भारतीय सिनेमा जगत से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। हिंदी फिल्मों के दिग्गज निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का आज मुंबई स्थित उनके आवास पर 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। निर्माता शशि रंजन ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि निहलानी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें नानावती अस्पताल से उनके घर लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

पहलाज निहलानी 80 और 90 के दशक में मुख्यधारा की कई चर्चित हिंदी फिल्मों के निर्माण के लिए जाने जाते थे। उनके द्वारा निर्मित फिल्मों की सूची में 'हाथकड़ी' (1982), 'इल्जाम' (1986), 'आग ही आग' (1987), 'पाप की दुनिया' (1988), 'गुनाहों का फैसला' (1990), 'शोला और शबनम' (1992), 'आंखें' (1993) और 'अंदाज' (1994) जैसी फिल्में शामिल हैं। इन सभी में 'शोला और शबनम' और 'आंखें' उनकी सबसे प्रतिष्ठित फिल्में मानी जाती हैं, जिनका निर्देशन डेविड धवन ने किया था और इनमें अभिनेता गोविंदा ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

अपने करियर के बाद के दौर में भी निहलानी सक्रिय रहे और उन्होंने 'उलझन' (2001), 'तलाश: द हंट बिगिन्स' (2003), 'हेलो मुंबई' (2016), 'जूली 2' (2017) और 'रंगीला राजा' (2019) जैसी फिल्मों का निर्माण किया। वर्ष 2023 में रिलीज हुई 'अनारी इज बैक' उनके प्रोडक्शन हाउस की अंतिम फिल्म रही।

फिल्म निर्माण के अतिरिक्त, पहलाज निहलानी जनवरी 2015 से अगस्त 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका के लिए भी चर्चा में रहे। बोर्ड के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण और विवादास्पद निर्णय लिए, जिसके चलते वे लगातार मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं के केंद्र में बने रहे। उनके निधन से फिल्म उद्योग में एक रिक्तता आ गई है और भारतीय सिनेमा के एक महत्वपूर्ण युग का अंत हो गया है।

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Pratahkal Newsroom

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