भारतीय सिनेमा के ऊर्जावान अभिनेता रणवीर सिंह ने एक बार फिर मनोरंजन जगत में हलचल मचा दी है। 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' जैसी बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमाने के बाद, अब अभिनेता एक ऐसे प्रोजेक्ट की ओर कदम बढ़ा रहे हैं जो उनके करियर का सबसे महत्वाकांक्षी उपक्रम माना जा रहा है। ताजा खबरों के अनुसार, रणवीर सिंह मशहूर लेखक अमीश त्रिपाठी की विश्व प्रसिद्ध 'शिव ट्रिलॉजी' की पहली पुस्तक 'द इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा' पर आधारित फिल्म में भगवान शिव का किरदार निभाते नजर आएंगे। यह खबर सामने आते ही सिने-प्रेमियों और पाठकों के बीच उत्साह का माहौल है, क्योंकि इस पौराणिक और काल्पनिक कहानी को बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार वर्षों से किया जा रहा था।

इस वृहद प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि रणवीर सिंह ने स्वयं इस कहानी की क्षमता को पहचानते हुए इसके राइट्स खरीदे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अभिनेता ने इस ट्रिलॉजी के राइट्स प्राप्त करने के लिए एक मोटी रकम चुकाई है, जिसे फिलहाल गुप्त रखा गया है। फिल्म का निर्माण रणवीर सिंह के अपने प्रोडक्शन हाउस 'मां कसम फिल्म्स' के बैनर तले होगा, जिसमें उन्होंने बिरला स्टूडियोज के साथ साझेदारी की है। मेकर्स की योजना इस कहानी को एक बड़े सिनेमैटिक यूनिवर्स के रूप में विकसित करने की है, जिसके तहत कहानी को तीन अलग-अलग भागों में दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। वर्तमान में फिल्म के स्क्रीनप्ले पर तेजी से काम चल रहा है ताकि अमीश त्रिपाठी की भव्य दुनिया को पर्दे पर जीवंत किया जा सके।

फिल्म के निर्माण कार्यक्रम और रणवीर सिंह की अन्य प्रतिबद्धताओं की बात करें तो, 'द इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा' के पहले भाग की शूटिंग साल 2028 में शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले अभिनेता अपने अन्य पेंडिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करेंगे। वह साल 2027 में निर्देशक आदित्य धर की एक बड़ी एक्शन फिल्म की शूटिंग करेंगे और उससे पहले अगस्त 2026 में जय मेहता की फिल्म 'प्रलय' के सेट पर नजर आएंगे। 'मेलुहा' के निर्देशक के नाम को लेकर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि जब स्क्रीनप्ले एक निश्चित स्तर तक तैयार हो जाएगा, तब मेकर्स एक ऐसे निर्देशक का चुनाव करेंगे जो इस पौराणिक गाथा की भव्यता के साथ न्याय कर सके।

'द इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा' की कहानी सिंधु घाटी सभ्यता के कालखंड, यानी लगभग 1900 ईसा पूर्व की काल्पनिक पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें भगवान शिव को एक साधारण तिब्बती प्रवासी के रूप में दिखाया गया है, जो अपनी वीरता और सत्य के प्रति निष्ठा के कारण मेलुहा के रक्षक और अंततः महादेव बन जाते हैं। रणवीर सिंह के लिए यह किरदार न केवल चुनौतीपूर्ण होगा, बल्कि उनके अभिनय कौशल को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकता है। फिल्म का स्केल और कहानी की गहराई इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी माइथोलॉजिकल फिल्मों की श्रेणी में खड़ा करती है।

इस प्रोजेक्ट का समापन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। जिस तरह से रणवीर सिंह ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी के माध्यम से इस कहानी को वैश्विक स्तर पर ले जाने का बीड़ा उठाया है, वह उनके विजन को दर्शाता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह ट्रिलॉजी भारतीय पौराणिक कथाओं को पेश करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगी। जैसे-जैसे फिल्म की कास्टिंग और प्री-प्रोडक्शन का काम आगे बढ़ेगा, फिल्म जगत की निगाहें इस 'महादेव' अवतार पर टिकी रहेंगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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