दिवाली पर पटाखों की आलोचना करने वालों पर भड़कीं पवित्रा पुनिया, कुत्तों को लेकर कही ये बात
अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने दिवाली पर पटाखे जलाने की आलोचना करने वालों से सवाल करते हुए कहा कि कुत्ते केवल पटाखों से नहीं, बल्कि हॉर्न और अन्य तेज आवाजों से भी डरते हैं। जानिए शादी समारोहों और दिवाली की सफाई पर उन्होंने क्या कहा।

मुंबई में दिवाली पर पटाखों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के दौरान अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करतीं अभिनेत्री पवित्रा पुनिया।
दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर होने वाली आलोचनाओं के बीच अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने इस बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाले शोर को लेकर ही आपत्ति क्यों जताई जाती है, जबकि शादी, सालगिरह और अन्य अवसरों पर होने वाले तेज शोर पर इसी तरह सवाल नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि कुत्ते और दूसरे जानवर केवल पटाखों से ही नहीं, बल्कि यातायात के शोर, वाहनों के हॉर्न और अचानक होने वाली तेज आवाजों से भी डरते हैं।
मुंबई में अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने खुद को पशु प्रेमी बताते हुए कहा कि उनके पालतू कुत्ते भी यातायात के शोर और अचानक होने वाली तेज आवाजों से उतना ही डरते हैं, जितना पटाखों से। उनके मुताबिक, पालतू जानवरों की परेशानी का कारण केवल पटाखे नहीं हैं, बल्कि किसी भी तेज और भारी आवाज से उन्हें डर लगता है।
पवित्रा ने कहा, "मैं पालतू जानवरों से प्यार करती हूं। मेरे कुत्ते भी उतना ही डरते हैं। मेरे कुत्ते यातायात के शोर से भी उतना ही डरते हैं। जैसे बाहर हॉर्न बजता है या कोई चीज गिरती है। इसलिए पालतू जानवरों की समस्या यह नहीं है कि वे केवल पटाखों से डरते हैं। वे किसी भी तेज और भारी आवाज से डरते हैं।"
अभिनेत्री ने त्योहारों के दौरान जानबूझकर जानवरों को परेशान करने वाले लोगों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पवित्रा ने कहा, "अगर ऐसे कुछ उदाहरण हैं, जहां लोग जानबूझकर कुत्तों को परेशान करते हैं, तो वे मूर्ख हैं। वे केवल इसी सोच में बैठे हैं कि इन लोगों को कैसे परेशान किया जाए। उन्हें पकड़ो और पीटो। उनके खिलाफ कार्रवाई करो।"
पटाखों को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर सवाल उठाते हुए पवित्रा ने शादी और सालगिरह जैसे आयोजनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान पटाखे जलाने पर सवाल उठाने वाले लोग शादी के मौसम में होने वाले ऐसे आयोजनों पर वैसी आपत्ति नहीं जताते। उनके अनुसार, दूसरों के घरों में शादी और खुशी के अवसरों पर होने वाले शोर को लेकर लोग अपनी नसीहतें भूल जाते हैं।
उन्होंने कहा, "क्या हम किसी की शादी की सालगिरह पर ऐसा कहते हैं? मुझे अपना तर्क बताइए। जब लोगों की शादी होती है, तब कोई यह कहने क्यों नहीं आता कि पटाखे मत जलाओ, अपनी खुशी मत मनाओ? जब शादी का मौसम शुरू होता है और उनके अपने घर में आयोजन होता है, तब कोई कुछ नहीं कहता। सभी अपनी नसीहतें भूल जाते हैं।"
पवित्रा ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात से दुख होता है कि हिंदू समुदाय के लोगों को अपने त्योहार मनाने को लेकर बचाव की मुद्रा में आना पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपने त्योहारों के प्रति पक्षपात नहीं करने और दूसरों के प्रति अलग रवैया नहीं अपनाने की अपील की।
अभिनेत्री ने कहा, "अपनी चीजों के प्रति पक्षपाती और दूसरों के प्रति विरोधी मत बनिए। त्योहार साल में एक-दो दिन आते हैं। उन्हें अच्छे से मनाइए। सावधानी बरतिए। किसी जानवर या पक्षी को नुकसान मत पहुंचाइए। अपनी सीमाओं में रहकर त्योहार मनाइए। हमारी वजह से किसी जानवर को परेशानी नहीं होनी चाहिए। हैप्पी दिवाली!"
पटाखों से जुड़े विवाद के अलावा पवित्रा ने दिवाली से पहले घरों में होने वाली व्यापक सफाई पर भी सवाल उठाए। वीडियो के हल्के-फुल्के हिस्से में उन्होंने पूछा कि घरों की सफाई के लिए दिवाली का ही इंतजार क्यों किया जाता है और पूरे साल नियमित रूप से सफाई क्यों नहीं रखी जाती।
उन्होंने कहा, "दिवाली पर जो सफाई की जाती है, मैं जानना चाहती हूं कि दिवाली पर सफाई करने का ठेका किसके पास है? यह साल में केवल एक बार ही क्यों की जाती है? ऐसा लगता है कि हम पूरे साल घर की सफाई नहीं करते और साल में केवल एक बार सफाई करते हैं, ताकि लक्ष्मी माता को प्रसन्न कर सकें।"
उन्होंने आगे मजाकिया अंदाज में पूछा, "रामायण में कहां लिखा है कि घर की सफाई करनी है? यह सवाल माताओं के लिए है।"
पवित्रा ने लोगों से अपील की कि वे दिवाली से ठीक पहले घर की सफाई को थकाऊ काम बनाने के बजाय पूरे साल अपने घरों को साफ रखने की कोशिश करें। इस तरह अभिनेत्री ने अपने वीडियो संदेश में एक ओर पटाखों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस पर सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर त्योहार मनाते समय सावधानी बरतने और जानवरों को नुकसान नहीं पहुंचाने की बात भी कही।

