'मेरी आवाज ही पहचान है' स्वर कोकिला की इस अमर गूँज से आज फिर रोया हिंदुस्तान; चौथी पुण्यतिथि पर किया नमन
भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर की चौथी पुण्यतिथि पर देशभर में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि। योगी आदित्यनाथ और ममता बनर्जी सहित कई दिग्गजों ने 'भारत रत्न' को किया याद। 36 भाषाओं में 25,000 गानों की विरासत छोड़ने वाली लता दीदी की याद में डूबा संगीत जगत। उनकी सादगी और देशभक्ति के गीतों ने आज फिर प्रशंसकों की आँखें नम कर दीं।

Lata Mangeshkar Death Anniversary : संगीत की वह पावन गूँज, जिसने सात दशकों तक भारतीय उपमहाद्वीप की रूह को सींचा, आज एक बार फिर पूरे देश की स्मृतियों में ताजा हो गई है। 6 फरवरी, 2022 को संगीत जगत का जो सूरज अस्त हुआ था, आज उसकी चौथी पुण्यतिथि पर पूरा देश अपनी 'दीदी' यानी लता मंगेशकर को श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर ममता बनर्जी तक, राजनीति और कला जगत की तमाम हस्तियों ने आज उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मात्र 13 वर्ष की उम्र से सुरों का संघर्ष :
1929 में जन्मी लता मंगेशकर का जीवन केवल सफलता की कहानी नहीं, बल्कि अदम्य साहस का प्रतीक है। अपने पिता के आकस्मिक निधन के बाद, मात्र 13 वर्ष की नन्ही आयु में उन्होंने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। उस संघर्षपूर्ण शुरुआत ने भारत को वह आवाज़ दी, जिसने आगे चलकर 36 भाषाओं में 25,000 से अधिक गानों का कीर्तिमान स्थापित किया।
राष्ट्र की धड़कन और सम्मान की शिखर :
लता जी की आवाज़ केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का सूत्र रही है।
- ऐ मेरे वतन के लोगों: इस कालजयी गीत ने न केवल तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आँखों में आँसू ला दिए थे, बल्कि आज भी यह गीत हर भारतीय में देशभक्ति का ज्वार पैदा कर देता है।
- भारत रत्न: कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए साल 2001 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा गया था।
- अनुशासन की मिसाल: दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ सहित कई फिल्मी हस्तियों ने आज उनके अनुशासन और विनम्रता को याद करते हुए उन्हें संगीत का 'विश्वविद्यालय' बताया।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि :
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें 'स्वर कोकिला' बताते हुए कहा कि उनकी आवाज़ युगों-युगों तक भारतीय संस्कृति की पहचान बनी रहेगी। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें देश की 'धड़कन' करार दिया।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
