चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को मिली अंतरिम राहत ; जानिए 18 मार्च 2026 तक कोर्ट ने क्या-क्या हिदायतें दी हैं
₹9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से 18 मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत मिली। ₹1.5 करोड़ जमा करने और जमानत बांड भरने के बाद मिली राहत के बीच मामला अभी विचाराधीन है।

राजपाल यादव
हास्य अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को लंबी कानूनी जंग के बीच बड़ी राहत मिली है। ₹9 करोड़ के चेक बाउंस और ऋण विवाद मामले में तिहाड़ जेल में बंद रहे अभिनेता को दिल्ली हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत प्रदान की है। अदालत ने उनकी सज़ा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए 18 मार्च 2026 तक राहत दी है, ताकि वे पारिवारिक कारणों से अपनी भतीजी की शादी में शामिल हो सकें।
क्या है पूरा मामला:
यह विवाद वर्ष 2012 में बनी फिल्म Ata Pata Laapata से जुड़ा है। बताया जाता है कि फिल्म निर्माण के लिए राजपाल यादव ने लगभग ₹5 करोड़ का ऋण लिया था। समय के साथ ब्याज और दंडात्मक शुल्क जुड़ते गए और कुल बकाया राशि लगभग ₹9 करोड़ तक पहुंच गई।
आरोप है कि इस ऋण के भुगतान के लिए जारी किए गए कई पोस्ट-डेटेड चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला आपराधिक प्रकृति का बन गया। यह केस Negotiable Instruments Act की धारा 138 (चेक बाउंस) के तहत दर्ज किया गया। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, भुगतान प्रतिबद्धताओं का बार-बार पालन न करने के कारण फरवरी 2026 की शुरुआत में हाईकोर्ट ने उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया।
किन शर्तों पर मिली राहत:
दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए कुछ स्पष्ट शर्तें निर्धारित कीं—
- अभिनेता ने शिकायतकर्ता के पक्ष में ₹1.5 करोड़ की राशि जमा कराई है।
- ₹1 लाख का जमानत बांड और एक ज़मानती प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया।
- 18 मार्च 2026 को अगली सुनवाई में अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत केवल अस्थायी है और मूल मामला अभी विचाराधीन है।
कानूनी संकट के इस दौर में फिल्म उद्योग से भी उन्हें समर्थन मिला। सूत्रों के अनुसार अभिनेता सोनू सूद, गुरमीत चौधरी और सलमान खान सहित कई हस्तियों ने नैतिक और संभावित आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया। हालांकि अदालत में हुई कार्यवाही पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत संपन्न हुई। 18 मार्च 2026 को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी। अंतरिम जमानत ने भले ही अभिनेता को अस्थायी राहत दी हो, लेकिन ₹9 करोड़ के इस वित्तीय विवाद की कानूनी पेचीदगियां अभी शेष हैं।
फिल्मी परदे पर दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव के लिए यह मामला निजी और पेशेवर दोनों स्तरों पर अहम साबित हो रहा है। अदालत की अगली सुनवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि यह राहत स्थायी रूप लेती है या कानूनी संघर्ष आगे और गहराता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
