महाभारत में कृष्ण के विश्वरूप हेतु नीतीश भारद्वाज झेली चार घंटे की असहनीय पीड़ा, तब फिल्माया गया वो ऐतिहासिक दृश्य।
बीआर चोपड़ा की महाभारत के युद्ध दृश्यों की शूटिंग जयपुर के पास बिना बिजली के खंभों वाले मैदान में स्टॉप ब्लॉक फोटोग्राफी तकनीक से की गई थी।

धारावाहिक महाभारत के दृश्य जिसमें (बाएं) रथ पर सवार अर्जुन और कर्ण के पात्र तथा (दाएं) जयपुर की रणभूमि में फिल्माया गया भगवान श्री कृष्ण का दिव्य विश्वरूप अवतार।
भारतीय टेलीविजन इतिहास में मील का पत्थर साबित हो चुका धारावाहिक महाभारत आज भी दर्शकों के मानस पटल पर अपनी अमिट छाप बनाए हुए है। फिल्म निर्माता बीआर चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस कालजयी कृति का प्रथम प्रसारण दूरदर्शन पर हुआ था जिसने सफलता के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए थे। आधुनिक डिजिटल युगीन विशेष प्रभावों और कंप्यूटर जनित ग्राफिक्स (CGI) की अनुपस्थिति के बावजूद उस दौर में जिस भव्यता के साथ पौराणिक कथा को पर्दे पर उतारा गया वह अपने आप में एक युगांतरकारी शोध का विषय है। विशाल रणभूमि के जीवंत दृश्यों से लेकर भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप के दर्शन तक के दृश्यों को फिल्माने के लिए निर्माण टीम को अत्यंत रचनात्मक और अभूतपूर्व तकनीकी संघर्षों के दौर से गुजरना पड़ा था।
इस ऐतिहासिक धारावाहिक के निर्माण चक्र का एक बहुत बड़ा हिस्सा मुंबई स्थित फिल्म सिटी के स्टूडियो परिसरों में फिल्माया गया था जहाँ भव्य महलों और आंतरिक कक्षों के सेट लगाए गए थे। हालांकि जब पटकथा के सबसे महत्वपूर्ण और विशाल खंड यानी कुरुक्षेत्र के युद्ध की शूटिंग की बात आई तो मुंबई की कंक्रीट की दुनिया छोटी पड़ने लगी। बीआर चोपड़ा की बहू द्वारा साझा किए गए संस्मरणों के अनुसार युद्ध के दृश्यों के लिए एक ऐसे विशाल और अछूते भूभाग की आवश्यकता थी जहां आधुनिक सभ्यता का कोई भी प्रतीक मौजूद न हो। टीम के सामने सबसे बड़ी व्यावहारिक चुनौती एक ऐसी खुली भूमि खोजने की थी जहां बिजली के खंभे या तार दिखाई न दें क्योंकि द्वापर युग की पृष्ठभूमि में इनका दिखना पूरी प्रामाणिकता को नष्ट कर देता। व्यापक खोजबीन के बाद आखिरकार राजस्थान में जयपुर के समीप एक विशाल और खुला मैदान इस ऐतिहासिक युद्ध को फिल्माने के लिए चुना गया।
रणभूमि के इन दृश्यों को सजीव बनाने के लिए उस दौर में अधिकांश दृश्यों को बिना किसी उन्नत तकनीकी सहायता के जनशक्ति और सीमित संसाधनों के सहारे मैन्युअल तरीके से फिल्माया गया था। हालांकि कुछ विशेष दृश्यों में गतिशीलता और दृश्य गहराई लाने के लिए शुरुआती दौर की ब्लू स्क्रीन और क्रोमा की जैसी बुनियादी तकनीकों का प्रयोग भी किया गया था। इस धारावाहिक का सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण हिस्सा वह दृश्य था जब कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्री कृष्ण अपने परम सखा अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए अपने दिव्य विश्वरूप अवतार का दर्शन कराते हैं। इस एक विशिष्ट दृश्य को साकार करने के लिए निर्माण दल और कलाकारों को शारीरिक व तकनीकी स्तर पर पराकाष्ठा तक जाकर परिश्रम करना पड़ा था।
भगवान श्री कृष्ण की कालजयी भूमिका को जीवंत करने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज ने इस दृश्य के निर्माण के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उस दौर में इस दृश्य को 'स्टॉप ब्लॉक फोटोग्राफी' नामक बेहद जटिल तकनीक से फिल्माया गया था। इस प्रक्रिया के तहत कैमरे को एक निश्चित स्थान पर पूरी तरह स्थिर कर दिया जाता था और कलाकार के अलग-अलग रूपों के दृश्यों को एक-एक करके क्रमिक रूप से कैप्चर किया जाता था जिन्हें बाद में संपादन कक्ष में मैनुअल एडिटिंग के माध्यम से एक साथ जोड़ा जाता था। इस पूरी तकनीकी प्रक्रिया के दौरान अभिनेता को बिना हिले-डुले लगातार एक ही मुद्रा में चार घंटे तक सीधे खड़े रहना पड़ता था। प्रत्येक शॉट के बीच उनके हाथों की स्थिति को यथावत बनाए रखने के लिए उनके हाथों के नीचे दो लकड़ी की छड़ों का सहारा दिया जाता था ताकि थकावट के कारण हाथ थोड़ा भी नीचे न झुकें।
कलाकार अपनी दृष्टि को सामने खड़े एक निश्चित बिंदु पर केंद्रित रखते थे ताकि रीटेक या अगले शॉट के समय शरीर के कोण में रत्ती भर भी अंतर न आए। प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर इस प्रकार के कठिन प्रयोगों ने न केवल भारतीय टेलीविजन उद्योग को एक नई दिशा दी बल्कि यह भी साबित किया कि सीमित साधनों में भी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वैश्विक स्तर का सिनेमाई इतिहास रचा जा सकता है। इस धारावाहिक का यह निर्माण कौशल आज के आधुनिक फिल्म निर्माताओं के लिए भी प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत बना हुआ है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
