छत्रपति की विरासत पर चोट! रितेश देशमुख का दहाड़ता जवाब— 'करोड़ों साल तक अमर रहेगा महाराज का नाम'।
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत पर की गई टिप्पणी को रितेश देशमुख ने ऐतिहासिक अपमान बताया है।

फिल्म 'राजा शिवाजी' के रूप में रितेश देशमुख (बाएं) और बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेन्द्र शास्त्री (दाएं)।
छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत पर विवादित टिप्पणी: एक्टर रितेश देशमुख ने बागेश्वर बाबा को दिया कड़ा जवाब
मराठा साम्राज्य के संस्थापक और करोड़ों भारतीयों के आराध्य छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवशाली विरासत पर हाल ही में दिए गए एक विवादित बयान ने महाराष्ट्र सहित पूरे देश में वैचारिक उबाल पैदा कर दिया है। स्वराज्य के प्रतीक और महान योद्धा राजा के इतिहास को लेकर बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा की गई टिप्पणी पर अभिनेता रितेश देशमुख ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रितेश देशमुख, जो स्वयं छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित एक महत्वाकांक्षी फिल्म 'राजा शिवाजी' लेकर आ रहे हैं, ने इस अपमान को अस्वीकार्य और आक्रोशजनक करार दिया है।
इस विवाद की जड़ें नागपुर में आयोजित एक धार्मिक समारोह से जुड़ी हैं, जहां बागेश्वर बाबा ने दावा किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज युद्ध लड़ते-लड़ते थक गए थे और उन्होंने अपना मुकुट समर्थ रामदास स्वामी के चरणों में रखकर आराम करने की इच्छा जताई थी। इस बयान को ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ और महाराज के अडिग साहस के अपमान के रूप में देखा जा रहा है। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, शिवभक्तों और इतिहासकारों ने इसे भ्रामक बताते हुए कड़ी आलोचना शुरू कर दी। इसी क्रम में रितेश देशमुख ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया मंच 'X' पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की।
रितेश देशमुख ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि जब कोई हमारे पूजनीय देवता के बारे में विकृत और आधारहीन बातें करता है, तो एक शिवप्रेमी के रूप में उसे बर्दाश्त करना असंभव है। उन्होंने लिखा कि विरासत को नीचा दिखाने के ऐसे व्यर्थ प्रयास कभी सफल नहीं होंगे क्योंकि महाराज का नाम सह्याद्री की पर्वत श्रृंखलाओं की तरह शाश्वत है। रितेश की यह प्रतिक्रिया केवल एक अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर आई है जो पिछले कई वर्षों से शिवाजी महाराज के प्रारंभिक जीवन और स्वराज्य की स्थापना के संघर्ष को फिल्मी पर्दे पर जीवंत करने के लिए शोध कर रहा है।
फिल्म 'राजा शिवाजी' के निर्माण के दौरान रितेश और उनकी पत्नी जेनेलिया देशमुख कई बार भावुक होते देखे गए हैं। हाल ही में हुए ट्रेलर लॉन्च के दौरान रितेश ने स्वीकार किया था कि इस महान व्यक्तित्व की भूमिका निभाना उनके लिए एक आध्यात्मिक अनुभव रहा है। ऐसे में बागेश्वर बाबा द्वारा महाराज को 'थका हुआ' और 'टूटा हुआ' बताना उन करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है जो उन्हें अजेय शक्ति का प्रतीक मानते हैं। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है और इस विवाद ने इसे लेकर जारी चर्चाओं को एक नया मोड़ दे दिया है।
शिवाजी महाराज का इतिहास उनके कभी न हार मानने वाले जज्बे और रणनीतिक चातुर्य का प्रमाण है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों से ऐसे महापुरुषों के बारे में बात करते समय ऐतिहासिक सत्यता का ध्यान रखना अनिवार्य है। रितेश देशमुख का यह पलटवार दर्शाता है कि महाराष्ट्र के अस्मिता और उसके नायकों के सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा। फिलहाल इस मामले पर बागेश्वर धाम की ओर से कोई नई सफाई पेश नहीं की गई है, लेकिन रितेश देशमुख के इस कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि आस्था और इतिहास के नाम पर तथ्यों को तोड़ना-मरोड़ना अब बर्दाश्त नहीं होगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
