भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना, जिन्हें दुनिया प्यार से 'काका' कहती थी, अपनी पेशेवर सफलता के साथ-साथ अपनी निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव के लिए भी चर्चा में रहे। उनकी मृत्यु के वर्षों बाद भी उनसे जुड़ी कहानियाँ और विवाद अक्सर सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक विवाद अनीता आडवाणी से जुड़ा है, जिन्होंने सुपरस्टार के अंतिम दिनों और उनके परिवार के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। एक पुराने साक्षात्कार में अनीता ने उन परिस्थितियों का विवरण साझा किया था, जिन्होंने बॉलीवुड के इस दिग्गज की अंतिम यात्रा को विवादों के घेरे में ला खड़ा किया।

अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना का रिश्ता किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। अनीता के दावों के अनुसार, उनकी पहली मुलाकात तब हुई थी जब वह स्कूल में पढ़ रही थीं। एक पारिवारिक मित्र के माध्यम से हुई इस मुलाकात ने धीरे-धीरे दोस्ती और फिर एक गहरे लगाव का रूप ले लिया। हालांकि, समय और परिस्थितियों के कारण उनके रास्ते अलग हो गए थे। सालों बाद जब वे दोबारा मिले, तब तक राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया के बीच दूरियां आ चुकी थीं, हालांकि आधिकारिक रूप से उनका तलाक नहीं हुआ था। अनीता के अनुसार, डिंपल ने तलाक के लिए पूरी संपत्ति बच्चों के नाम करने की शर्त रखी थी, जिस पर राजेश खन्ना सहमत नहीं थे।

साल 2006 से अनीता और राजेश खन्ना लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। अनीता का दावा है कि उन्होंने सुपरस्टार की देखभाल तब की जब वे अकेले थे और उनका स्वास्थ्य गिर रहा था। उनके अनुसार, 'काका' को अपने लिवर की बीमारी के बावजूद शराब की लत थी, जिसने उनकी हालत और बिगाड़ दी। इस दौरान अनीता उनके साथ साये की तरह रहीं, जबकि परिवार का कोई सदस्य घर नहीं आता था। अनीता ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे राजेश खन्ना की स्थिति नाजुक हुई, परिवार की सक्रियता बढ़ गई।

अनीता आडवाणी का सबसे गंभीर आरोप वसीयत पर हस्ताक्षर को लेकर था। उन्होंने दावा किया कि जब राजेश खन्ना होश में नहीं थे और भ्रम (hallucinations) की स्थिति में थे, तब उनसे जबरन वसीयत पर हस्ताक्षर करवाए गए। अनीता के अनुसार, सुपरस्टार को अजीब आवाजें सुनाई देती थीं और वे चीजें देख रहे थे जो वहां मौजूद नहीं थीं। इसी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर परिवार ने उन्हें वसीयत साइन करने पर मजबूर किया। अनीता ने यह भी बताया कि वसीयत पर हस्ताक्षर होते ही परिवार का उनके प्रति व्यवहार पूरी तरह बदल गया और उन्हें सुपरस्टार के कमरे से बाहर कर दिया गया।

सुपरस्टार के अंतिम संस्कार के समय का अनुभव साझा करते हुए अनीता ने बताया कि उन्हें उस ट्रक से भी उतार दिया गया था जिसमें राजेश खन्ना का पार्थिव शरीर रखा था। उन्हें बताया गया कि यह स्थान केवल परिवार के लिए है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा उनके रिश्ते को कानूनी मान्यता देने से इनकार करने के बाद अनीता की नाराजगी और बढ़ गई थी। उनके दावे न केवल एक सुपरस्टार की निजी जिंदगी के अकेलेपन को दर्शाते हैं, बल्कि बड़े परिवारों में संपत्ति और उत्तराधिकार को लेकर होने वाले संघर्षों की ओर भी इशारा करते हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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