एक हाथ में कानून तो दूसरे में स्क्रिप्ट! आईपीएस सिमाला प्रसाद की कहानी, जो अपराधियों के लिए काल और दर्शकों के लिए मिसाल हैं।
बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC पास कर आईपीएस बनीं सिमाला प्रसाद अब 'द नर्मदा स्टोरी' में मुख्य भूमिका में आएंगी नजर।

भोपाल में डीआईजी के पद पर कार्यरत आईपीएस अधिकारी सिमाला प्रसाद, जो अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अभिनय जगत में भी सक्रिय हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवाओं और कला के संसार का मेल अक्सर विरल ही देखने को मिलता है, लेकिन सिमाला प्रसाद ने इस धारणा को अपनी प्रतिभा से पूरी तरह बदल दिया है। वर्तमान में भोपाल में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात सिमाला प्रसाद न केवल अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने वाली एक सशक्त पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि फिल्मी पर्दे पर भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवा रही हैं। उनकी कहानी एक ऐसी प्रेरणादायक यात्रा है जो दर्शाती है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो व्यक्ति एक साथ दो कठिन क्षेत्रों में शिखर तक पहुँच सकता है।
भोपाल की माटी में जन्मी सिमाला प्रसाद का पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी गौरवशाली रही है। उनके पिता डॉ. भागीरथ प्रसाद 1975 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी रहे हैं और पूर्व सांसद के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं, उनकी माता मेहरुन्निसा परवेज एक प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं, जिन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए साल 2005 में 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया था। इस बौद्धिक वातावरण का सिमाला पर गहरा प्रभाव पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने माता-पिता के नाम का सहारा लेने के बजाय अपनी खुद की पहचान बनाने का विकल्प चुना।
सिमाला की शैक्षणिक यात्रा उतनी ही प्रभावशाली है जितनी उनकी व्यावसायिक सफलता। उन्होंने वाणिज्य में स्नातक (B.Com) करने के बाद समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (MA) की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात, उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण की और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त हुईं। हालांकि, उनका लक्ष्य इससे भी बड़ा था। डीएसपी के पद पर कार्यरत रहते हुए, उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की सहायता के संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की चुनौतीपूर्ण परीक्षा की तैयारी की। साल 2011 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 51वीं रैंक हासिल की और एक आईपीएस अधिकारी बनीं। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि निरंतरता और स्वाध्याय से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच सिमाला ने अपने बचपन के शौक, अभिनय और नृत्य को कभी पीछे नहीं छूटने दिया। कॉलेज के दिनों में भोपाल के रंगमंच (थिएटर) से जुड़ी रहीं सिमाला को बॉलीवुड में प्रवेश का अवसर अनायास ही मिला। फिल्म निर्देशक जैगम इमाम ने उनकी मां से मुलाकात के दौरान सिमाला की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें फिल्म 'अलिफ' (2016) में एक महत्वपूर्ण भूमिका की पेशकश की। इसके बाद साल 2019 में वे 'नक्काश' जैसी सराही गई फिल्म में नजर आईं, जहाँ उन्होंने शारिब हाशमी और कुमुद मिश्रा जैसे मझे हुए कलाकारों के साथ काम करते हुए अभिनय की बारीकियों को सीखा।
अब सिमाला प्रसाद अपनी आगामी फिल्म 'द नर्मदा स्टोरी' को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। इस क्राइम थ्रिलर फिल्म में वे एक सब-इंस्पेक्टर की मुख्य भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म मध्य प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो एक आदिवासी महिला के न्याय के संघर्ष की संजीदा कहानी बयां करती है। फिल्म में उनके साथ रघुबीर यादव, मुकेश तिवारी और अंजलि पाटिल जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं। एक वास्तविक आईपीएस अधिकारी द्वारा पर्दे पर पुलिस की भूमिका निभाना न केवल फिल्म को प्रामाणिकता प्रदान करता है, बल्कि दर्शकों के लिए भी यह देखना कौतूहल का विषय है। सिमाला प्रसाद का यह सफर न केवल एक अधिकारी की कर्तव्यनिष्ठा को प्रदर्शित करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि प्रशासनिक वर्दी के भीतर भी एक संवेदनशील कलाकार जीवित रह सकता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
