छोड़ दिया अमेरिका का ऐशो-आराम और 30 साल बाद एक्टिंग में कमबैक कर रही हैं मीनाक्षी शेषाद्रि|
दिग्गज अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि ने अमेरिका से अपनी कर्मभूमि मुंबई लौटकर फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में काम करने की इच्छा जताई है।

छवि में बाईं ओर चश्मा पहने सादगी में और दाईं ओर गुलाबी रंग की पारंपरिक साड़ी और आभूषण पहने अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि नजर आ रही हैं।
अस्सी और नब्बे के दशक में अपनी बेमिसाल अदाकारी और हुस्न के जादू से भारतीय सिनेमा जगत पर राज करने वाली दिग्गज अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि एक बार फिर रुपहले पर्दे पर जादू बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 'हीरो', 'दामिनी' और 'घातक' जैसी कालजयी और सुपरहिट फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ने वाली यह प्रसिद्ध अदाकारा करीब तीन दशकों के लंबे अंतराल के बाद अभिनय की दुनिया में औपचारिक कमबैक करने जा रही हैं। साल 2016 में आई फिल्म 'घायल वन्स अगेन' में एक बेहद संक्षिप्त उपस्थिति को यदि अपवाद मान लिया जाए, तो मीनाक्षी शेषाद्रि बरसों से बड़े पर्दे की चकाचौंध से दूर गुमनामी और पारिवारिक जीवन में व्यस्त थीं। हालांकि, अब उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ मनोरंजन उद्योग में अपनी नई पारी की शुरुआत करने की घोषणा कर दी है।
हिंदी सिनेमा की इस वरिष्ठ अभिनेत्री ने सोमवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक बेहद भावुक वीडियो संदेश साझा करते हुए न केवल अपने तमाम प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त किया, बल्कि फिल्म और ओटीटी जगत के निर्देशकों के समक्ष काम करने की प्रबल इच्छा भी जताई। वीडियो में अपने दिल की बात साझा करते हुए मीनाक्षी ने कहा कि तीन दशक लंबे सफर के बाद वे आखिरकार अपनी वास्तविक कर्मभूमि मुंबई वापस लौट आई हैं। उन्होंने बेहद सकारात्मक सोच और अटूट जुनून के साथ मनोरंजन की दुनिया में दोबारा कदम रखने का फैसला किया है। अभिनेत्री के इस साहसिक कदम का सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने तहेदिल से स्वागत किया है और उन्हें प्रतिष्ठा के अनुरूप सार्थक सिनेमा मिलने की शुभकामनाएं दी हैं।
करियर के इस नए पड़ाव पर किरदारों के चयन को लेकर मीनाक्षी शेषाद्रि ने अपनी स्पष्ट राय जाहिर की है। उन्होंने एक बातचीत में साफ किया कि वे अब किसी को कुछ साबित करने की होड़ में शामिल नहीं हैं। वे केवल अपनी खुशी और परिवार के सहयोग से उस काम को कर रही हैं जो उनके दिल के सबसे करीब है। किरदारों की लंबाई के बजाय उनकी गुणवत्ता को तरजीह देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे मुख्य भूमिका हो, सहयोगी किरदार (सपोर्टिंग रोल) हो या फिर कोई छोटा सा कैमियो, उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वह चरित्र प्रभावशाली और कलात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होना चाहिए। फिलहाल वे बिना किसी पीआर एजेंसी या टैलेंट मैनेजमेंट फर्म के, अपने दम पर नए प्रोजेक्ट्स की तलाश कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि मीनाक्षी शेषाद्रि ने महज 17 वर्ष की आयु में 1981 में प्रतिष्ठित मिस इंडिया प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय सिनेमा को कई ऐतिहासिक फिल्में दीं। अपने करियर के शिखर पर रहने के दौरान उन्होंने हरीश मैसूर से विवाह किया और डलास (टेक्सास, अमेरिका) में बस गईं, जहां वे सफलतापूर्वक अपना एक क्लासिकल डांस स्कूल भी संचालित कर रही थीं। अपने दोनों बच्चों, केंद्र और जोश के बड़े हो जाने के बाद, अब उन्होंने पुनः भारत को अपना मुख्य ठिकाना बनाया है। तीन दशक बाद सिनेमा के बदले हुए स्वरूप और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के उभार के बीच मीनाक्षी का यह बहुप्रतीक्षित कमबैक भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और गरिमापूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
