फिल्म मराठी नाटक ‘एकुलती एक’ थी, जो 2013 में रिलीज हुई थी। सचिन पिलगांवकर ने ही इस फिल्म की कहानी लिखी, इसका निर्देशन किया और इसका निर्माण भी किया। पिता और बेटी के रिश्ते पर आधारित इस फिल्म से श्रिया ने बड़े पर्दे पर मुख्य अभिनेत्री के रूप में शुरुआत की।
सचिन ने बताया कि श्रिया को अपनी पहली ही फिल्म के लिए कई पुरस्कार मिले। इसके बाद उन्होंने अपने दम पर फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। सचिन के अनुसार, श्रिया ने अपनी जगह खुद बनाई और अपने करियर का रास्ता स्वयं तय किया।
दो स्थापित अभिनेताओं की बेटी होने के बावजूद श्रिया ने फिल्मों और डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में स्वतंत्र रूप से अपना करियर आगे बढ़ाया। वर्ष 2016 में उन्होंने मनीष शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘फैन’ से हिंदी फिल्मों में शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने शाहरुख खान के किरदार गौरव की दोस्त नेहा की भूमिका निभाई थी।
श्रिया की अन्य फिल्मों में ‘हाउस अरेस्ट’, ‘भंगड़ा पा ले’, ‘हाथी मेरे साथी’, ‘कादन’, ‘इश्क-ए-नादान’ और ‘ड्राई डे’ शामिल हैं। उन्होंने डिजिटल मंचों पर भी अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। उनकी प्रमुख वेब सीरीज में ‘मिर्जापुर’, ‘द गॉन गेम’, ‘क्रैकडाउन’, ‘गिल्टी माइंड्स’, ‘द ब्रोकन न्यूज’ और ‘ताजा खबर’ शामिल हैं। हाल ही में वह ‘मंडला मर्डर्स’ और ‘छल कपट: द डिसेप्शन’ जैसी सीरीज में भी नजर आईं।
सचिन पिलगांवकर का यह किस्सा श्रिया के अभिनय करियर की शुरुआत के उस फैसले को सामने लाता है, जिसमें उन्होंने पिता से फिल्म का प्रस्ताव मिलने के बाद भी पटकथा पढ़कर अपनी सहमति देने का निर्णय लिया था। आगे चलकर श्रिया ने फिल्मों और वेब सीरीज में काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।

