रामानंद सागर की रामायण का सोनी पल पर होगा पुनः प्रसारण
फ्री-टू-एयर मनोरंजन चैनल सोनी पल अपने आध्यात्मिक प्रसारणों की श्रृंखला को मजबूत करने के उद्देश्य से इस पौराणिक धारावाहिक को प्रसारित करेगा।

तस्वीर में रामानंद सागर द्वारा निर्मित धारावाहिक 'रामायण' के मुख्य कलाकार पारंपरिक वेशभूषा और मुकुट पहने हुए एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं, जिसके आगे हिंदी में 'रामानन्द सागर कृत रामायण' लिखा हुआ है।
भारतीय टेलीविजन इतिहास की सबसे चर्चित और कालजयी धार्मिक गाथा ‘रामायण’ एक बार फिर दर्शकों के सामने लौट रही है। भारत के लोकप्रिय फ्री-टू-एयर मनोरंजन चैनल्स में से एक Sony PAL अपने दर्शकों के लिए वह प्रस्तुति लेकर आ रहा है, जिसने एक समय पूरे देश को टीवी स्क्रीन के सामने एकजुट कर दिया था।
रामानंद सागर की कालजयी गाथा Ramanand Sagar द्वारा निर्मित ‘रामायण’ अब 6 जुलाई से प्रतिदिन रात 8 बजे सोनी पल पर प्रसारित की जाएगी। वर्ष 1987 में पहली बार प्रसारित हुई यह धारावाहिक केवल एक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, भावना और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन गई। 78 एपिसोड्स वाली इस गाथा ने हर रविवार परिवारों को एक साथ बैठकर देखने के लिए प्रेरित किया और समय के साथ यह भारतीय सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गई।
हनुमान और यशोमती मैया जैसे धार्मिक कार्यक्रमों को दर्शकों से मिली व्यापक सराहना के बाद सोनी पल ने अपने आध्यात्मिक प्रसारणों की श्रृंखला को और मजबूत करते हुए ‘रामायण’ को अपने कार्यक्रम सूची में शामिल किया है। चैनल का उद्देश्य दर्शकों को आस्था, शांति और जीवन मूल्यों से जोड़ने वाले कार्यक्रम उपलब्ध कराना है।
‘रामायण’ के केंद्र में भगवान श्रीराम हैं, जिन्हें मर्यादा, करुणा और साहस का प्रतीक माना जाता है। माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ उनकी यात्रा कर्तव्य, समर्पण और संघर्ष के मूल्यों को दर्शाती है, जो आज भी समाज को गहराई से प्रभावित करती है। इस धारावाहिक की कथा और प्रस्तुति ने इसे केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का सशक्त माध्यम बना दिया है।
सोनी पल के प्रवक्ता ने कहा कि ‘रामायण केवल एक कहानी नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक स्मृतियों और आस्था का हिस्सा है। यह ऐसी गाथा है जो आज भी लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने की शक्ति रखती है।’ उन्होंने आगे कहा कि इसके पुनः प्रसारण के साथ चैनल अर्थपूर्ण और भावनात्मक रूप से जुड़ने वाले मनोरंजन की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है।
इस प्रकार, भारत की इस कालजयी गाथा का एक बार फिर अनुभव दर्शक 6 जुलाई से रात 8 बजे केवल Sony PAL पर कर सकेंगे, जो आस्था और संस्कृति के संगम को पुनः जीवंत करेगा।

Pratahkal Bureau
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