Lock Upp 2 से बाहर आते ही मधुरी जैन ने Farah Khan पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- उनकी बातें मुझे आहत करती थीं
‘लॉक अप 2’ से बाहर आने के बाद मधुरी जैन ग्रोवर ने फराह खान की टिप्पणियों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि शो के दौरान उन्हें किन बातों से ठेस पहुंची, किस वजह से वह भड़क गईं और शो में रहने की सुविधाओं व खाने को लेकर उन्होंने क्या अनुभव साझा किए।

तस्वीर में मधुरी जैन ग्रोवर लॉक अप शो के सेट पर दिखाई दे रही हैं।
‘लॉक अप 2’ से हाल ही में बाहर हुईं मधुरी जैन ग्रोवर ने शो के दौरान होस्ट फराह खान की टिप्पणियों को लेकर खुलकर बात की है। शो में अपने सफर के दौरान फराह खान अक्सर उनसे अपनी पर्सनैलिटी खुलकर दिखाने के लिए कहती थीं और एक मौके पर उन्हें श्रेया कालरा का मैनेजर तक कह दिया था। इसी दौरान एक एपिसोड में मधुरी जैन ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि मैनेजर होना कोई बुरी बात नहीं है और उन्होंने अपने पति अश्नीर ग्रोवर को मैनेज करके काफी पैसा कमाया है।
मधुरी ने शो के दौरान यह भी कहा था कि शो के होस्ट अक्सर प्रतियोगियों को बेहतर करने का तरीका बताने के बजाय उन्हें हतोत्साहित करते हैं। अब शो से बाहर आने के बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मधुरी जैन ने कहा, “मैं बीच-बीच में आहत हो रही थी क्योंकि मैं लगातार सोच रही थी, ‘फराह को क्या हो गया है? वह मुझसे बार-बार ऐसी बातें क्यों कह रही हैं?’ मैं मानती हूं कि मुझे बुरा लग रहा था।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मैं यह भी समझती हूं कि एक होस्ट का काम आपके भीतर से आपका सबसे अच्छा रूप बाहर लाना होता है। वह मुझमें कुछ ऐसा ढूंढ़ने की कोशिश कर रही थीं, जो मैं शो को नहीं दे पा रही थी। पहले हफ्ते मैं अपने ही दायरे में रही और अब मुझे एहसास होता है कि वह सही कर रही थीं। एक अच्छा होस्ट यही करता है।”
मधुरी ने कहा, “यही फराह का अंदाज है। वह बाहर से मुझे उकसा रही थीं, मैं उकस गई और फिर मेरे अंदर की ‘माता’ बाहर आ गई। मुझे नहीं पता कि ऐसा कैसे हुआ, लेकिन मैंने वह सब कह दिया जो मैंने कहा। मुझे ‘मैनेजर’ कहे जाने से ही उकसाहट हुई थी।”
मधुरी जैन ने शो में रहने के दौरान की सुविधाओं और खाने की गुणवत्ता पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, “वहां रहने की परिस्थितियां वास्तव में बहुत अच्छी थीं। अगर कभी किसी की किस्मत में ‘लॉक अप’ लिखा हो तो मैं यही दुआ करूंगी कि उसे ‘लॉक अप’ का यही संस्करण मिले, कोई दूसरा नहीं। सच कहूं तो वहां रहने की सुविधाएं इतनी अच्छी थीं कि बाहर बहुत से लोग शायद उस तरह रह भी नहीं सकते, जैसे हम उस घर के अंदर रह रहे थे।”
उन्होंने आगे कहा, “वह बहुत आरामदायक था। यहां तक कि जब मैं दिल्ली वापस आई तो मुझे लगा, ‘मैं कहां वापस आ गई?’ वहां की परिस्थितियां शानदार थीं। मुझे वास्तव में समझ नहीं आता कि कुछ प्रतियोगी आखिर क्या उम्मीद लेकर आए थे। क्या उन्हें लगा था कि ‘लॉक अप’ में रोज अलग-अलग व्यंजनों वाला शानदार बुफे मिलेगा? आखिर वे शो में आने से पहले क्या सोच रहे थे?”
मधुरी ने बताया, “लॉक अप में जाने से पहले मैं घर पर खाना खा रही थी और मेरी सास ने पाव भाजी बनाई थी। वह मुझसे बार-बार कह रही थीं, ‘अच्छे से खा लो, क्योंकि जेल में तुम्हें यह सब नहीं मिलेगा।’ अगर उन्हें यह बात समझ में आ गई थी तो बाकी लोगों को क्यों नहीं समझ आई? मुझे खाने से कभी कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि मुझे साधारण घर का बना खाना पसंद है। वहां मिलने वाली दाल तो मेरी पसंदीदा थी और मुझे पालक पनीर भी अच्छा लगता था।”
उन्होंने कहा, “मुझे केवल दलिया से दिक्कत हुई क्योंकि मैं उस तरह का दलिया खाने की आदी नहीं थी। इसी वजह से पहले दिन मुझे उल्टी हो गई थी। इसलिए मेरा मानना है कि लोगों को शो में आने से पहले खाने को लेकर अपनी उम्मीदें तय कर लेनी चाहिए। उन्हें पहले ही यह समझ लेना चाहिए। दरअसल, मुझे लगता है कि ‘लॉक अप’ आपको सीमित और साधारण भोजन पर भी जीवन जीना सिखाता है।”

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