लॉस एंजिल्स/मुंबई। वैश्विक सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित मंच 'अकादमी पुरस्कार' (Oscars) के 98वें संस्करण के नामांकनों की घोषणा के साथ ही करोड़ों भारतीय प्रशंसकों का दिल एक बार फिर टूट गया है। बड़े अरमानों के साथ ऑस्कर की रेस में उतरी भारत की आधिकारिक प्रविष्टि 'होमबाउंड' (Homebound) अंतिम पांच नामांकनों की सूची में जगह बनाने में विफल रही। लॉस एंजिल्स में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 'एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज' ने जैसे ही 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' श्रेणी के अंतिम दावेदारों के नाम पुकारे, भारतीय सिनेमा की उम्मीदें आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गईं।

शॉर्टलिस्ट के बाद बढ़ी थीं उम्मीदें

नीरज घायवान के निर्देशन में बनी 'होमबाउंड' ने अपनी यात्रा की शुरुआत बेहद मजबूती से की थी। 89 देशों की प्रविष्टियों के बीच से निकलकर यह फिल्म शीर्ष 15 की 'शॉर्टलिस्ट' में शामिल होने वाली भारत की पांचवीं फिल्म बनी थी।

  • कलाकारों का दमदार अभिनय: फिल्म में ईशान खट्टर, जाह्नवी कपूर और विशाल जेठवा ने सामाजिक भेदभाव और संघर्ष की एक मार्मिक गाथा पेश की थी।
  • वैश्विक सराहना: कान्स फिल्म फेस्टिवल के 'अन सर्टेन रिगार्ड' सेक्शन में शानदार प्रीमियर और मार्टिन स्कोर्सेसी जैसे दिग्गज फिल्म निर्माता का 'एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर' के रूप में जुड़ना इस फिल्म को एक प्रबल दावेदार बना रहा था।
  • कहानी का प्रभाव: जातिगत न्याय और सम्मान की खोज में जुटे दो दोस्तों की इस कहानी ने दुनिया भर के समीक्षकों को प्रभावित किया था।

अंतिम मुकाबले में कड़ी चुनौती

नामांकन की इस अंतिम दौड़ में 'होमबाउंड' का मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित फिल्मों से था। एकेडमी ने जिन पांच फिल्मों को अंतिम नामांकन के लिए चुना है, उनमें शामिल हैं:

  • द सीक्रेट एजेंट (ब्राजील)
  • इट वॉज जस्ट एन एक्सीडेंट (फ्रांस)
  • सेंटिमेंटल वैल्यू (नॉर्वे)
  • सिरात (स्पेन)
  • द वॉइस ऑफ हिंद रजब (ट्यूनीशिया)

फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में प्रतिस्पर्धा अब तक की सबसे कठिन श्रेणियों में से एक थी, जहाँ कई 'कान्स' विजेता फिल्में एक-दूसरे के सामने थीं।

आधिकारिक प्रतिक्रिया: हार नहीं, गर्व का सफर

नामांकन से बाहर होने के बाद फिल्म के निर्माता करण जौहर और निर्देशक नीरज घायवान ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किए। करण जौहर ने इसे 'गर्व का क्षण' बताते हुए कहा कि शॉर्टलिस्ट होना ही अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं अभिनेता विशाल जेठवा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि "इतनी दूर तक आना और वैश्विक पटल पर भारत का प्रतिनिधित्व करना ही हमारे लिए जीत है।"

ऑस्कर का इंतज़ार और संघर्ष

'मदर इंडिया', 'सलाम बॉम्बे' और 'लगान' के बाद भारत आज भी उस ऐतिहासिक चौथे नामांकन और पहली जीत की तलाश में है। हालांकि 'होमबाउंड' का सफर नामांकन से पहले ही थम गया, लेकिन इसने वैश्विक सिनेमा में भारतीय कहानी कहने के बदलते और परिपक्व होते अंदाज़ को मजबूती से रखा है। यह असफलता भारतीय फिल्मकारों को और अधिक वैश्विक दृष्टिकोण के साथ कहानियाँ रचने की प्रेरणा देगी। ऑस्कर का मुख्य समारोह 15 मार्च, 2026 को डॉल्बी थिएटर में आयोजित होगा, जिसमें 'सिनर्स' (Sinners) ने सर्वाधिक 16 नामांकनों के साथ नया इतिहास रचा है।

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