आलिया भट्ट का बचाव करते हुए सोनी राजदान ने नेपोटिज्म पर तोड़ी चुप्पी, कहा- 'वह अपनी विरासत नहीं बदल सकतीं'
बॉलीवुड में नेपोटिज्म की बहस के बीच सोनी राजदान ने अपनी बेटी आलिया भट्ट का पक्ष लेते हुए बड़ा बयान दिया है। क्या आलिया भट्ट को उनकी विरासत के लिए दोषी ठहराना सही है? जानिए अनुभवी अभिनेत्री सोनी राजदान ने इस पर क्या कहा।

तस्वीर में आलिया भट्ट और उनकी मां सोनी राजदान साथ दिख रही हैं, जो नेपोटिज्म बहस के बीच बेटी की मेहनत पर अपनी बात रख रही हैं।
बॉलीवुड में नेपोटिज्म यानी भाई-भतीजावाद पर जारी बहस के बीच, अनुभवी अभिनेत्री सोनी राजदान ने अपनी बेटी और सुपरस्टार आलिया भट्ट का पुरजोर समर्थन किया है। एक साक्षात्कार के दौरान, सोनी राजदान ने स्पष्ट रूप से कहा कि आलिया का फिल्म उद्योग से जुड़े परिवार में जन्म लेना उनकी अपनी पसंद नहीं है और इसके लिए उन्हें दोषी ठहराना अनुचित है। राजदान ने जोर देकर कहा कि किसी की पैदाइश के आधार पर उसकी योग्यता को कम आंकना गलत है, जबकि आलिया ने अपने अभिनय कौशल और मेहनत से इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
सोनी राजदान ने 'जूम' को दिए अपने विशेष साक्षात्कार में कहा कि दुनिया स्वभाव से ही निष्पक्ष नहीं है और किसी और की सफलता के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए साझा किया कि जब उन्होंने खुद अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, तब भी इंडस्ट्री में कई ऐसे लोग थे जो स्थापित कलाकारों के बच्चे थे, लेकिन उन्होंने उन पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर समझा। राजदान ने स्पष्ट किया कि हालांकि आलिया को उनके करियर की पहली फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' (2012) के लिए शुरुआती अवसर उनके संपर्कों के कारण मिल सकता है, लेकिन उसके बाद की उनकी पूरी यात्रा केवल उनकी प्रतिभा और निरंतर मेहनत का परिणाम है। यदि पहली फिल्म के ऑडिशन में आलिया का प्रदर्शन खराब होता, तो उन्हें वह भूमिका कभी नहीं मिलती।
आलिया भट्ट के अभिनय सफर की प्रशंसा करते हुए सोनी राजदान ने उनकी फिल्मों के चयन को बेहद साहसी और सराहनीय बताया। उन्होंने विशेष रूप से 'हाइवे' (2014) का जिक्र करते हुए कहा कि एक ग्लैमरस शुरुआत के तुरंत बाद इस तरह की चुनौतीपूर्ण फिल्म चुनना यह साबित करता है कि आलिया केवल एक कमर्शियल अभिनेत्री बनने के बजाय एक गंभीर कलाकार के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती थीं। राजदान ने कहा कि आलिया ने हमेशा मुख्यधारा की व्यावसायिक फिल्मों और विषय-आधारित सिनेमा के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाए रखा है, जिसने उन्हें उनके समकालीनों से अलग खड़ा किया है।
आलिया भट्ट का करियर ग्राफ न केवल व्यावसायिक सफलता का प्रतीक रहा है, बल्कि यह उनकी कलात्मक विकास यात्रा को भी दर्शाता है। नेपोटिज्म की निरंतर चल रही चर्चाओं के बीच, सोनी राजदान का यह बयान एक बार फिर से योग्यता बनाम विरासत की बहस को नई दिशा देता है। आलिया भट्ट के लगातार बदलते और परिपक्व होते अभिनय ने न केवल आलोचकों को प्रभावित किया है, बल्कि उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक के रूप में स्थापित किया है। यह स्पष्ट है कि उनकी सफलता के पीछे की कड़ी मेहनत और चयन की समझ ही उन्हें भीड़ से अलग बनाती है।

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