भारतीय सिनेमा में जब भी बड़े कैनवास, धांसू विजुअल्स और समाज को आईना दिखाने वाली फिल्मों की बात होती है, तब सबसे पहले नाम आता है S. Shankar का। इन दिनों एक बार फिर शंकर चर्चा में हैं क्योंकि उनकी हालिया फिल्में “इंडियन 2” और “गेम चेंजर” बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक कमाल नहीं दिखा पाईं, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम आज भी इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे महंगे डायरेक्टर्स में गिना जाता है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी पुरानी फिल्मों के विजुअल्स, स्टोरीटेलिंग और बड़े विजन को याद कर रहे हैं। यही वजह है कि शंकर फिर से ट्रेंड में हैं।

तमिलनाडु के कुंभकोणम में जन्मे शंकर का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। मैकेनिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने टाइपराइटिंग कंपनी में नौकरी की, लेकिन दिल फिल्मों में बसता था। शुरुआत में छोटे-मोटे रोल किए, फिर असिस्टेंट डायरेक्टर बने और आखिरकार 1993 में “जेंटलमैन” से डायरेक्शन में धमाकेदार एंट्री मारी। उस दौर में इतनी बड़ी स्केल की फिल्म बनाना बहुत बड़ा रिस्क माना जाता था, लेकिन शंकर ने पहली ही फिल्म से बता दिया कि वो अलग सोच लेकर आए हैं। इस फिल्म ने उन्हें फिल्मफेयर और तमिलनाडु स्टेट अवॉर्ड दिलाया और यहीं से शुरू हुआ एक ऐसा सफर जिसने भारतीय सिनेमा का स्तर बदल दिया।

शंकर की सबसे बड़ी ताकत रही है सामाजिक मुद्दों को कमर्शियल मसाला फिल्मों में पेश करना। “इंडियन” में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई हो, “मुधलवन” में सिस्टम पर सवाल, “अन्नियन” में मानसिक संघर्ष या “नायक” में राजनीति की पोल खोलती कहानी, उनकी हर फिल्म में एंटरटेनमेंट के साथ एक मैसेज जरूर होता है। यही वजह है कि उनकी फिल्में सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहीं बल्कि लोगों की सोच पर भी असर डालती रहीं। “नायक” भले ही थिएटर में फ्लॉप रही, लेकिन टीवी पर बार-बार आने के बाद उसने कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया और आज भी उसे बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक पॉलिटिकल फिल्मों में गिना जाता है।

अगर विजुअल्स और टेक्नोलॉजी की बात करें तो शंकर को इंडियन सिनेमा का गेम चेंजर कहना गलत नहीं होगा। Rajinikanth के साथ उनकी जोड़ी ने “शिवाजी”, “एंथिरन” और “2.0” जैसी फिल्मों से इतिहास रच दिया। “शिवाजी” उस समय भारत की सबसे महंगी फिल्म बनी, जबकि “एंथिरन” और “2.0” ने भारतीय सिनेमा को इंटरनेशनल लेवल पर नई पहचान दी। “2.0” तो 2018 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी। शंकर की फिल्मों में इस्तेमाल हुए स्पेशल इफेक्ट्स इतने जबरदस्त रहे कि उनकी छह फिल्मों को नेशनल अवॉर्ड फॉर बेस्ट स्पेशल इफेक्ट्स मिला। यही कारण है कि उन्हें सिर्फ डायरेक्टर नहीं बल्कि विजुअल मास्टरमाइंड कहा जाता है।

शंकर और A. R. Rahman की जोड़ी भी इंडियन सिनेमा की सबसे आइकॉनिक जोड़ियों में शामिल है। “काधलन”, “जीन्स”, “बॉय्स”, “शिवाजी” और “एंथिरन” जैसी फिल्मों का म्यूजिक आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में छाया रहता है। खास बात ये है कि शंकर हमेशा अपनी फिल्मों में टेक्नोलॉजी, म्यूजिक और इमोशन का ऐसा कॉम्बिनेशन लाते हैं जो दर्शकों को थिएटर में सीट से बांधे रखता है। यही वजह है कि उनकी फिल्मों का इंतजार सिर्फ साउथ में नहीं बल्कि पूरे देश में होता है।

हालांकि पिछले कुछ सालों में उनका करियर उतार-चढ़ाव से गुजरा है। “इंडियन 2” और “गेम चेंजर” से लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन दोनों फिल्में वैसा कमाल नहीं दिखा पाईं जैसा शंकर की पुरानी फिल्मों ने किया था। फिर भी फैंस को “इंडियन 3” और “वेलपारी” से बड़ी उम्मीदें हैं। शंकर का नाम आज भी उस दौर की याद दिलाता है जब भारतीय सिनेमा सिर्फ कहानी नहीं बल्कि विजुअल एक्सपीरियंस बनकर सामने आता था। यही वजह है कि हर नई फिल्म के साथ लोग आज भी पूछते हैं, “इस बार शंकर क्या नया धमाका करने वाले हैं?”

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story