जान्हवी कपूर की फिल्म 'पेद्दी' विवाद पर निर्देशक बुच्ची बाबू ने तोड़ी चुप्पी
फिल्म 'पेद्दी' में जान्हवी कपूर के किरदार के चित्रण को लेकर उठे विवाद के बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने दृश्यों में बदलाव का वादा किया है।

तस्वीर में फिल्म 'पेद्दी' के निर्देशक बुच्ची बाबू सना और अभिनेत्री जान्हवी कपूर दिखाई दे रहे हैं, जिनकी फिल्म हाल ही में किरदार के चित्रण को लेकर विवादों में रही है।
सिनेमाई गलियारों में इन दिनों अभिनेत्री जान्हवी कपूर की हालिया रिलीज फिल्म ‘पेद्दी’ को लेकर विवादों का दौर जारी है। फिल्म में जान्हवी कपूर द्वारा अभिनीत किरदार ‘अचियम्मा’ के चित्रण पर दर्शकों और आलोचकों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे महिला के वस्तुकरण (ऑब्जेक्टिफिकेशन) से जोड़कर देखा है। विवादों के गहराते ही अब फिल्म के निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने न केवल दर्शकों की चिंताओं को स्वीकार किया है, बल्कि अपनी भूल सुधारते हुए फिल्म के उन विवादास्पद दृश्यों में बदलाव करने का वादा भी किया है, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक असंतोष व्याप्त था।
निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मुख्य किरदारों के बीच एक सहज और चंचल रोमांस को चित्रित करना था, लेकिन वे यह समझने में विफल रहे कि दर्शक इसे किस दृष्टिकोण से देखेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि इन दृश्यों को लेकर दर्शकों की नकारात्मक प्रतिक्रिया की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए निर्देशक ने जोर देकर कहा कि हर महिला सम्मान की हकदार है और उनकी टीम भविष्य में महिला पात्रों के लेखन और प्रस्तुति को लेकर अधिक संवेदनशील और सतर्क रहेगी। उन्होंने माना कि यह फीडबैक उन्हें भविष्य की परियोजनाओं के लिए नए सिरे से विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।
फिल्म ‘पेद्दी’ के सिनेमाघरों में दस्तक देते ही विवादों का सिलसिला शुरू हो गया था। दर्शकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात पर आपत्ति जताई कि फिल्म में ‘अचियम्मा’ के किरदार को गहराई देने के बजाय उसे केवल दृश्यों की शोभा बढ़ाने के लिए सीमित कर दिया गया। आलोचकों ने फिल्म के रोमांटिक ट्रैक पर भी गंभीर सवाल उठाए, जिसमें सहमति और स्वायत्तता की सीमाओं का अभाव रेखांकित किया गया। यह बहस तब और तेज हो गई जब जान्हवी कपूर का एक पुराना साक्षात्कार इंटरनेट पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने सिनेमा में महिलाओं के वस्तुकरण के प्रति अपनी असुविधा और सहमति के महत्व पर बात की थी। इसके अतिरिक्त, जान्हवी द्वारा सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रति आलोचनात्मक पोस्ट को लाइक करने के बाद उसे हटाना भी चर्चा का विषय बना रहा, जिसने फिल्म के प्रति उनकी निजी असहजता की अटकलों को हवा दी।
निस्संदेह, एक सफल निर्देशक द्वारा अपनी फिल्म के चित्रण पर इस प्रकार की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति और सुधार का आश्वासन देना फिल्म उद्योग में एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बुच्ची बाबू सना की यह प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि अब दर्शकों की संवेदनशीलता और सिनेमाई प्रस्तुति में नैतिकता को प्राथमिकता दी जा रही है। यह विवाद न केवल फिल्म ‘पेद्दी’ के लिए एक बड़ा सबक है, बल्कि मुख्यधारा के सिनेमा में महिला किरदारों को सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए एक नई बहस की नींव भी रखता है।

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