रवि किशन के पत्नी वाले बयान पर बनें मजाक ने बढ़ाई चर्चा ; देखें जगदंबिका पाल का वायरल जवाब
लोकसभा में भाजपा सांसद रवि किशन ने महिला सम्मान पर बोलते हुए पत्नी के प्रति अपने अनोखे सम्मान का जिक्र किया, जिससे सदन में ठहाके गूंज उठे। जगदंबिका पाल की टिप्पणी और सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच यह बयान चर्चा का केंद्र बन गया।

अपनी पत्नी प्रीति शुक्ला के साथ सांसद रवि किशन।
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान उस समय एक अप्रत्याशित लेकिन चर्चित क्षण सामने आया, जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने महिलाओं के सम्मान पर अपनी बात रखते हुए एक निजी अनुभव साझा किया। गंभीर बहस के बीच उनकी यह टिप्पणी न केवल सदन में हल्की-फुल्की मुस्कान का कारण बनी, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गई।
महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए रवि किशन ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ‘संस्कार’ का अभिन्न हिस्सा है। इसी क्रम में उन्होंने अपनी पत्नी के प्रति अपने व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि वे उनके चरण स्पर्श करते हैं। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “हम छूते हैं... और सबको छूना चाहिए। ये ही लक्ष्मी हैं, ये ही देवी हैं।” अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उन्होंने जोड़ा, “जब मेरे पास पैसा नहीं था, जब मैं संघर्ष कर रहा था, तब मेरी पत्नी मेरे साथ थी... तो मैं उनके पैर क्यों न छूं?”
इस दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि उनकी पत्नी उन्हें ऐसा करने से रोकती हैं, इसलिए वे तब उनके पैर छूते हैं जब वह गहरी नींद में होती हैं। इस टिप्पणी के बाद सदन में ठहाके गूंज उठे। यह बयान उस समय आया जब भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने मजाकिया अंदाज में रवि किशन को उनकी पत्नी के चुनाव प्रचार में योगदान को लेकर चुटकी ली थी।
Don’t know why Jagdambika ji was laughing/giggling or pulling his leg. Ravi Kishen said all the right things. Yes he has acted in some films which may have objectified women but his conduct as an MP and a family man is spotless. ‘Patnivratra’ is not a malaprop. It’s 2026 pic.twitter.com/AQi53uumd1
— Smita Prakash (@smitaprakash) April 18, 2026
रवि किशन की इस टिप्पणी के बाद जगदंबिका पाल ने भी हंसी-ठिठोली करते हुए कहा, “अब आपका काम बन गया... दूर-दूर तक संदेश चला गया कि ऐसा भी कोई पत्नी-व्रता है।” इस पूरे घटनाक्रम ने सदन के माहौल को कुछ समय के लिए हल्का बना दिया, जबकि चर्चा का विषय गंभीर विधायी मुद्दा था। हालांकि, इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने जगदंबिका पाल की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए उनकी आलोचना की, वहीं कई लोगों ने रवि किशन को ‘फैमिली मैन’ के रूप में सराहा और उनके विचारों को पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक बताया।
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो रवि किशन का विवाह 10 दिसंबर 1993 को प्रीति शुक्ला से हुआ था। दोनों का प्रेम संबंध स्कूल के दिनों से ही शुरू हुआ था। इस दंपति के चार बच्चे हैं तीन बेटियां रीवा, तनिष्क और इशिता, तथा एक बेटा सक्षम।
लोकसभा में दिया गया यह बयान केवल एक व्यक्तिगत अनुभव भर नहीं रहा, बल्कि इसने महिला सम्मान, पारिवारिक मूल्यों और सार्वजनिक मंचों पर निजी विचारों की अभिव्यक्ति जैसे विषयों पर एक नई बहस को जन्म दिया है। यह घटना दर्शाती है कि राजनीतिक विमर्श के बीच भी व्यक्तिगत संवेदनाएं और सांस्कृतिक मूल्य किस प्रकार अपनी जगह बना लेते हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
