देश जब पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा था, उसी दिन फिल्मी दुनिया से आई एक डिजिटल पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया। Jio Studios और Aditya Dhar Films की आगामी फिल्म धुरंधर: द रिवेंज के प्रमोशनल पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। कई यूज़र्स ने आरोप लगाया कि फिल्म की टीम ने राष्ट्रीय त्रासदी को प्रचार के साधन के रूप में इस्तेमाल किया।



बताया जा रहा है कि फिल्म से जुड़े आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुलवामा हमले की बरसी के दिन एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें लाल रंग की पृष्ठभूमि के साथ हमले का उल्लेख किया गया था। इस पोस्ट में फिल्म के कलाकारों को भी टैग किया गया था, जिनमें प्रमुख रूप से रणवीर सिंह और यामी गौतम शामिल हैं। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। बड़ी संख्या में यूज़र्स ने इसे “संवेदनहीन” और “मार्केटिंग के लिए शहादत का इस्तेमाल” करार दिया। बढ़ते विरोध के बीच संबंधित पोस्ट को बाद में हटा दिया गया।

हालाँकि, एक सीमित वर्ग ने इस पोस्ट का समर्थन भी किया। उनके अनुसार, लाल स्क्रीन के माध्यम से हमले की याद दिलाना शहीदों को श्रद्धांजलि देने का प्रयास था। लेकिन आलोचकों का कहना था कि किसी फिल्म के प्रचार से जुड़ा संदर्भ इस श्रद्धांजलि को विवादित बना देता है।



फिल्म को लेकर पहले भी उठ चुके हैं सवाल:

यह पहला अवसर नहीं है जब धुरंधर विवादों के घेरे में आई हो। फिल्म की कहानी कथित तौर पर आतंकवादी घटनाओं और भारत–पाकिस्तान संबंधों जैसे संवेदनशील विषयों से प्रेरित है। इसी कारण इसकी रिलीज़ के बाद से ही यह राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का केंद्र बनी हुई है। कुछ विश्लेषकों और सोशल मीडिया टिप्पणियों में आरोप लगाए गए कि फिल्म वास्तविक घटनाओं और काल्पनिक तत्वों के बीच की रेखा को धुंधला करती है और इसे राजनीतिक संदेश देने के माध्यम के रूप में देखा गया।


आलोचकों के खिलाफ ऑनलाइन हमला:

फिल्म के पहले भाग की रिलीज़ के बाद जिन समीक्षकों ने नकारात्मक या संतुलित समीक्षा दी, उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग और अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। इस घटनाक्रम पर Film Critics Guild of India ने आधिकारिक बयान जारी कर आलोचकों के खिलाफ हो रहे ऑनलाइन हमलों की निंदा की थी। वहीं फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने इस प्रतिक्रिया को “स्वाभाविक नहीं बल्कि समन्वित” बताया था।


कानूनी आपत्तियाँ भी आईं सामने:

विवाद यहीं तक सीमित नहीं रहा। फिल्म में जिन वास्तविक घटनाओं या पात्रों का संदर्भ दिया गया, उनके परिजनों ने भी आपत्ति जताई। उदाहरण के तौर पर शहीद मेजर मोहित शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया कि फिल्म में उनके जीवन और बलिदान का चित्रण तथ्यों के अनुरूप नहीं है। इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की बात भी सामने आई थी।


पुलवामा हमले की बरसी पर उठे इस ताज़ा विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राष्ट्रीय त्रासदियों से जुड़े विषयों पर आधारित फिल्मों के प्रचार-प्रसार में अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए। डिजिटल दौर में एक पोस्ट भी व्यापक जनभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। धुरंधर: द रिवेंज की रिलीज़ से पहले ही यह विवाद फिल्म के इर्द-गिर्द चल रही बहस को और गहरा कर गया है। यह प्रकरण केवल एक प्रमोशनल पोस्ट का मुद्दा नहीं, बल्कि सिनेमा, संवेदनशील इतिहास और सार्वजनिक भावनाओं के बीच संतुलन की जटिलता को भी उजागर करता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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