जब भी बॉलीवुड में बड़े स्टार्स, भव्य सेट्स, फैमिली ड्रामा और दिल छू लेने वाले रोमांस की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है करण जौहर का। इन दिनों फिर से करण चर्चा में हैं क्योंकि उनकी प्रोड्यूस की हुई फिल्म “होमबाउंड” ऑस्कर की रेस तक पहुंच गई है और दूसरी तरफ उनका नाम लगातार नए स्टार्स को लॉन्च करने और बॉलीवुड की दिशा तय करने वाले सबसे ताकतवर फिल्ममेकर्स में लिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कोई उन्हें बॉलीवुड का ट्रेंडसेटर कहता है तो कोई उन्हें इंडस्ट्री का सबसे बड़ा गेमचेंजर। लेकिन सच यही है कि करण जौहर सिर्फ डायरेक्टर नहीं, बल्कि एक पूरा ब्रांड बन चुके हैं।

25 मई 1972 को मुंबई में जन्मे करण, मशहूर प्रोड्यूसर यश जौहर के बेटे हैं। बचपन से ही फिल्मों का माहौल उनके आसपास था, लेकिन उन्होंने सिर्फ पिता की विरासत संभालने का काम नहीं किया, बल्कि उसे एक नए लेवल पर पहुंचाया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में असिस्टेंट डायरेक्टर और छोटे से रोल से की, लेकिन असली धमाका हुआ 1998 में जब उन्होंने कुछ कुछ होता है बनाई। शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी स्टारर इस फिल्म ने रोमांस की पूरी नई भाषा लिख दी। फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड से लेकर फिल्मफेयर तक सब जीत लिया और करण रातोंरात बॉलीवुड के सबसे चमकते डायरेक्टर बन गए।

इसके बाद करण ने लगातार ऐसी फिल्में दीं जिन्होंने फैमिली एंटरटेनमेंट को एक नई पहचान दी। कभी खुशी कभी ग़म सिर्फ फिल्म नहीं बल्कि एक इमोशन बन गई। अमिताभ बच्चन से लेकर ऋतिक रोशन तक पूरी स्टारकास्ट के साथ करण ने भारतीय परिवारों की भावनाओं को इतने बड़े स्केल पर दिखाया कि फिल्म आज भी कल्ट मानी जाती है। फिर आई कभी अलविदा ना कहना, जिसमें रिश्तों की जटिलता और एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन जैसे विषय को उन्होंने बेहद अलग अंदाज में पेश किया। इसके बाद माय नेम इज़ खान ने साबित कर दिया कि करण सिर्फ ग्लैमरस फिल्ममेकर नहीं, बल्कि गंभीर और संवेदनशील कहानियां कहने वाले निर्देशक भी हैं। शाहरुख खान और काजोल की इस फिल्म ने दुनियाभर में तहलका मचा दिया और करण को फिर से बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाया।

करण जौहर की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ फिल्में बनाना नहीं, बल्कि स्टार्स बनाना भी रही है। धर्मा प्रोडक्शंस के जरिए उन्होंने आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा जैसे चेहरों को लॉन्च किया। “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” से शुरू हुई ये नई पीढ़ी आज बॉलीवुड की सबसे बड़ी स्टार लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा “राज़ी”, “शेरशाह”, “ब्रह्मास्त्र”, “ये जवानी है दीवानी”, “कपूर एंड संस” और “रॉकी और रानी की प्रेम कहानी” जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ दर्शकों के दिलों पर भी राज किया। “रॉकी और रानी की प्रेम कहानी” ने करण को फिर से नेशनल अवॉर्ड दिलाया और साबित किया कि दशकों बाद भी उनकी फिल्मों का जादू कम नहीं हुआ है।

फिल्मों के अलावा करण का टीवी और डिजिटल दुनिया में भी अलग ही दबदबा है। उनका शो कॉफी विद करण बॉलीवुड गॉसिप और स्टार इंटरव्यू का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। यहां स्टार्स की दोस्ती, विवाद, रिश्ते और सीक्रेट्स सब कुछ वायरल हो जाता है। करण की बोलने की स्टाइल, फैशन सेंस और बेबाक अंदाज उन्हें बाकी फिल्ममेकर्स से अलग बनाता है। हालांकि नेपोटिज्म को लेकर उन्हें कई बार आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा, खासकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें खूब ट्रोल किया गया। लेकिन करण ने हमेशा कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में कई आउटसाइडर्स और नए डायरेक्टर्स को भी मौका दिया है।

आज करण जौहर सिर्फ एक डायरेक्टर नहीं, बल्कि बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक हैं। चार नेशनल अवॉर्ड, आठ फिल्मफेयर अवॉर्ड और भारत सरकार का पद्मश्री सम्मान उनके नाम है। फिल्मों से लेकर फैशन, टीवी, ओटीटी और बिजनेस तक करण हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। उनकी जिंदगी में विवाद भी हैं, ग्लैमर भी है, इमोशंस भी हैं और सफलता की ऐसी कहानी भी जिसे देखकर हर कोई यही कहता है कि करण जौहर ने सिर्फ फिल्में नहीं बनाई, उन्होंने बॉलीवुड की पूरी पॉप कल्चर को बदल दिया।

Pratahkal Newsroom

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