करोड़ों खर्च होने के बावजूद क्यों रुक गई KJo की सबसे बड़ी फिल्म ‘तख्त’?
25 मई 2026 को करण जौहर अपना 54वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। धर्मा प्रोडक्शंस के प्रमुख और बॉलीवुड के चर्चित फिल्ममेकर करण जौहर की जिंदगी, शुरुआती संघर्ष, सुपरहिट फिल्मों, निजी जीवन, नेपोटिज्म विवाद और अधूरी फिल्म ‘तख्त’ तक की पूरी कहानी इस विशेष रिपोर्ट में विस्तार से पढ़ें।

फिल्म निर्देशक करण जौहर
हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित और प्रभावशाली फिल्मकारों में गिने जाने वाले करण जौहर 25 मई 2026 को अपना 54वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। करण जौहर केवल एक सफल निर्देशक या निर्माता ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड की बदलती संस्कृति, ग्लैमर और स्टार सिस्टम के सबसे बड़े चेहरों में से एक माने जाते हैं। अपनी फिल्मों, टेलीविजन उपस्थिति और प्रोडक्शन हाउस Dharma Productions के जरिए उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को नई पहचान दी है और कई नए सितारों को लॉन्च कर स्टारडम तक पहुंचाया है।
25 मई 1972 को बॉम्बे में जन्मे करण जौहर का असली नाम राहुल कुमार जौहर था। उनके पिता यश जौहर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित निर्माता और धर्मा प्रोडक्शंस के संस्थापक थे, जबकि उनकी मां हीरू जौहर सिंधी परिवार से संबंध रखती हैं। करण का पालन-पोषण एक ऐसे आधुनिक और बहुसांस्कृतिक माहौल में हुआ जहां परिवार में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग प्रमुख था। उनके पिता आर्य समाजी विचारधारा से प्रभावित थे और घर में हिंदू, सिख और ईसाई प्रार्थनाएं भी होती थीं। उन्होंने मुंबई के ग्रीन लॉन्स हाई स्कूल और एच.आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से शिक्षा प्राप्त की। बेहद कम लोगों को यह जानकारी है कि उन्होंने दून स्कूल में प्रवेश लेने की कोशिश की थी, लेकिन गणित में शून्य अंक आने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका।
करण जौहर का मनोरंजन जगत से जुड़ाव बचपन से ही शुरू हो गया था। उन्होंने 1989 में दूरदर्शन के चर्चित धारावाहिक ‘इंद्रधनुष’ में श्रीकांत का किरदार निभाया था। फिल्म निर्माण के प्रति उनका झुकाव राज कपूर, यश चोपड़ा और सूरज बड़जात्या जैसे दिग्गज फिल्मकारों से प्रभावित होकर बढ़ा। बाद में उन्होंने फिल्मों के नाम तय करने में अंक ज्योतिष का भी सहारा लिया, लेकिन ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ देखने के बाद उन्होंने इस पर विश्वास करना छोड़ दिया।
करण जौहर ने अपने करियर की शुरुआत 1995 में अपने कजिन आदित्य चोपड़ा की सुपरहिट फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में सहायक निर्देशक और अभिनेता के रूप में की। इसके बाद 1998 में उन्होंने बतौर निर्देशक ‘कुछ कुछ होता है’ से धमाकेदार शुरुआत की। शाहरुख खान, काजोल, रानी मुखर्जी और सलमान खान जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की और करण जौहर को रातोंरात बॉलीवुड का सबसे चर्चित युवा निर्देशक बना दिया। फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई बड़े सम्मान मिले और फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में इसने बेस्ट फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर समेत कई प्रमुख पुरस्कार अपने नाम किए।
साल 2001 में करण जौहर ने मल्टीस्टारर फैमिली ड्रामा ‘कभी खुशी कभी गम’ के जरिए अपनी सफलता को और ऊंचाई दी। अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शाहरुख खान, ऋतिक रोशन, काजोल और करीना कपूर जैसे बड़े सितारों से सजी इस फिल्म ने भारतीय पारिवारिक मूल्यों और भावनात्मक रिश्तों को भव्य अंदाज में पेश किया। फिल्म ने देश और विदेश दोनों जगह रिकॉर्ड कमाई की और करण जौहर को बॉलीवुड के सबसे बड़े फिल्ममेकरों की कतार में ला खड़ा किया।
करण जौहर का निजी जीवन भी हमेशा चर्चा का विषय रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी यौन पहचान को लेकर खुलकर बात की और कहा कि लोग उनकी यौनिकता के बारे में जानते हैं। फरवरी 2017 में वह सरोगेसी के जरिए जुड़वा बच्चों- बेटे यश और बेटी रूही के पिता बने। उन्होंने अपने बेटे का नाम अपने पिता यश जौहर के नाम पर रखा, जबकि बेटी रूही का नाम उनकी मां हीरू जौहर के नाम से प्रेरित है।
साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई, जिसमें करण जौहर भी विवादों के केंद्र में आ गए। उन पर स्टार किड्स को बढ़ावा देने और बाहरी कलाकारों की अनदेखी करने के आरोप लगे। हालांकि करण जौहर ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि धर्मा प्रोडक्शंस ने कई नए निर्देशकों और बाहरी प्रतिभाओं को भी इंडस्ट्री में मौका दिया है।
करण जौहर की महत्वाकांक्षी फिल्मों में ‘तख्त’ भी शामिल रही, जिसकी घोषणा उन्होंने अगस्त 2018 में की थी। मुगलकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित इस पीरियड ड्रामा में रणवीर सिंह, करीना कपूर, आलिया भट्ट, विक्की कौशल, भूमि पेडनेकर, जाह्नवी कपूर और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारों को शामिल किया गया था। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान द्वारा तैयार किया जाना था, जबकि संवाद हुसैन हैदरी और स्क्रीनप्ले सुमित रॉय द्वारा लिखा जाना था। हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट स्थगित हो गया और अब तक इसकी शूटिंग शुरू नहीं हो सकी है।
54वें जन्मदिन की दहलीज पर खड़े करण जौहर आज केवल एक फिल्म निर्देशक नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की बदलती पीढ़ियों, स्टारडम और ग्लोबल बॉलीवुड संस्कृति का बड़ा चेहरा बन चुके हैं। विवादों, सफलताओं, आलोचनाओं और चमकदार उपलब्धियों से भरे उनके करियर ने उन्हें भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे प्रभावशाली नामों में शामिल कर दिया है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
