मुंबई फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर अपराध जगत की साया-भरी खबरों से हिल उठी है। अभिनेता रणवीर सिंह को भेजे गए एक कथित वॉयस नोट के जरिए करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य संदिग्ध के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है। इस कार्रवाई ने न केवल मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है, बल्कि मनोरंजन जगत में बढ़ते आपराधिक दबावों की ओर भी संकेत किया है।

वॉयस नोट से शुरू हुआ सनसनीखेज मामला:

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रणवीर सिंह की टीम को एक वॉयस नोट प्राप्त हुआ, जिसमें कथित रूप से 10 से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की गई। यह संदेश अभिनेता के मैनेजर को भेजा गया था और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल एक अंतरराष्ट्रीय, संभवतः अमेरिकी लिंक वाले नंबर से किया गया था। शिकायत दर्ज होने के बाद मामला सीधे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।


मुख्य संदिग्ध कौन?

इस मामले में जिस व्यक्ति के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है, उसकी पहचान हरिचंद्र उर्फ ‘हैरी बॉक्सर’ के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का कथित सहयोगी है। यह गिरोह पहले भी रंगदारी और धमकी के मामलों में चर्चा में रहा है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह धमकी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।


जांच की वर्तमान स्थिति:

मामले की तह तक पहुंचने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच और एंटी-एक्सटॉर्शन सेल संयुक्त रूप से जांच में जुटी हैं। जांच के प्रमुख बिंदु निम्न हैं:

  • वॉयस नोट की फोरेंसिक जांच और आवाज की पहचान
  • कॉल के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की तकनीकी पड़ताल
  • संदिग्ध की लोकेशन और संभावित सहयोगियों की तलाश

सूत्रों के अनुसार, एहतियातन रणवीर सिंह की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हाल ही में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना से इस मामले का कोई संबंध है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।


कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया:

रणवीर सिंह के मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। लुक आउट सर्कुलर जारी करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संदिग्ध देश छोड़कर फरार न हो सके। पुलिस अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले को मजबूत करने में जुटी है।

यह घटना न केवल एक प्रमुख अभिनेता को निशाना बनाए जाने की गंभीरता दर्शाती है, बल्कि फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर भी नए सवाल खड़े करती है। जांच एजेंसियों की सक्रियता इस बात का संकेत है कि कानून व्यवस्था किसी भी प्रकार की आपराधिक धमकी को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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