आज अगर भारतीय सिनेमा में किसी एक स्टार का नाम सबसे बड़े स्केल, सबसे तगड़े ओपनिंग कलेक्शन और पैन इंडिया क्रेज के साथ लिया जाता है, तो वो नाम है Prabhas। सोशल मीडिया से लेकर थिएटर तक, हर जगह उनके नाम की अलग ही वाइब देखने को मिलती है। कभी “बाहुबली” बनकर दुनिया को चौंकाने वाले प्रभास अब “सलार” और “कल्कि 2898 एडी” जैसी फिल्मों से लगातार बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। लोग उन्हें सिर्फ तेलुगु स्टार नहीं, बल्कि भारत का पहला असली “पैन इंडिया सुपरस्टार” मानते हैं। उनकी फिल्मों की रिलीज अब किसी त्योहार से कम नहीं होती और यही वजह है कि हर कोई जानना चाहता है कि आखिर प्रभास में ऐसा क्या खास है।

23 अक्टूबर 1979 को चेन्नई में जन्मे प्रभास का असली नाम उप्पलपति वेंकट सूर्यनारायण प्रभास राजू है। फिल्मी परिवार से आने के बावजूद उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था। उनके पिता फिल्म प्रोड्यूसर थे और दिग्गज अभिनेता कृष्णम राजू उनके चाचा हैं, लेकिन प्रभास हमेशा कैमरे के सामने बेहद शर्मीले और लो-प्रोफाइल इंसान रहे। स्कूलिंग चेन्नई और भीमावरम में हुई, फिर हैदराबाद में पढ़ाई के दौरान उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। साल 2002 में फिल्म “ईश्वर” से डेब्यू हुआ, लेकिन असली पहचान “वर्षम” और “छत्रपति” जैसी फिल्मों से मिली। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, भारी आवाज और रफ-टफ अंदाज ने उन्हें बाकी सितारों से अलग बना दिया।

इसके बाद “बिल्ला”, “डार्लिंग”, “मिस्टर परफेक्ट” और “मिर्ची” जैसी फिल्मों ने प्रभास को साउथ सिनेमा का बड़ा स्टार बना दिया। खास बात ये रही कि एक तरफ वो जबरदस्त एक्शन करते दिखे, तो दूसरी तरफ रोमांटिक किरदारों में भी लोगों का दिल जीत लिया। “मिर्ची” के लिए उन्हें नंदी अवॉर्ड मिला और कई बार फिल्मफेयर में नॉमिनेशन भी मिला। लेकिन असली तूफान तब आया जब Baahubali: The Beginning रिलीज हुई। एस.एस. राजामौली की इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा का पूरा गेम बदल दिया। प्रभास ने इस फिल्म के लिए करीब पांच साल दिए, अपना वजन बदला, खतरनाक ट्रेनिंग की और खुद को पूरी तरह किरदार में ढाल दिया। “कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?” वाला सवाल देश का सबसे बड़ा पॉप कल्चर मोमेंट बन गया था।

फिर आई Baahubali 2: The Conclusion और प्रभास रातोंरात ग्लोबल स्टार बन गए। यह पहली भारतीय फिल्म बनी जिसने 1000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। इसके बाद उनकी हर फिल्म से लोगों की उम्मीदें आसमान छूने लगीं। “साहो” ने हिंदी मार्केट में धमाका किया, “सलार” ने मास एक्शन का नया लेवल दिखाया और Kalki 2898 AD ने साइंस फिक्शन के जरिए भारतीय सिनेमा को इंटरनेशनल लेवल की पहचान दिलाई। प्रभास आज इकलौते ऐसे भारतीय अभिनेता हैं जिनकी कई फिल्मों ने 100 करोड़ से ज्यादा की ओपनिंग की है। उनकी लोकप्रियता इतनी जबरदस्त है कि मैडम तुसाद में उनका वैक्स स्टैच्यू लगाया गया और दुनियाभर में उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है।

हालांकि “राधे श्याम” और “आदिपुरुष” जैसी फिल्मों की आलोचना भी हुई, लेकिन प्रभास की स्टार पावर कभी कम नहीं हुई। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। आलोचक उनकी स्क्रिप्ट चॉइस पर सवाल उठाते रहे, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर उनका क्रेज हमेशा बना रहा। दिलचस्प बात ये है कि इतनी बड़ी स्टारडम के बावजूद प्रभास असल जिंदगी में बेहद शांत, शर्मीले और परिवार से जुड़े इंसान माने जाते हैं। इंटरव्यू से बचने वाले प्रभास अपने फैंस को प्यार से “डार्लिंग्स” बुलाते हैं और यही चीज उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाती है। करोड़ों की ब्रांड डील ठुकराने वाले प्रभास ने कोविड राहत, बाढ़ पीड़ितों और पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये दान देकर यह भी साबित किया कि वो सिर्फ बड़े स्टार नहीं, बड़े दिल वाले इंसान भी हैं।

अब आने वाले सालों में प्रभास की कई बड़ी फिल्में लाइन में हैं। “स्पिरिट”, “सलार पार्ट 2”, “कल्कि 2898 एडी पार्ट 2” और “फौजी” जैसी फिल्मों को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है। हर नई फिल्म के साथ प्रभास सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़ रहे, बल्कि भारतीय सिनेमा की नई पहचान भी बना रहे हैं। यही वजह है कि आज उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक सिनेमैटिक फेनोमेनन कहा जाता है।

Pratahkal Newsroom

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