आज अगर बॉलीवुड में किसी ऐसे एक्टर की बात होती है जो हर किरदार में खुद को पूरी तरह घोल देता है, तो सबसे पहले नाम आता है Rajkummar Rao का। कभी सीरियस ड्रामा, कभी डार्क कॉमेडी, कभी हॉरर और कभी छोटे शहर के लड़के का रोल, राजकुमार राव ने हर बार अपनी एक्टिंग से लोगों को चौंकाया है। हाल ही में ‘स्त्री 2’ और ‘भूल चूक माफ’ की सफलता के बाद वह फिर से चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनकी कॉमिक टाइमिंग, रियलिस्टिक एक्टिंग और लगातार बदलते किरदारों की खूब बातें हो रही हैं। यही वजह है कि आज उन्हें बॉलीवुड का सबसे भरोसेमंद और एक्सपेरिमेंटल स्टार माना जाता है।

हरियाणा के गुरुग्राम के प्रेम नगर में जन्मे राजकुमार राव का असली नाम राज कुमार यादव था। स्कूल के दिनों से ही उन्हें थिएटर का शौक था और उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के साथ-साथ थिएटर ग्रुप्स में जमकर काम किया। मनोज बाजपेयी को देखकर उनके अंदर अभिनेता बनने का सपना जागा। इसके बाद उन्होंने पुणे के एफटीआईआई में एक्टिंग सीखी और फिर सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गए। शुरुआती दिनों में उन्हें स्टूडियो के चक्कर लगाने पड़े, छोटे रोल करने पड़े, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। ‘लव सेक्स और धोखा’ से उनका डेब्यू हुआ और पहली ही फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस ने लोगों का ध्यान खींच लिया।

इसके बाद ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘तलाश’ और फिर ‘काय पो चे’ ने उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाई, लेकिन असली धमाका हुआ ‘शाहिद’ से। वकील शाहिद आजमी का किरदार निभाकर उन्होंने ऐसा असर छोड़ा कि उन्हें नेशनल अवॉर्ड तक मिल गया। यही वह मोमेंट था जब लोगों ने समझ लिया कि यह लड़का सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि अभिनय की मशीन है। ‘सिटीलाइट्स’, ‘अलीगढ़’, ‘ट्रैप्ड’ और ‘न्यूटन’ जैसी फिल्मों ने साबित कर दिया कि राजकुमार राव किसी भी किरदार में जान डाल सकते हैं। खास बात यह रही कि उन्होंने कभी सिर्फ कमर्शियल सिनेमा के पीछे भागने की बजाय दमदार कहानियों को चुना।

फिर आया वह दौर जिसने उन्हें मास ऑडियंस का फेवरेट बना दिया। ‘बरेली की बर्फी’ में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने लोगों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया और ‘स्त्री’ ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का बड़ा खिलाड़ी बना दिया। हॉरर-कॉमेडी में उनका देसी अंदाज इतना पसंद किया गया कि फिल्म सुपरहिट बन गई। बाद में ‘लूडो’, ‘मोनिका ओ माय डार्लिंग’ और ‘बधाई दो’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाकर फिर साबित किया कि वह हर जॉनर के मास्टर हैं। ‘बधाई दो’ में एक क्लोसेटेड गे पुलिस ऑफिसर का रोल निभाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड भी मिला। उनकी यही हिम्मत उन्हें बाकी एक्टर्स से अलग बनाती है।

हालांकि उनके करियर में फ्लॉप फिल्मों का दौर भी आया, लेकिन राजकुमार राव ने कभी खुद को दोहराने से डर महसूस नहीं किया। ‘श्रीकांत’ में दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोला का रोल निभाकर उन्होंने फिर सबका दिल जीत लिया। इसके बाद ‘स्त्री 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया और यह उनके करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्म बन गई। वहीं ‘भूल चूक माफ’ में टाइम-लूप वाली कॉमेडी ने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। भले ही कुछ लोग उन्हें बार-बार छोटे शहर वाले किरदार करने पर ट्रोल करते हैं, लेकिन उनकी एक्टिंग का जादू हर बार दर्शकों को थिएटर तक खींच लाता है।

राजकुमार राव की पर्सनल लाइफ भी काफी चर्चित रही है। वह लंबे समय तक अभिनेत्री पत्रलेखा को डेट करने के बाद 2021 में शादी के बंधन में बंधे। 2025 में दोनों ने अपनी बेटी का स्वागत किया। एक्टिंग के अलावा वह फिटनेस, थिएटर और समाजसेवा को लेकर भी काफी एक्टिव रहते हैं। कोविड के दौरान उन्होंने राहत फंड में मदद भी की थी। एक साधारण लड़के से नेशनल अवॉर्ड विनिंग स्टार बनने तक का उनका सफर आज लाखों युवाओं के लिए इंस्पिरेशन बन चुका है। यही वजह है कि लोग आज भी पूछते हैं — आखिर राजकुमार राव हर किरदार में इतने असली कैसे लगते हैं?

Next Story