'क्वीन 2' पर अदालत में फैंटम स्टूडियो और जियोस्टार आमने-सामने, 250 करोड़ की कानूनी जंग तेज
फैंटम स्टूडियो ने बॉम्बे हाई कोर्ट में फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग की, आईपीआर उल्लंघन का आरोप।

फिल्म क्वीन के दृश्यों का कोलाज, इमेज जेनरेटेड बाय एआई फॉर इलस्ट्रेटिव पर्पजेस।
फिल्म 'क्वीन' के कथित सीक्वल को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। फैंटम स्टूडियोज ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 250 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया है। फैंटम स्टूडियोज का आरोप है कि 'क्वीन 2' का निर्माण उनकी लिखित सहमति के बिना किया जा रहा है, जो बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका के अनुसार, 2013 में बनी मूल फिल्म 'क्वीन' के अधिकारों में फैंटम और जियोस्टार की 50-50 प्रतिशत की बराबर हिस्सेदारी है, जिसके तहत भविष्य के किसी भी सीक्वल या प्रीक्वल के लिए दोनों पक्षों की आपसी सहमति अनिवार्य है।
कानूनी फर्म रश्मीकांत एंड पार्टनर्स के माध्यम से दायर इस मुकदमे में फैंटम स्टूडियोज ने अदालत से फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश की मांग की है। स्टूडियो का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में जियोस्टार से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन प्रतिवादी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर, जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपने बचाव में स्पष्ट किया है कि यह अपकमिंग फिल्म एक मौलिक और स्वतंत्र निर्माण है, जिसका मूल फिल्म 'क्वीन' से कोई संबंध नहीं है। जियोस्टार के अनुसार, 'क्वीन' शब्द अंग्रेजी भाषा का एक सामान्य संज्ञा शब्द है और इस पर किसी एक पक्ष का विशेष अधिकार दावा कानूनन आधारहीन है।
फिलहाल, इस फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और यह पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में है। वर्ष 2014 में रिलीज हुई कंगना रनौत अभिनीत 'क्वीन' एक अत्यधिक सफल फिल्म थी, जिसे सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। फैंटम स्टूडियोज, जिसे अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवाने, विकास बहल और मधु मंटेना द्वारा 2011 में स्थापित किया गया था, भारतीय सिनेमा में 'उड़ता पंजाब' और 'एनएच10' जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। इस कानूनी मामले की सुनवाई अब हाई कोर्ट की एकल पीठ के समक्ष होगी, जिस पर फिल्म इंडस्ट्री की निगाहें टिकी हैं।

Lalita Rajput
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