कौन हैं हेमंथ एम. राव? सस्पेंस और इमोशन का नया कन्नड़ जादूगर
पत्रकारिता से करियर शुरू करने वाले हेमंथ एम. राव ने 'सप्ता सागरदाचे एलो' और 'अंधाधुन' जैसी फिल्मों से भारतीय सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

कन्नड़ फिल्म निर्देशक हेमंथ एम. राव समुद्र तट के किनारे, जिन्होंने 'गोधी बन्ना साधारण मैकट्टू' और 'कवलुदारी' जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया है।
कन्नड़ सिनेमा में इन दिनों अगर किसी निर्देशक का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, तो वो हैं Hemanth M. Rao। वजह सिर्फ उनकी फिल्में नहीं, बल्कि वो एहसास है जो उनकी कहानियां दर्शकों के दिल में छोड़ जाती हैं। चाहे रिश्तों की गहराई हो, थ्रिलर का टेंशन हो या टूटे हुए लोगों की खामोश लड़ाई, हेमंथ अपनी फिल्मों में हर भावना को इतने रियल तरीके से दिखाते हैं कि लोग उनसे जुड़ जाते हैं। “सप्ता सागरदाचे एलो” के दोनों पार्ट्स ने जिस तरह ऑडियंस को इमोशनल किया, उसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों की चर्चा लगातार बढ़ती चली गई।
दिलचस्प बात ये है कि हेमंथ एम. राव ने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से नहीं बल्कि पत्रकारिता से की थी। कुछ समय तक मीडिया में काम करने के बाद उन्होंने 2005 में फिल्म इंडस्ट्री का रुख किया। शुरुआत में उन्होंने मशहूर निर्देशक Girish Kasaravalli के साथ “गुलाबी टॉकीज़” में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इसके बाद “सवारी” और “पृथ्वी” जैसी फिल्मों में भी उन्होंने पर्दे के पीछे काफी मेहनत की। यही अनुभव बाद में उनकी कहानी कहने की ताकत बना।
2016 में आई उनकी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म “गोधी बन्ना साधारण मैकट्टू” ने कन्नड़ सिनेमा में तहलका मचा दिया। अल्जाइमर से जूझ रहे पिता और उन्हें ढूंढते बेटे की कहानी ने दर्शकों को भावुक कर दिया। Rakshit Shetty और Anant Nag की शानदार एक्टिंग के साथ हेमंथ की संवेदनशील राइटिंग ने फिल्म को कल्ट बना दिया। यही वो फिल्म थी जिसने उन्हें रातोंरात स्टार निर्देशक बना दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें एसआईआईएमए में बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला, जबकि स्क्रीनप्ले के लिए भी खूब तारीफ हुई।
लेकिन हेमंथ सिर्फ इमोशनल ड्रामा तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित थ्रिलर फिल्मों में से एक “अंधाधुन” की कहानी लिखने में भी अहम भूमिका निभाई। Sriram Raghavan के साथ मिलकर लिखी गई इस फिल्म ने पूरे देश में सनसनी मचा दी। फिल्म की ट्विस्ट भरी कहानी और डार्क ह्यूमर को इतना पसंद किया गया कि इसे नेशनल अवॉर्ड से लेकर फिल्मफेयर और आईफा तक कई बड़े सम्मान मिले। इसके बाद “कवलुदारी” में उन्होंने फिर साबित किया कि सस्पेंस और इमोशन को साथ लेकर चलना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। फिल्म ने बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट कन्नड़ फिल्म का सम्मान भी जीता।
2023 में आई “सप्ता सागरदाचे एलो – साइड ए” और “साइड बी” ने हेमंथ एम. राव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। यह सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं थी, बल्कि अधूरे रिश्तों, इंतजार और दर्द की ऐसी कहानी थी जिसने युवाओं को गहराई से प्रभावित किया। फिल्म की सिनेमैटिक वाइब, म्यूजिक और इमोशनल राइटिंग ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल बना दिया। इसी फिल्म के लिए उन्हें 69वें फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड्स में बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान मिला। अब उनकी आने वाली फिल्म “666 ऑपरेशन ड्रीम थिएटर” को लेकर भी जबरदस्त उत्साह बना हुआ है और फैंस को उम्मीद है कि हेमंथ फिर एक बार कुछ बिल्कुल अलग लेकर आएंगे।
हेमंथ एम. राव आज सिर्फ एक निर्देशक नहीं, बल्कि कन्नड़ सिनेमा की नई सोच का चेहरा बन चुके हैं। उनकी फिल्मों में बड़े-बड़े डायलॉग नहीं होते, लेकिन छोटी-छोटी भावनाएं दिल पर गहरा असर छोड़ जाती हैं। यही वजह है कि आज हर फिल्म लवर उनकी अगली कहानी का इंतजार करता है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
