माधुरी दीक्षित ने अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे के साथ बातचीत के दौरान श्रीदेवी और जूही चावला की अभिनय प्रतिभा और हास्य शैली की तारीफ की। सोनी मराठी के क्विज शो ‘कोण होणार करोड़पति’ के भव्य प्रीमियर में सोनाली ने माधुरी से दोनों अभिनेत्रियों में से अपनी पसंद चुनने के लिए कहा। हालांकि, माधुरी ने किसी एक का नाम लेने के बजाय दोनों की खूबियों का जिक्र किया।

माधुरी दीक्षित ने कहा, “श्रीदेवी का हास्यबोध कमाल का था। जूही चावला का हास्यबोध भी बहुत अच्छा था और उनकी हंसी बेहद खूबसूरत थी। दोनों बहुत प्रतिभाशाली थीं, इसलिए मुझे दोनों पसंद थीं।”

माधुरी ने श्रीदेवी की बहुभाषी फिल्मों में काम करने की क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “श्रीदेवी ने चार अलग-अलग भाषाओं हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम की फिल्मों में अभिनय किया। यह कमाल की बात थी।”

बातचीत के दौरान सोनाली बेंद्रे ने भी माधुरी की तारीफ की। उन्होंने कहा, “जब जूही चावला और श्रीदेवी का जिक्र होता है, तो हम सभी जानते हैं कि उनके साथ किसका नाम लिया जाता है। इसलिए मेरी पसंद हमेशा माधुरी जी हैं!” सोनाली की इस टिप्पणी पर माधुरी शरमा गईं।

माधुरी दीक्षित और जूही चावला 1980 के दशक के आखिरी वर्षों और 1990 के दशक में हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल थीं। वर्ष 1988 में दोनों को अपने करियर में बड़ी पहचान मिली। जूही चावला को ‘कयामत से कयामत तक’ से पहचान मिली, जबकि माधुरी दीक्षित ने ‘तेजाब’ से अपनी जगह मजबूत की। इस फिल्म का गीत ‘एक दो तीन’ लोकप्रिय हुआ।

इसके बाद दोनों अभिनेत्रियों ने कई सफल फिल्मों में काम किया। माधुरी दीक्षित ‘दिल’, ‘बेटा’ और ‘हम आपके हैं कौन..!’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। वहीं, जूही चावला ने ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘डर’ और ‘यस बॉस’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया।

माधुरी और जूही के लोकप्रिय होने से पहले ही श्रीदेवी हिंदी सिनेमा की स्थापित अभिनेत्री थीं। 1980 के दशक में उन्होंने ‘हिम्मतवाला’, ‘सदमा’, ‘नगीना’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चांदनी’ और ‘चालबाज’ जैसी फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी।

अपने करियर के शीर्ष दौर में माधुरी दीक्षित और जूही चावला की अक्सर तुलना होती थी, लेकिन दोनों ने वर्ष 2014 में आई फिल्म ‘गुलाब गैंग’ में पहली बार साथ काम किया। वहीं, माधुरी दीक्षित और श्रीदेवी कभी किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आईं।

माधुरी का यह जवाब हिंदी सिनेमा की तीन प्रमुख अभिनेत्रियों की अभिनय क्षमता और उनके अलग-अलग अंदाज को लेकर हुई बातचीत का अहम हिस्सा रहा।

Next Story