'इंडियन आइडल 16' का यह शानदार सफर अब अपने ऐतिहासिक और रोमांचक अंजाम तक पहुंच चुका है, जहां ओडिशा की प्रतिभावान बेटी ज्योतिर्मयी नायक ने इस प्रतिष्ठित सिंगिंग रियलिटी शो की विनर की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। लगभग दस महीनों तक चले इस कड़े मुकाबले और रोमांचक सफर के बाद आखिरकार इस सीजन को अपना विजेता मिल गया है। ग्रैंड फिनाले के इस खास मौके पर विनर के रूप में ज्योतिर्मयी नायक के नाम की घोषणा होने के बाद से ही उनके गृह राज्य ओडिशा सहित पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस बड़ी जीत के साथ ही ज्योतिर्मयी ने न केवल चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, बल्कि उन्हें बतौर पुरस्कार 20 लाख रुपये की नकद राशि भी प्रदान की गई है, जबकि जबलपुर के तनिष्क शुक्ला इस सीजन के रनर-अप रहे।

यह पूरा सीजन दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा, जिसकी मुख्य वजह इसकी विशेष थीम 'यादों की प्लेलिस्ट' थी। इस सीजन को दर्शकों का इतनाार प्यार और समर्थन मिला कि शो को दो बार तीन-तीन महीने का एक्सटेंशन दिया गया, जिससे यह टेलीविजन इतिहास के सबसे लंबे और सफल सीजन में से एक बन गया। दस महीनों के इस लंबे सफर के दौरान शो में देश के कोने-कोने से आए बेहतरीन गायकों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। ग्रैंड फिनाले के इस भव्य मंच पर संगीत जगत की जानी-मानी हस्तियों ने चार चांद लगाए। फिनाले में मशहूर गायक कुमार सानू और दिग्गज गायिका ऊषा उत्थुप के अलावा लोकप्रिय कलाकार शहनाज गिल और उर्मिला मातोंडकर ने भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, शो के नियमित जज विशाल ददलानी इस ग्रैंड फिनाले में शामिल नहीं हो सके, लेकिन श्रेया घोषाल और बादशाह जैसे दिग्गज कलाकारों ने जजों की भूमिका निभाते हुए प्रतियोगियों का उत्साहवर्धन किया।

जीत हासिल करने के बाद ज्योतिर्मयी नायक की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा और वह बेहद भावुक नजर आईं। अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय उन्होंने किसी और को नहीं बल्कि उन कैंसर मरीजों को दिया, जिनकी उन्होंने अतीत में म्यूजिक थैरेपी के जरिए हीलिंग की थी। ज्योतिर्मयी एक प्रशिक्षित गायिका होने के साथ-साथ एक म्यूजिक थेरेपिस्ट भी रही हैं, जिन्होंने लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से ठीक करने के लिए अपनी आवाज और संगीत का प्रभावी उपयोग किया है। 'इंडियन आइडल' के इतिहास में यह पहला मौका है जब ओडिशा की किसी बेटी ने इस प्रतिष्ठित खिताब को जीता है, जिससे उन्होंने अपने राज्य का नाम रोशन कर एक नया इतिहास रच दिया है।

अपने 10 महीने के इस सफर को याद करते हुए ज्योतिर्मयी ने बताया कि उनका यह सफर पिछले साल 14 सितंबर को मुंबई आने के साथ शुरू हुआ था और यह पूरी यात्रा बेहद यादगार और चुनौतीपूर्ण रही। उन्होंने साझा किया कि शुरुआती दौर में उन्होंने कभी प्राइज मनी जीतने के बारे में नहीं सोचा था, बल्कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने और जजों से सकारात्मक टिप्पणियां हासिल करने पर केंद्रित था। इस शो के दौरान उनके सफर में कई उतार-चढ़ाव भी आए। उन्होंने बताया कि सबसे बेहतरीन पल वह था जब उन्हें मंच पर कुछ सबसे मशहूर गानों को अपनी आवाज में गाने का मौका मिला, जबकि सबसे कठिन समय वह था जब एलिमिनेशन के दौरान उन्हें सबसे कम वोट मिलने की कगार पर पहुंचना पड़ा था। हालांकि, जनता के अपार वोटों और अपनी कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने हर बाधा को पार किया।

'इंडियन आइडल 16' के इस महामुकाबले में टॉप-6 फाइनलिस्ट के रूप में सुहैल सूफी, अंशिका चोंकर, मनराज वीर सिंह, मायसिमे बोसु, ज्योतिर्मयी नायक और तनिष्क शुक्ला ने जगह बनाई थी। फिनाले की इस दौड़ में सबसे पहले मायसिमे बोसु बाहर हुए, जिसके बाद शो को अपने टॉप-5 फाइनलिस्ट मिले। पुरस्कारों की घोषणा के तहत जहां विजेता ज्योतिर्मयी नायक को ट्रॉफी और 20 लाख रुपये मिले, वहीं फर्स्ट और सेकेंड रनर-अप को 5-5 लाख रुपये तथा अन्य फाइनलिस्ट को 3-3 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। अपनी इस शानदार जीत के बाद अब ज्योतिर्मयी का मुख्य सपना बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में एक पेशेवर पार्श्व गायक के रूप में अपनी जगह बनाना है, और उनकी इस सफलता ने उनके लिए आगे के रास्ते पूरी तरह खोल दिए हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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