हिंदी कविता की अमर धरोहर 'हरिवंश राय बच्चन' ; अमिताभ ने पिता को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, जताया दुःख
हरिवंश राय बच्चन, हिंदी साहित्य के महान कवि, जिनकी काव्य रचनाएँ आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। उनके निधन पर अमिताभ बच्चन ने 27 नवम्बर 2025 को भावपूर्ण श्रद्धांजलि संदेश साझा किया। जानें उनकी प्रमुख कविताएँ और साहित्यिक योगदान।

वरिष्ठ अभिनेता अमिताभ बच्चन और पिता हरीवंश राइ बच्चन
हिंदी साहित्य जगत में हरिवंश राय बच्चन (Harivansh Rai Bachchan) का नाम सदैव स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। उनका जन्म 27 नवंबर 1907 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। बच्चन जी की रचनाएँ हिंदी कविता की दुनिया में अमूल्य योगदान के रूप में मानी जाती हैं। सरल भाषा में गहरी भावनाओं को अभिव्यक्त करने की उनकी कला ने उन्हें आम जनमानस और साहित्यकारों दोनों के बीच समान लोकप्रियता दिलाई।
- मधुशाला
- मधुबाला
- मधुबंधन
- नीलिमा
- वृक्ष
T 5578 -
— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) November 27, 2025
"मिट्टी का तन , मस्ती का मन, क्षण भर जीवन, मेरा परिचय "
~ हरिवंश राय बच्चन
27 November 1907 , उनकी याद में 🙏🙏
हरिवंश राय बच्चन ने हिंदी कविता को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका साहित्य जीवन की सरलता, संघर्ष और मानव अनुभव की गहराई को सहज रूप में प्रस्तुत करता है। आज भी उनके काव्य संग्रह, पाठ्यक्रमों में शामिल हैं और कविता पाठ, साक्षात्कार और साहित्यिक संगोष्ठियों में उनकी रचनाओं का अध्ययन किया जाता है।
उनकी कविताएँ न केवल साहित्य प्रेमियों को प्रेरित करती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी जीवन के मूल्य और भावनात्मक अभिव्यक्ति की समझ देती हैं। इस प्रकार, हरिवंश राय बच्चन का योगदान सदैव हिंदी साहित्य की धरोहर के रूप में अमर रहेगा।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
