कौन हैं प्राजक्ता माळी? कान्स फिल्म फेस्टिवल से लेकर सिनेमाई पर्दे तक आग लगाने वाली इस मराठमोळी सुंदरी की पूरी कहानी
कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर पहुंचीं मराठी अभिनेत्री प्राजक्ता माळी के करियर के संघर्ष, सफल फिल्मों और प्रोडक्शन हाउस के बारे में जानें।

फ्रांस में आयोजित कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर रेड गाउन में पोज देतीं मराठी अभिनेत्री और फिल्म निर्माता प्राजक्ता माळी।
इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर ग्लोबल रेड कार्पेट तक हर तरफ सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है और वो है प्राजक्ता माळी। फ्रांस में चल रहे प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर जब प्राजक्ता पारंपरिक नथ और अपने बेहद खूबसूरत अंदाज में उतरीं, तो पूरी दुनिया देखती रह गई। अपनी बेमिसाल खूबसूरती, हाजिरजवाबी और बिना किसी चूक के कड़क डॉयलॉग डिलीवरी के लिए मशहूर प्राजक्ता सिर्फ एक शानदार अदाकारा ही नहीं, बल्कि आज के दौर की एक बेहद कामयाब बिजनेसवुमन भी बन चुकी हैं। महाराष्ट्र के घर-घर में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी यह हसीना आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है और उनकी इसी जबरदस्त वाइब के चलते हर कोई उनके बारे में जानने के लिए बेताब है।
इस चमकते स्टारडम के पीछे एक अनुशासित और दिलचस्प बैकस्टोरी है। प्राजक्ता का जन्म आठ अगस्त उन्नीस सौ नवासी को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के बार्शी में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश पुणे के एक बेहद कड़े अनुशासन वाले परिवार में हुई। उनके पिता सीआईडी विभाग से एक अधिकारी के रूप में रिटायर हुए और उनकी मां श्वेता माळी ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। पुणे के कैप्टन शिवरामपंत दामले प्रशाला से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद प्राजक्ता ने पुणे यूनिवर्सिटी से जुड़े ललित कला केंद्र से परफॉर्मिंग आर्ट्स में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की। क्लासिकल डांस में उनके लाजवाब हुनर को देखते हुए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने उन्हें भरतनाट्यम की उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप से भी नवाजा था।
बहुत कम लोग जानते हैं कि प्राजक्ता के करियर का स्ट्रगल और सफलता बहुत छोटी उम्र में ही शुरू हो गई थी। महज चौदह साल की उम्र में उन्होंने साल दो हजार एक में स्टार प्लस के नेशनल हिंदी डांस शो 'क्या मस्ती क्या धूम' का खिताब अपने नाम कर लिया था। इसके बाद उन्होंने साल दो हजार चार में शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'स्वदेश' में एक कॉलेज गर्ल का छोटा सा रोल किया और फिर दो हजार सात में फिल्म 'गांधी, माय फादर' में भी एक छोटी सी भूमिका में नजर आईं। लेकिन उन्हें असली पहचान और घर-घर में पॉपुलैरिटी मिली जी मराठी के सुपरहिट रोमांटिक ड्रामा सीरियल 'जुलून येती रेशीमगाठी' में मेघना देसाई के किरदार से। साल दो हजार तेरह से पंद्रह तक चले इस शो में उनकी एक्टिंग और को-स्टार के साथ केमिस्ट्री ने करोड़ों दर्शकों का दिल जीत लिया।
टेलीविजन पर अपनी धाक जमाने के बाद प्राजक्ता सोनी मराठी के सबसे बड़े कॉमेडी शो 'महाराष्ट्रची हास्यजत्रा' की होस्ट और एंकर बनकर उभरीं। इस शो में उनका बोला गया टैगलाइन 'वाह दादा वाह' पूरे महाराष्ट्र का पसंदीदा वीकली एंटरटेनमेंट मंत्र बन गया। इसके बाद उन्होंने बड़े पर्दे की तरफ कदम बढ़ाया और एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं। साल दो हजार सत्रह में 'हम्पी', दो हजार अठारह में 'पार्टी', और साल दो हजार बाइस में आई 'पावनखिंड' और 'चंद्रमुखी' जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को बेहद सराहा गया। इतना ही नहीं, उन्होंने 'रानबाजार' और 'देवखेल' जैसी बोल्ड और चर्चित मराठी वेब सीरीज में अपनी दमदार एक्टिंग से तहलका मचा दिया। हाल ही में उन्होंने अपने खुद के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनी एक भव्य पीरियड ड्रामा फिल्म 'फुलवंती' में लीड रोल निभाया, जिसने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़े और उन्हें कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स भी दिलाए।
आज प्राजक्ता माळी मराठी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सबसे महंगी और डिमांडिंग अभिनेत्रियों में से एक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे हर फिल्म के लिए करीब पंद्रह से बीस लाख रुपये चार्ज करती हैं। एक्टिंग के अलावा वे फिल्में डायरेक्ट और प्रोड्यूस भी कर रही हैं, जिससे उनकी नेट वर्थ में लगातार बंपर इजाफा हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनका जलवा कायम है, जहां उन्हें इक्कीस लाख से ज्यादा यानी दो पॉइंट एक मिलियन से अधिक फैंस फॉलो करते हैं। अपनी बेदाग खूबसूरती, लाजवाब डांसिंग स्किल्स और कमाल के बिजनेस सेंस के दम पर प्राजक्ता ने यह साबित कर दिया है कि वे सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं बल्कि एक पूरा ब्रांड हैं, और यही वजह है कि आज हर तरफ बस उन्हीं के चर्चे हैं।

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