कौन हैं ऋषभ शेट्टी? ‘कांतारा’ से पूरे देश को झुमा देने वाला साउथ का देसी सुपरस्टार
उडुपी के एक छोटे गांव से निकलकर भारतीय सिनेमा के 'कंटेंट किंग' बनने वाले ऋषभ शेट्टी के संघर्ष और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा।

फिल्म 'कांतारा' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक ऋषभ शेट्टी का एक फोटोशूट।
आज अगर पूरे देश में किसी कन्नड़ स्टार की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह नाम है Rishab Shetty। ‘कांतारा’ की गूंज सिर्फ थिएटर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा की सोच ही बदल दी। देसी संस्कृति, लोककथाओं और रॉ इमोशन को जिस अंदाज में ऋषभ शेट्टी ने पर्दे पर उतारा, उसने उन्हें रातों-रात पैन इंडिया सेंसेशन बना दिया। यही वजह है कि आज हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह कलाकार कौन है, जिसने बिना बड़े बॉलीवुड सपोर्ट के पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया।
7 जुलाई 1983 को कर्नाटक के उडुपी जिले के केराडी गांव में जन्मे ऋषभ शेट्टी का असली नाम प्रशांत शेट्टी था। साधारण परिवार से आने वाले ऋषभ का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। पढ़ाई के दौरान उन्होंने यक्षगान जैसे पारंपरिक थिएटर में हिस्सा लेना शुरू किया और वहीं से एक्टिंग का जुनून पैदा हुआ। बेंगलुरु में बी.कॉम की पढ़ाई करते हुए उन्होंने पानी के कैन बेचने से लेकर होटल और रियल एस्टेट तक कई छोटे-मोटे काम किए। फिल्मों में मौका पाने के लिए उन्होंने क्लैप बॉय, स्पॉट बॉय और असिस्टेंट डायरेक्टर तक का काम किया। लेकिन इसी संघर्ष ने उन्हें जमीन से जुड़ा कलाकार बनाया।
ऋषभ ने 2012 में ‘तुगलक’ से एक्टिंग की शुरुआत की, लेकिन असली पहचान उन्हें ‘उलिदावरु कंदंथे’ और ‘लूसिया’ जैसी फिल्मों से मिली। इसके बाद उन्होंने डायरेक्शन में कदम रखा और ‘रिकी’ बनाई। हालांकि यह फिल्म औसत रही, लेकिन उसी साल आई ‘किरिक पार्टी’ ने इतिहास रच दिया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इंडस्ट्री हिट साबित हुई और ऋषभ को बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर और साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड दिला गई। इसके बाद ‘सर्कारी हाय. प्रा. शाले कासरगोडु’ जैसी फिल्मों से उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ कमर्शियल नहीं बल्कि कंटेंट सिनेमा के भी मास्टर हैं। इस फिल्म को नेशनल अवॉर्ड तक मिला।
एक्टर के तौर पर ऋषभ का असली जलवा ‘बेल बॉटम’ और ‘गरुड़ा गमना वृषभ वाहन’ में देखने को मिला। ‘गरुड़ा गमना वृषभ वाहन’ में मंगलुरु के गैंगस्टर हरी के किरदार ने दर्शकों को हिला दिया। लेकिन फिर आई ‘कांतारा’, जिसने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। इस फिल्म में उन्होंने सिर्फ एक्टिंग ही नहीं की, बल्कि निर्देशन से भी कमाल कर दिया। पहले सिर्फ कन्नड़ में रिलीज हुई यह फिल्म बाद में कई भाषाओं में डब हुई और पूरे भारत में छा गई। लोक संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ी कहानी ने दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि फिल्म कन्नड़ सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई। ‘कांतारा’ के लिए ऋषभ शेट्टी ने नेशनल अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का खिताब अपने नाम किया, जबकि फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म का सम्मान भी मिला।
आज ऋषभ शेट्टी सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि कन्नड़ सिनेमा की नई पहचान बन चुके हैं। उनकी फिल्मों में गांव की मिट्टी की खुशबू, लोककथाओं की ताकत और आम इंसान की सच्चाई दिखाई देती है। यही वजह है कि दर्शक उन्हें “रियल कंटेंट किंग” मानते हैं। अब उनकी अगली बड़ी फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है, जिसमें वह चार अलग-अलग किरदार निभाते नजर आएंगे। फैंस को उम्मीद है कि यह फिल्म भी भारतीय सिनेमा में नया इतिहास रचेगी।

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