भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज कलाकार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के मध्य चल रहा वैवाहिक विवाद अब केवल न्यायालय की दहलीज तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी गूंज आध्यात्मिक सभाओं में भी सुनाई देने लगी है। हाल ही में प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के दरबार में एक पीड़ित महिला की व्यथा ने इस मामले को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में यह देखा जा सकता है कि कैसे एक आम परिवार के टूटने का कारण पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच चल रही तकरार को बताया जा रहा है।

वृंदावन में आयोजित अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा सभा में पहुंची एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए महाराज जी को बताया कि उसके पति ने उसे घर से बाहर निकाल दिया है। महिला का आरोप है कि उसके पति ने पवन सिंह के निजी जीवन का उदाहरण देते हुए यह कठोर कदम उठाया। महिला के अनुसार, उसके पति का कहना है कि जिस प्रकार पवन सिंह ने अपनी पत्नी ज्योति सिंह को त्याग दिया है, उसी प्रकार वह भी अपनी पत्नी को घर में नहीं रखेगा। पति ने एक विचित्र शर्त रखते हुए कहा है कि जिस दिन पवन सिंह अपनी पत्नी ज्योति सिंह को ससम्मान वापस घर ले आएंगे, उसी दिन वह भी अपनी पत्नी को स्वीकार करेगा।

इस पूरे घटनाक्रम पर अनिरुद्धाचार्य महाराज की प्रतिक्रिया ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। महिला की पीड़ा सुनने के बाद महाराज जी ने प्रारंभिक अनभिज्ञता जताते हुए पूछा कि यह पवन कौन हैं? जब उन्हें बताया गया कि वह बिहार के एक बड़े सुपरस्टार हैं, तो महाराज जी ने चुटकी लेते हुए कहा कि यदि पवन (हवा) तेज चलेगी तो ज्योति (दीपक की लौ) तो बुझ ही जाएगी। हालांकि, हास्य के साथ उन्होंने एक अत्यंत गंभीर सामाजिक संदेश भी दिया। महाराज जी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्या एक सेलिब्रिटी के रूप में पवन सिंह समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि लोग अपनी पत्नियों को छोड़ दें?

अनिरुद्धाचार्य ने पवन सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कार्यों का प्रभाव आम जनमानस पर पड़ रहा है। उन्होंने महिला को मजाकिया लेकिन प्रभावशाली सलाह दी कि वह पवन सिंह से जाकर कहे कि आपकी वजह से मेरा घर टूट रहा है, इसलिए आप अपनी पत्नी को घर वापस ले आएं। महाराज जी का यह बयान उन हस्तियों के लिए एक चेतावनी की तरह है जिनका जीवन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हस्तियों के निजी निर्णय समाज के नैतिक ढांचे को प्रभावित करते हैं।

उल्लेखनीय है कि पवन सिंह और ज्योति सिंह का तलाक का मामला लगभग सात वर्षों से कानूनी प्रक्रिया के अधीन है। ज्योति सिंह ने गुजारा भत्ते के रूप में 12 करोड़ रुपये की मांग की है, जबकि कई मौकों पर उन्होंने पवन सिंह के साथ रहने की इच्छा भी प्रकट की है। यह मामला अब केवल दो व्यक्तियों का व्यक्तिगत विवाद नहीं रहा, बल्कि सामाजिक विमर्श का विषय बन गया है। इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि रील लाइफ के सितारों की रियल लाइफ की उठापटक कैसे सामान्य घरों के सुकून को प्रभावित कर सकती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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