मौनी रॉय के जबरदस्त डांस पर फिरा पानी, 'पड़ोसन' के घटिया लिरिक्स देखकर भड़के लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ा संग्राम
फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' का नया ट्रैक 'पड़ोसन' रिलीज होते ही विवादों में, सोशल मीडिया पर दर्शकों ने गाने के बोल पर जताई कड़ी आपत्ति।

फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के हालिया रिलीज गाने 'पड़ोसन' के एक दृश्य में नृत्य प्रस्तुत करते अभिनेत्री मौनी रॉय और अभिनेता जिमी शेरगिल|
मुंबई। अनुभवी फिल्म निर्देशक डेविड धवन की बहुप्रतीक्षित रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' इन दिनों सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं बटोर रही है। वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े जैसे सितारों से सजी इस बहु-कलाकार फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस पर 24 करोड़ रुपये की शानदार घरेलू नेट कमाई दर्ज की थी। हालांकि, शुरुआती गति के बाद अब इसके कलेक्शन की रफ्तार धीरे-धीरे सुस्त पड़ती दिखाई दे रही है। इस बीच, फिल्म की मार्केटिंग और प्रचार रणनीति के तहत इसके गानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सिलसिलेवार ढंग से जारी किया जा रहा है। इसी क्रम में फिल्म का एक नया गाना 'पड़ोसन' रिलीज किया गया है, जिसके सार्वजनिक होते ही इंटरनेट मीडिया पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
इस नए ट्रैक में बॉलीवुड अभिनेत्री मौनी रॉय और अनुभवी अभिनेता जिमी शेरगिल मुख्य भूमिकाओं में परफॉर्म करते नजर आ रहे हैं। दोनों ही कलाकारों ने गाने में अपनी कोरियोग्राफी और बेहतरीन डांस मूव्स से ऊर्जा फूंकने की पूरी कोशिश की है, लेकिन इसके बावजूद यह ट्रैक दर्शकों के गले नहीं उतर रहा है। इसका मुख्य कारण गाने के पारंपरिक और सामाजिक मानदंडों से परे लिखे गए बोल हैं। गाने के बोल में इस्तेमाल की गई भाषा और उसके निहितार्थों को लेकर डिजिटल स्पेस में अश्लीलता और संवेदनशीलता की बहस एक बार फिर से तेज हो गई है। गीत के अंतर्निहित संदेश पर आपत्ति जताते हुए दर्शक कमेंट सेक्शन में लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और इसे पारिवारिक सिनेमा के स्तर से बेहद नीचे मान रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां एक तरफ मौनी रॉय की स्क्रीन प्रेजेंस और उनके नृत्य कौशल की सराहना की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ गीतकार की लेखनी और फिल्म निर्माताओं की पसंद पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने कमेंट सेक्शन में लिखा कि इस तरह के बोल समाज में गलत संदेश देते हैं और मनोरंजन के नाम पर इस तरह का घटियापन कतई स्वीकार्य नहीं है। कुछ मुखर दर्शकों ने तो सिनेमाई दुनिया के वर्तमान स्तर पर ही सवालिया निशान लगाते हुए यहां तक पूछ लिया कि क्या आजकल के बड़े सितारे किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले उसके बोल या पटकथा को ठीक से पढ़ते और समझते भी हैं, या फिर वे भी आम जनता की तरह रिलीज के बाद ही अंतिम उत्पाद से रूबरू होते हैं।
सेंसरशिप और कंटेंट रेगुलेशन के तकनीकी व आधिकारिक पहलुओं के लिहाज से देखा जाए तो भारतीय सिनेमा में फिल्मों और उनके गानों को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा निर्धारित गाइडलाइंस के तहत ही मंजूरी दी जाती है। हालांकि, डिजिटल मीडिया और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर गानों के सीधे तौर पर रिलीज होने से कई बार दर्शकों की तात्कालिक और अनफिल्टर्ड प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों और डिजिटल सामग्री के मानकों के तहत सार्वजनिक रूप से परोसी जाने वाली सामग्री में शालीनता का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। ऐसे में 'पड़ोसन' गाने को लेकर उठा यह विवाद आने वाले दिनों में फिल्म की बची-खुची कमाई और उसकी ब्रांड वैल्यू को प्रभावित कर सकता है।
कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो ट्रैक के इस विवाद ने फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा को एक नई चर्चा तो दे दी है, लेकिन यह सकारात्मक साबित नहीं हो रही है। इस फिल्म ने अपने रिलीज के पहले दिन देश भर के 9,081 शोज़ से 7.50 करोड़ रुपये का घरेलू नेट कलेक्शन किया था, जबकि इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 11.00 करोड़ रुपये रहा था। अब इस नए गाने के बोल पर छिड़े बड़े विवाद और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के कारण दर्शकों का एक बड़ा वर्ग इस फिल्म से दूरी बना सकता है। कुल मिलाकर, डेविड धवन की इस बड़े बजट की एंटरटेनर फिल्म के लिए यह विवाद एक कड़ा कूटनीतिक और व्यावसायिक इम्तिहान बन चुका है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
