जब खूबसूरती बन गई रुकावट ; जानें नुसरत भरूचा का ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ ऑडिशन किस्सा
नुसरत भरूचा का जीवन और करियर संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक सफर है। टीवी से बॉलीवुड तक पहुंच, ‘प्यार का पंचनामा’, ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ और ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी हिट फिल्मों के साथ उनकी पहचान बनी। 2023 में इजरायल हमले से सुरक्षित वापसी ने उनकी जीवन यात्रा को और चर्चित बना दिया।

भारतीय अभिनेत्री नुसरत भरूचा
मुंबई में जन्मी बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा आज हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने टेलीविजन से शुरुआत कर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई। 17 मई 1985 को मुंबई के एक दाऊदी बोहरा परिवार में जन्मी नुसरत इस वर्ष 17 मई को अपना 41वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। उनके पिता तनवीर भरूचा एक व्यवसायी हैं, जबकि माता तसनीम भरूचा गृहिणी हैं। वह अपने परिवार की इकलौती संतान हैं। उन्होंने मुंबई के प्रतिष्ठित जय हिंद कॉलेज से फाइन आर्ट्स में स्नातक की डिग्री हासिल की।
अपने करियर की शुरुआत नुसरत ने वर्ष 2002 में टेलीविजन सीरीज़ ‘किटी पार्टी’ से की थी, जहां वह एक छोटे से रोल में नजर आईं। कहा जाता है कि मात्र 16 वर्ष की उम्र में वे एक टैलेंट एजेंसी में वॉलंटियर बनने गई थीं, लेकिन वहीं से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हो गई। इसके बाद 2006 में फिल्म ‘जय संतोषी मां’ के जरिए उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। 2007 में उन्होंने ज़ुबीन गर्ग के म्यूजिक वीडियो ‘जिंदगी कहीं गुम है’ में भी काम किया। शुरुआती दौर में उन्होंने ‘कल किसने देखा’ (2009) में कैमियो और 2010 में तेलुगु फिल्म ‘ताज महल’ में भी अभिनय किया।
अभिनेत्री नुसरत भरूचा
वर्ष 2010 में दिबाकर बनर्जी की ‘लव सेक्स और धोखा’ में उन्हें पहली प्रमुख भूमिका मिली, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी। इसके बाद लव रंजन की फिल्मों ‘प्यार का पंचनामा’ (2011) और ‘आकाश वाणी’ (2013) में उनके अभिनय को सराहा गया। 2014 में ‘डर @ द मॉल’ में भी वे नजर आईं। हालांकि असली सफलता उन्हें 2015 में ‘प्यार का पंचनामा 2’ से मिली, जिसने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 88 करोड़ रुपये की कमाई की।
2018 में ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ में उनके ग्रे-शेड किरदार ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई और यह फिल्म 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई के साथ ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसके बाद 2019 में ‘ड्रीम गर्ल’ में आयुष्मान खुराना के साथ उनकी जोड़ी ने लगभग 200 करोड़ रुपये का कारोबार किया और वे लगातार सफल फिल्मों का हिस्सा बनीं। इसी दौरान उन्होंने ‘मरजावां’ के गाने ‘पियो दत्त के’ में आइटम नंबर किया और ‘बारिशें’ तथा ‘इश्क तेरा’ जैसे म्यूजिक वीडियोज़ में भी नजर आईं। कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी फिल्म ‘छलांग’ (2020) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई, जिसमें उन्होंने राजकुमार राव के साथ काम किया। इसी वर्ष उन्होंने अपना नाम बदलकर नुसरत भरूचा लिखना शुरू किया, जिसका कारण उन्होंने अंक ज्योतिष बताया।
उनका जीवन केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहा। वे टाइम्स की मोस्ट डिज़ायरेबल वुमन लिस्ट में भी शामिल रही हैं और 2018, 2019 तथा 2020 में लगातार इस सूची में स्थान प्राप्त किया। नुसरत कई ब्रांड्स जैसे कैडबरी और बोरोप्लस का भी चेहरा रही हैं। सामाजिक रूप से भी वे सक्रिय रही हैं और महिला जननांग विकृति (FGM) जैसी परंपरा के खिलाफ अपनी मां के साथ मुखर रूप से आवाज उठाती रही हैं।
वर्ष 2023 में इजरायल के तेल अवीव में एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान वे हमास के हमले के बीच फंस गई थीं, जिसके बाद भारतीय दूतावास की मदद से उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाया गया। नुसरत की जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने पहलुओं में यह भी शामिल है कि उन्होंने 2002 में ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में लतिका के किरदार के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन चयन नहीं हो सका। वहीं, उनका मानना है कि वे कभी मधुबाला पर आधारित बायोपिक में काम करना चाहेंगी, क्योंकि वे इस महान अभिनेत्री के जीवन और संघर्ष से गहराई से प्रभावित हैं। एक अन्य रोचक पहलू यह है कि वे पहले नॉन-वेजिटेरियन थीं, लेकिन बाद में डायटीशियन की सलाह पर शाकाहारी बन गईं।
अपने उतार-चढ़ाव भरे सफर, लगातार मेहनत और बदलते किरदारों के साथ नुसरत भरूचा आज भी बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। 41वें जन्मदिन से पहले उनका यह सफर न केवल एक अभिनेत्री की कहानी है, बल्कि संघर्ष, अवसर और सफलता की एक प्रेरक मिसाल भी प्रस्तुत करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
