प्रियंका चोपड़ा ने क्वांटिको की शूटिंग में क्यों खराब किए 95 हजार रुपये के जूते
सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट कैरी टॉबेन ने प्रियंका चोपड़ा के काम के प्रति समर्पण को लेकर खुलासा किया कि कैसे एक्शन दृश्यों के लिए अभिनेत्री ने महंगे जूतों की परवाह नहीं की।

तस्वीर में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और स्टाइलिस्ट कैरी टॉबेन दिख रहे हैं, जिन्होंने क्वांटिको की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री के काम के प्रति समर्पण और प्रोफेशनल दृष्टिकोण साझा किया।
ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा जोनास का नाम न केवल उनके बेजोड़ अभिनय के लिए, बल्कि उनके फैशन सेंस और ग्लैमरस सार्वजनिक उपस्थिति के लिए भी जाना जाता है। हालांकि, उनके सुनहरे सफर के पीछे कितनी मेहनत और समर्पण छुपा है, इसका खुलासा हाल ही में सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट कैरी टॉबेन ने किया है। 'क्वांटिको' के सेट से जुड़ी उनकी यादें प्रियंका के काम के प्रति उस जुनून को दर्शाती हैं, जहाँ उनके लिए महंगे ब्रांडेड कपड़े और जूतों से ज्यादा एक दृश्य की प्रमाणिकता और प्रदर्शन मायने रखता था।
कैरी टॉबेन ने एक साक्षात्कार के दौरान साझा किया कि 'क्वांटिको' की शूटिंग के दौरान प्रियंका चोपड़ा कपड़ों के मामले में काफी बेफिक्र रहती थीं। शो में एलेक्स पैरिश का किरदार निभाने वाली प्रियंका को अक्सर शारीरिक रूप से कठिन एक्शन दृश्यों को अंजाम देना पड़ता था। टॉबेन के अनुसार, अपनी भूमिका में पूरी तरह ढलने के लिए वे इतनी समर्पित थीं कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं रहती थी कि उनके महंगे कॉस्ट्यूम खराब हो रहे हैं या नहीं।
इस संदर्भ में टॉबेन ने एक विशेष वाकया साझा किया, जो किसी को भी हैरान कर सकता है। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान प्रियंका को अक्सर दरवाजों को पैर से धक्का देकर खोलना पड़ता था। इस प्रक्रिया में उनके पैरों में पहने हुए लग्जरी जूते, जिनकी कीमत लगभग 95,000 रुपये थी, बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाते थे। टॉबेन ने याद करते हुए बताया कि कैसे वे इन कीमती जूतों की परवाह किए बिना अपनी पूरी ऊर्जा के साथ अभिनय करती थीं, क्योंकि उनके लिए दृश्य की स्वाभाविकता सबसे ऊपर थी।
हालांकि, टॉबेन ने इस किस्से को प्रियंका की लापरवाही के तौर पर नहीं, बल्कि उनके पेशेवर दृष्टिकोण के रूप में देखा। उन्होंने बताया कि शो की सफलता का एक बड़ा कारण प्रियंका की यही प्रतिबद्धता थी। 2015 में शुरू हुए 'क्वांटिको' ने प्रियंका को अमेरिकी टेलीविजन जगत में एक नई पहचान दिलाई। इस सीरीज में एक एफबीआई रिक्रूट की भूमिका निभाने के लिए न केवल भावनात्मक गहराई की आवश्यकता थी, बल्कि शारीरिक परिश्रम भी अनिवार्य था। इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान कपड़ों का क्षतिग्रस्त होना एक व्यावसायिक जोखिम था, जिसे प्रियंका ने सहर्ष स्वीकार किया।
कैरी टॉबेन की ये यादें न केवल प्रियंका चोपड़ा के काम के प्रति उनके गहरे लगाव को रेखांकित करती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि कैसे एक कलाकार अपनी पहचान बनाने के लिए भौतिक वस्तुओं से ऊपर उठकर अपने शिल्प को प्राथमिकता देता है। आज जब हम पर्दे पर उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हैं, तो ये अनकहे किस्से उस मेहनत और त्याग की याद दिलाते हैं जो एक ग्लोबल स्टार बनने की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा रही है।

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