कौन हैं जुबिन नौटियाल? हर दिल की धड़कन बनी वो जादुई आवाज़ जिसने संगीत की दुनिया ही बदल दी
एक्स फैक्टर इंडिया से शुरुआत करने वाले जुबिन नौटियाल ने अपनी सूफी आवाज़ और हिट गानों के जरिए भारतीय संगीत जगत में एक खास मुकाम हासिल किया है।

देहरादून में जन्मे गायक जुबिन नौटियाल एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान मंच पर परफॉर्म करते हुए, जिन्होंने 'रातां लंबियां' जैसे गानों के लिए कई प्रतिष्ठित अवार्ड्स जीते हैं।
आज के डिजिटल दौर में अगर आप किसी महफिल या सोशल मीडिया फीड पर हैं और वहां कोई रूहानी लव सॉन्ग सुनाई दे, तो यकीनन वो आवाज़ जुबिन नौटियाल की ही होगी। रातां लंबियां की रूमानी फील हो या तुम ही आना का बेइंतहा दर्द, जुबिन ने अपनी आवाज़ से भावनाओं को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां हर कोई खुद को उनसे जुड़ा हुआ पाता है। उनके गानों की लोकप्रियता का आलम यह है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर उनकी गिनती मिलियंस में नहीं बल्कि बिलियंस में होती है, जिससे यह साफ है कि वे इस पीढ़ी के सबसे बड़े म्यूजिकल सुपरस्टार बन चुके हैं।
पहाड़ों की गोद देहरादून में जन्मे जुबिन का संगीत से नाता महज इत्तेफाक नहीं बल्कि एक बचपन का जुनून था। महज चार साल की उम्र में सुरों को पकड़ने वाले इस कलाकार ने शास्त्रीय संगीत की बारीकियों को समझने के साथ-साथ गिटार और पियानो जैसे वाद्ययंत्रों पर भी अपनी पकड़ मजबूत की। संगीत प्रेमी पिता और परिवार के अटूट समर्थन ने उनके हौसलों को नई उड़ान दी, जिसका नतीजा यह हुआ कि स्कूल के दिनों में ही जुबिन अपने शहर के लाइव परफॉर्मेंस के जरिए एक उभरता हुआ चेहरा बन गए थे।
हालांकि सफलता का यह सफर जितना सुरीला दिखता है, इसकी शुरुआत उतनी ही चुनौतीपूर्ण थी। साल 2011 में जब वे म्यूजिक रियलिटी शो एक्स फैक्टर इंडिया के मंच पर आए, तो उन्होंने टॉप 25 तक का सफर तय किया लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। हार न मानते हुए उन्होंने मुंबई की गलियों में अपना संघर्ष जारी रखा और आखिरकार साल 2014 में फिल्म सोनाली केबल के गाने एक मुलाकात से बॉलीवुड में अपना शानदार डेब्यू किया। उसी साल मेहरबानी जैसे गानों ने म्यूजिक डायरेक्टर्स और ऑडियंस को यह अहसास करा दिया कि इंडस्ट्री को एक लंबी रेस का घोड़ा मिल चुका है।
इसके बाद तो जैसे जुबिन नौटियाल चार्टबस्टर गानों की मशीन बन गए और उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। बजरंगी भाईजान का जिंदगी कुछ तो बता हो या कबीर सिंह का तुझे कितना चाहने और हम, उनके हर ट्रैक ने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई। साल 2021 में रिलीज हुआ लुट गए तो एक ऐसा ग्लोबल हिट साबित हुआ जिसने यूट्यूब पर व्यूज के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। उनकी गायकी की सबसे बड़ी खासियत उनका वह असली इमोशन है, जो सुनने वाले को सीधे गाने की कहानी से जोड़ देता है और उसे बार-बार सुनने पर मजबूर कर देता है।
जुबिन की इस कड़ी मेहनत और प्रतिभा को अवॉर्ड्स के रूप में भी भरपूर सराहना मिली है। आइफा अवॉर्ड्स में रातां लंबियां के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का खिताब जीतना उनके करियर का सबसे यादगार पल रहा। इससे पहले मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड्स में अपकमिंग मेल वोकलिस्ट और हाल ही में दुआ और बर्बाद जैसे गानों के लिए मिले सम्मान इस बात के गवाह हैं कि वे कंसिस्टेंसी के मामले में सबसे आगे हैं। उनके पास आज अवॉर्ड्स की एक लंबी फेहरिस्त है जो उनकी संगीत साधना की गवाही देती है।
आज जुबिन नौटियाल सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि संगीत प्रेमियों के लिए एक अहसास बन चुके हैं। उनकी सॉफ्ट और सूफी टच वाली आवाज़ ने बॉलीवुड में मेलोडी का एक नया ट्रेंड सेट कर दिया है। खासकर आज की युवा पीढ़ी और जेन-जी को उनके गानों में अपनी अधूरी दास्तां और प्यार की खुशबू मिल जाती है। यही कारण है कि आज जब भी कोई नया रोमांटिक या सैड सॉन्ग रिलीज होने वाला होता है, तो फैंस की जुबां पर बस एक ही सवाल होता है कि क्या इस जादुई आवाज़ के पीछे जुबिन का हुनर है।

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