लेखा वॉशिंगटन ने इमरान खान की नागरिकता को लेकर सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणियों के बीच इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता को भारतीय नागरिक नहीं होने के कारण निशाना बनाने वाले लोगों की टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उन्होंने एक ऐसा संदेश पोस्ट किया, जिसे मौजूदा विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह मामला इमरान खान को भारत छोड़ने के लिए जारी किए गए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के नोटिस के बीच सामने आया है।

लेखा ने इमरान और अपनी नागरिकता को लेकर की गई टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट साझा किए। एक टिप्पणी में लिखा था, “Failed actors had become very much concerned about nation” यानी असफल अभिनेता अब देश को लेकर बहुत चिंतित हो गए हैं। दूसरी टिप्पणी में कहा गया, “Oh you are not even a citizen.. Now i guess you will be sent out and wont able to keep your foot in my soil again.” इसका आशय था कि इमरान भारतीय नागरिक भी नहीं हैं और अब उन्हें देश से बाहर भेज दिया जाएगा, जिसके बाद वे दोबारा इस मिट्टी पर कदम नहीं रख सकेंगे।

इसके बाद लेखा ने अपनी अगली इंस्टाग्राम स्टोरी में एक विचार साझा किया। उन्होंने लिखा, “We are made of air water each other what we do to the air we do to ourselves what we do to the water we do to ourselves what we do to each other we do to ourselves.” इस संदेश में उन्होंने हवा, पानी और एक-दूसरे के साथ मनुष्यों के संबंधों की बात कही। इसे इमरान और उन्हें निशाना बनाने वाली टिप्पणियों के बीच उनकी अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

इमरान खान को लेकर यह विवाद 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ। इमरान अपनी साथी लेखा वॉशिंगटन और अपने चचेरे भाई-बहन जायन मैरी खान के साथ वहां पहुंचे थे। यह प्रदर्शन कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान को हिरासत में लिया था। इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने उनके कथित तौर पर प्रदर्शन में शामिल होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि इमरान अमेरिकी नागरिक हैं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें ‘भारत छोड़ो’ नोटिस जारी किया, जिसमें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने के लिए कहा गया।

विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO), मुंबई की ओर से जारी इस नोटिस को इमरान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने इस कार्रवाई को मनमाना, गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया है। अदालत में उनकी याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होनी है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने अदालत को बताया कि इमरान को यह नोटिस इसलिए जारी किया गया क्योंकि उन्होंने CJP के प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें बीच में ही रोक दिया गया और अभिनेता को वापस लौटना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार को याचिका की प्रति पहले ही मिल चुकी है और 21 अक्टूबर को तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया था। हालांकि, अदालत ने FRRO को याचिका पर निर्देश लेने का समय देने के लिए सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर तय की।

19 अक्टूबर को इमरान की कानूनी टीम ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए यह मामला मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ के समक्ष उठाया। अधिवक्ता जुल्फिकार मेमन के नेतृत्व वाली टीम ने 14 अक्टूबर को जारी नोटिस को रद्द करने की मांग की। याचिका में कहा गया है कि नोटिस में उन प्रावधानों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिनके उल्लंघन का आरोप इमरान पर लगाया गया है। ये प्रावधान आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 से संबंधित हैं।

इमरान की याचिका में यह भी कहा गया है कि नोटिस जारी करने से पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। ऐसे में अब लेखा वॉशिंगटन की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया के साथ-साथ इमरान की नागरिकता और भारत छोड़ने के नोटिस से जुड़ा विवाद भी चर्चा में है। इस मामले में 26 अक्टूबर को होने वाली बॉम्बे हाई कोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

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