झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब फिल्म और सामाजिक क्षेत्र से भी समर्थन मिल रहा है। टीवी और फिल्म अभिनेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता कुनिका सदानंद रविवार को मुंबई से रांची पहुंचीं। उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों को सुना। इस दौरान उन्होंने सरकार से भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।

कुनिका सदानंद ने कहा कि शिक्षा और रोजगार युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हुए मुद्दे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिसमें पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर उसका निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाए।

उन्होंने कहा कि अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी, नकल या दूसरी अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो सरकार को उनकी गंभीरता से जांच करानी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों में सरकार और आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच बातचीत जरूरी है। लंबे समय तक सड़क पर आंदोलन करना किसी भी विद्यार्थी की पहली पसंद नहीं होती। छात्रों की प्राथमिकता पढ़ाई करना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करके अपने करियर को आगे बढ़ाना है।

सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपील

छात्रों से बातचीत के बाद कुनिका सदानंद ने सरकार के लिए भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को पारदर्शी और जवाबदेह रहना चाहिए तथा विद्यार्थियों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र किसी के दुश्मन नहीं हैं, बल्कि वे अपने अवसर और अधिकार की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने छात्रों से भी धैर्य रखने की अपील की। कुनिका ने कहा कि कई वर्षों से चले आ रहे मुद्दों का समाधान रातोंरात नहीं हो सकता। इसलिए विद्यार्थियों को सरकार से बातचीत करके ठोस और लिखित आश्वासन लेना चाहिए और उसके बाद उस पर होने वाली कार्रवाई को देखना चाहिए।

CBI जांच की मांग पर कुनिका ने क्या कहा?

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग भी शामिल है। इस मुद्दे पर कुनिका सदानंद ने अपनी अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि वह CBI जांच के पक्ष में नहीं हैं।

कुनिका ने कहा, “मैं सीबीआई के फेवर में नहीं हूं, वर्ना 5 साल बच्चों का निकल जाएगा।” उन्होंने CBI की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर पहले से कई मामले लंबित हैं, तो इस मामले को भी केंद्रीय जांच एजेंसी को देने से विद्यार्थियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। उनका कहना था कि इस दौरान छात्रों के करियर का महत्वपूर्ण समय निकल सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर विद्यार्थी किसी केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं तो सरकार को उनकी बात को गंभीरता से सुनना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी जांच का उद्देश्य वास्तविक स्थिति सामने लाना और विद्यार्थियों के बीच भरोसा कायम करना होना चाहिए।

बातचीत से समाधान निकालने की अपील

कुनिका सदानंद ने सरकार और आंदोलन कर रहे छात्रों, दोनों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को लंबे समय तक आंदोलन में रहने के बजाय जल्द से जल्द अपनी पढ़ाई और करियर की तैयारी पर लौटना चाहिए। वहीं सरकार को उनकी मांगों और शिकायतों पर स्पष्ट तरीके से जवाब देना चाहिए।

उनके रांची पहुंचने से पहले फिल्म जगत से जुड़े कुछ अन्य लोगों ने भी छात्र आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। अभिनेत्री और फिल्म से जुड़ी हस्ती पीयूष मिश्रा आंदोलन स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों का हौसला बढ़ा चुके हैं। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन जताया था।

23 दिनों से स्टेडियम में जारी है आंदोलन

JPSC-JSSC Reform Manch के नेतृत्व में छात्र पिछले 23 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्र भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मुद्दे उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराना शामिल है।

कुनिका सदानंद के रांची पहुंचने और छात्रों से मुलाकात के बाद आंदोलन को लेकर फिल्म जगत से समर्थन का एक और चेहरा सामने आया है। हालांकि, CBI जांच को लेकर उनकी राय आंदोलन कर रहे छात्रों की मांग से अलग है। उन्होंने एक ओर सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की, वहीं दूसरी ओर छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने और अपने भविष्य पर ध्यान देने की अपील की।

फिलहाल झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार और आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों के बीच बातचीत तथा उनकी मांगों पर आगे होने वाली कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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