इन दिनों साउथ सिनेमा की बात हो और रक्षित शेट्टी का नाम ना आए, ऐसा होना मुश्किल है। कभी ‘777 चार्ली’ की इमोशनल कहानी लोगों को रुला देती है, तो कभी ‘सप्त सागरदाचे एलो’ में उनका शांत लेकिन दिल तोड़ देने वाला किरदार सोशल मीडिया पर छा जाता है। रक्षित सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि ऐसे फिल्ममेकर हैं जिन्होंने कन्नड़ सिनेमा को नई पहचान दी। उनकी फिल्मों में मसाला कम और दिल से जुड़ी कहानियां ज्यादा होती हैं, यही वजह है कि फैंस उन्हें प्यार से ‘सिंपल स्टार’ कहते हैं।

6 जून 1983 को उडुपी में जन्मे रक्षित शेट्टी का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दो साल तक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर काम किया, लेकिन उनका दिल एक्टिंग और थिएटर में बसता था। बचपन में वह तुलु नाडु के लोकनृत्य और ‘पिली नलिके’ डांस से जुड़े रहे, जिसने उनकी फिल्मों में लोक संस्कृति का गहरा रंग भर दिया। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में रियल लोकेशन, लोकल बोली और जमीन से जुड़ी कहानियां देखने को मिलती हैं।

रक्षित ने 2010 में ‘नम एरियल ओंड दीना’ से एक्टिंग की शुरुआत की, लेकिन असली पहचान उन्हें ‘सिंपल आगी ओंध लव स्टोरी’ से मिली। इस रोमांटिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया और रक्षित रातोंरात ‘सिंपल स्टार’ बन गए। इसके बाद उन्होंने ‘उलिदावरु कंदंथे’ से बतौर डायरेक्टर और राइटर ऐसा कमाल दिखाया कि पूरी इंडस्ट्री हैरान रह गई। यह कन्नड़ सिनेमा की पहली ऐसी फिल्मों में थी जिसे पूरी तरह सिंक साउंड टेक्नोलॉजी में शूट किया गया। फिल्म की स्टोरीटेलिंग और रियलिस्टिक अंदाज ने इसे कल्ट स्टेटस दिला दिया। इसी फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर और कर्नाटक स्टेट अवॉर्ड भी मिला।

इसके बाद रक्षित ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘गोधी बन्ना साधारण मायकट्टू’, ‘किरिक पार्टी’, ‘अवाने श्रीमन्नारायण’, ‘777 चार्ली’ और ‘सप्त सागरदाचे एलो’ जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा का सबसे भरोसेमंद स्टार बना दिया। खासतौर पर ‘777 चार्ली’ ने पूरे देश में तहलका मचा दिया। एक इंसान और उसके पालतू कुत्ते के रिश्ते पर बनी इस फिल्म ने लोगों को भावुक कर दिया और यह उनके करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। वहीं ‘किरिक पार्टी’ आज भी युवाओं की फेवरेट कॉलेज ड्रामा फिल्मों में गिनी जाती है।

रक्षित सिर्फ कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी बड़े खिलाड़ी हैं। उनका प्रोडक्शन हाउस ‘परमवाह स्टूडियोज’ नई सोच वाली फिल्मों को सपोर्ट करता है। उन्होंने ‘पिनाका स्टूडियोज’ के जरिए वीएफएक्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी बड़ा काम किया। ‘अवाने श्रीमन्नारायण’ जैसी फिल्मों में हजारों वीएफएक्स शॉट्स इस्तेमाल कर उन्होंने यह साबित किया कि कन्नड़ सिनेमा भी विजुअल लेवल पर किसी से कम नहीं है। यही कारण है कि आज नई पीढ़ी के फिल्ममेकर उन्हें प्रेरणा मानती है।

उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी चर्चा में रही। ‘किरिक पार्टी’ के दौरान रश्मिका मंदाना के साथ उनका रिश्ता खूब सुर्खियों में रहा और दोनों की सगाई भी हुई, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके अलावा कॉपीराइट विवादों को लेकर भी उनका नाम खबरों में आया, हालांकि रक्षित हमेशा अपने काम और फिल्मों पर फोकस करते नजर आए। आज उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, तीन फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड, कई कर्नाटक स्टेट अवॉर्ड और एसआईआईएमए अवॉर्ड दर्ज हैं। सबसे खास बात यह है कि रक्षित शेट्टी ने साबित किया कि बिना बड़े स्टारडम और ओवर-द-टॉप मसाले के भी अच्छी कहानी से लोगों के दिल जीते जा सकते हैं।

Pratahkal Newsroom

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