12 फिल्में, 20 टेलीकास्ट और ₹250 करोड़ का विवाद ; आखिर क्यों JioStar और Zee का विवाद पहुंचा हाईकोर्ट
JioStar और Zee के बीच बॉलीवुड फिल्म प्रसारण अधिकारों को लेकर कानूनी विवाद मई 2026 में तेज हो गया है। JioStar ने Zee पर 12 फिल्मों और 20 प्रसारणों के अनधिकृत उपयोग का आरोप लगाते हुए ₹250 करोड़ हर्जाने की मांग की है। मामला दिल्ली हाई कोर्ट में मध्यस्थता चरण में है।

JioStar और Zee के बीच फिल्म प्रसारण अधिकारों को लेकर उत्पन्न कानूनी संघर्ष का चित्रण
भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग की दो दिग्गज कंपनियों JioStar और Zee Entertainment Enterprises के बीच कानूनी टकराव मई 2026 में और अधिक तीव्र हो गया है। यह विवाद अब केवल एक साधारण प्रसारण या लाइसेंसिंग मतभेद नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के मीडिया अधिकार ढांचे को प्रभावित करने वाला एक बड़ा कॉर्पोरेट कानूनी संघर्ष बनता जा रहा है।
नए घटनाक्रम में JioStar ने Zee Entertainment के खिलाफ एक ताज़ा कानूनी शिकायत दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि Zee ने कई बॉलीवुड फिल्मों का अनधिकृत रूप से प्रसारण किया है। JioStar का दावा है कि उसके स्वामित्व वाले प्रसारण अधिकारों के बावजूद Zee ने लगभग 12 बॉलीवुड फिल्मों और करीब 20 टेलीविजन प्रसारणों का बिना अनुमति उपयोग किया।
JioStar ने अपनी शिकायत में Zee को “आदतन उल्लंघनकर्ता” बताते हुए आरोप लगाया है कि कंपनी ने बार-बार एक्सक्लूसिव फिल्म प्रसारण अधिकारों का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही JioStar ने लगभग ₹250 करोड़ के हर्जाने की मांग भी की है, जो इस विवाद की गंभीरता को और बढ़ाता है।
दूसरी ओर, Zee Entertainment Enterprises ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि प्रसारण अनजाने में या बिना किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे के किया गया था। Zee का यह भी दावा है कि कुछ मामलों में संबंधित प्रोडक्शन हाउस से अनुमति प्राप्त थी, और वह JioStar द्वारा मांगे गए हर्जाने के लिए उत्तरदायी नहीं है।
यह विवाद किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों कंपनियों के बीच लंबे समय से जारी कई कानूनी लड़ाइयों का हिस्सा है। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच एक अरब डॉलर के स्तर का लंदन में मध्यस्थता विवाद भी सामने आ चुका है, जो एक क्रिकेट अधिकार सौदे के विफल होने से जुड़ा था। इसके अलावा Zee ने भी JioStar पर संगीत कॉपीराइट उल्लंघन के आरोप लगाए हैं, जिससे दोनों कंपनियों के बीच टकराव और गहरा गया है।
वर्तमान मामले की कानूनी स्थिति के अनुसार, यह प्रकरण दिल्ली हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के समक्ष दायर किया गया है और 25 मई 2026 को मध्यस्थता (मेडिएशन) की तारीख निर्धारित की गई है। यदि मध्यस्थता के माध्यम से समाधान नहीं निकलता है, तो यह मामला पूर्ण न्यायिक सुनवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
यह पूरा विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि JioStar और Zee दोनों ही भारत के विशाल लगभग 30 अरब डॉलर के मनोरंजन बाजार में प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं। यह संघर्ष केवल फिल्म और संगीत अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल और टेलीविजन कंटेंट नियंत्रण तथा बाजार में वर्चस्व की दिशा में भी एक बड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला भविष्य में भारत में मीडिया अधिकारों के प्रवर्तन और कॉपीराइट सुरक्षा के मानकों पर एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित कर सकता है। इस प्रकार JioStar और Zee के बीच यह टकराव अब एक बहु-स्तरीय कॉर्पोरेट कानूनी युद्ध का रूप ले चुका है, जिसमें फिल्म, संगीत और खेल अधिकारों की लड़ाई शामिल है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
