निर्देशक नीरज पाठक ने बताया कि यूपी के अपराध जगत को प्रामाणिक दिखाने के लिए श्रीप्रकाश शुक्ला जैसे असली नामों और कानूनी चुनौतियों का सामना करना क्यों जरूरी था।

मुंबई। भारतीय स्ट्रीमिंग जगत में जहां वास्तविक घटनाओं पर आधारित अपराध कथाओं की बाढ़ आई हुई है, वहीं रणदीप हुड्डा अभिनीत वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' अपनी बेबाक वास्तविकता के कारण चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सीरीज के लेखक और निर्देशक नीरज पाठक ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर हावी हो रहे 'फॉर्मूला कंटेंट' और इस शो को वास्तविक बनाने के लिए उठाए गए कानूनी जोखिमों पर खुलकर बात की है। नीरज पाठक के अनुसार, 'इंस्पेक्टर अविनाश' भारतीय स्ट्रीमिंग स्पेस में इसलिए अलग है क्योंकि इसने उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराध जगत को दिखाने के लिए वास्तविक नामों का उपयोग करने का साहस दिखाया है। 2023 में आए पहले सीजन में मुख्य नायक अविनाश मिश्रा और खूंखार यूपी डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला के असली नामों का उपयोग किया गया, जो अब तक फिल्मों में भी टाल दिया जाता था।

सीरीज के दूसरे सीजन की रिलीज से पूर्व नीरज पाठक ने स्पष्ट किया कि यूपी की इन कहानियों को विश्वसनीय बनाने के लिए असली नामों का सहारा लेना अनिवार्य था। पाठक ने कहा कि वे दर्शकों को 90 के दशक के उत्तर प्रदेश का अहसास कराना चाहते थे, जहां ये घटनाएं समाचार पत्रों की सुर्खियां हुआ करती थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत में किसी अपराधी के असली नाम का उपयोग करना कानूनी रूप से बेहद जटिल है और कोई भी इन पचड़ों में नहीं फंसना चाहता। हालांकि, पाठक का मानना है कि यदि एसटीएफ (STF) के गठन के मूल कारण और उस अपराधी का नाम न लिया जाए जिसने मुख्यमंत्री की सुपारी तक ले ली थी, तो पूरी कहानी बेमानी हो जाती है। इस साहसी निर्णय में उन्हें जियो स्टूडियोज का पूर्ण समर्थन मिला, जिसने हाल ही में 'धुरंधर' जैसी यथार्थवादी फिल्म का भी समर्थन किया था।

ओटीटी की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए पाठक ने स्वीकार किया कि एक दशक पहले की तुलना में अब सब कुछ एक जैसा लगने लगा है। उन्होंने कहा कि अब स्ट्रीमिंग जगत में एक निश्चित फॉर्मूला अपनाया जा रहा है, जहां नायक को नकारात्मक लक्षण देने के लिए बाकायदा किताबों का सहारा लिया जाता है। हालांकि वे मानते हैं कि हर फॉर्मूला टूटने के लिए ही बनता है और सफलता कहीं से भी मिल सकती है। नीरज पाठक द्वारा लिखित और निर्देशित इस सीरीज में रणदीप हुड्डा के साथ उर्वशी रौतेला, अमित सियाल, शालीन भनोट, राहुल मित्रा, ज़ाकिर हुसैन, आयशा एस. ऐमन, जोहेब फारूकी, बिदिता बाग, प्रवीण सिसोदिया, रजनीश दुग्गल और अजय चौधरी जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में हैं। 'इंस्पेक्टर अविनाश' का दूसरा सीजन 15 मई से जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगा, जो दर्शकों को एक बार फिर अपराध और न्याय के उस असली टकराव से रूबरू कराएगा जिसने उत्तर प्रदेश के इतिहास को बदल कर रख दिया था।


Pratahkal Newsroom

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