कौन हैं हरीश कनारन? कॉमेडी के दम पर मलयालम सिनेमा में बना लिया अलग साम्राज्य
टीवी शो 'कॉमेडी फेस्टिवल' से पहचान बनाने वाले हरीश कनारन की संघर्ष यात्रा, उनकी लोकप्रिय फिल्में और 2025-26 के प्रमुख विवादों का विवरण।

मलयालम सिनेमा के प्रसिद्ध कॉमेडियन हरीश कनारन एक साक्षात्कार के दौरान अपने अभिनय करियर और हालिया फिल्म प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करते हुए।
आजकल मलयालम सिनेमा की दुनिया में जिस कलाकार का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वो हैं Hareesh Kanaran। अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग, देसी अंदाज और स्क्रीन पर आते ही माहौल बदल देने वाली एनर्जी की वजह से हरीश फिर सुर्खियों में हैं। हाल के सालों में उनकी फिल्मों और टीवी मौजूदगी ने उन्हें फैमिली ऑडियंस का फेवरेट बना दिया है, लेकिन 2025 में प्रोड्यूसर एन. एम. बादुशा के साथ पैसों के विवाद और इंडस्ट्री में कथित तौर पर साइडलाइन किए जाने के आरोपों ने भी उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया। सोशल मीडिया पर फैंस खुलकर उनके सपोर्ट में उतर आए और यही वजह है कि हर तरफ उनके नाम की चर्चा हो रही है।
केरल के कोझिकोड जिले के पेरुमन्ना गांव से आने वाले हरीश का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। स्कूल के दिनों से ही उन्हें मंच पर परफॉर्म करने का शौक था। यूथ फेस्टिवल में उनके ड्रामा “नाट्टम” ने पहला स्थान हासिल किया और वहीं से उनके अंदर के कलाकार को पहचान मिली। बाद में उन्होंने मिमिक्री ट्रूप “कैलिकट फ्रेंड्स” के साथ काम शुरू किया। छोटे-छोटे स्टेज शो करते हुए उन्होंने अपनी कॉमिक पहचान बनाई और फिर “कैलिकट सुपर जोक्स” और “वी4 कैलिकट” जैसे ग्रुप्स का हिस्सा बने। उस दौर में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही कलाकार आगे चलकर मलयालम सिनेमा का बड़ा कॉमेडी चेहरा बनेगा।
हरीश की जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना टीवी शो “कॉमेडी फेस्टिवल”। मजहविल मनोरमा पर आने वाले इस शो में उनका किरदार “जलियन कनारन” इतना वायरल हुआ कि लोग उन्हें असली नाम से कम और किरदार के नाम से ज्यादा पहचानने लगे। उनका बोलने का स्टाइल, चेहरे के एक्सप्रेशन और देसी ह्यूमर सीधे लोगों के दिल में उतर गया। यही पॉपुलैरिटी उन्हें फिल्मों तक ले गई और 2014 में उन्होंने “उल्साहा कमिटी” से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया। इसके बाद तो जैसे फिल्मों की लाइन लग गई। “टू कंट्रीज़”, “काली”, “किंग लायर”, “गोधा”, “गुडालोचना”, “ओरु अदार लव”, “शायलॉक”, “कुरुप” और “सुफियुम सुजातायुम” जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने छोटे या बड़े हर रोल को यादगार बना दिया।
हरीश कनारन की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वो सिर्फ जोक्स नहीं सुनाते, बल्कि अपने किरदार को पूरी तरह जीते हैं। उनकी कॉमेडी में गांव की खुशबू, आम आदमी की झुंझलाहट और मासूमियत का ऐसा मिश्रण होता है जो हर उम्र के दर्शकों को पसंद आता है। यही वजह है कि उन्हें सिर्फ कॉमेडियन नहीं बल्कि “सीन स्टीलर” कहा जाता है। “आनाक्कल्लन”, “ओरु पझाया बॉम्ब कथा” और “शायलॉक” जैसी फिल्मों में उनकी परफॉर्मेंस को इतना पसंद किया गया कि उन्हें एशियानेट फिल्म अवॉर्ड और वनिता फिल्म अवॉर्ड जैसे बड़े सम्मान मिले। साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड्स में भी उन्हें कई बार नॉमिनेशन मिला और उन्होंने साबित किया कि कॉमेडी भी उतनी ही मुश्किल कला है जितनी गंभीर एक्टिंग।
फिल्मों के साथ-साथ टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी हरीश की पकड़ मजबूत रही। “ओजो कानमणि” वेब सीरीज में उन्होंने अपने मशहूर “जलियन कनारन” अवतार को फिर जिंदा किया, जिसे दर्शकों ने खूब प्यार दिया। अब 2026 में शुरू हुए सिटकॉम “सेल्फी फैमिली” में उनका किरदार “प्रियन” फिर चर्चा में है। उनकी निजी जिंदगी भी काफी सादगी भरी है। स्कूल टीचर संध्या से शादी और परिवार के साथ शांत जिंदगी बिताने वाले हरीश अपने संघर्ष के दिनों को कभी नहीं भूलते। शायद यही वजह है कि उनकी कॉमेडी इतनी असली और जमीन से जुड़ी महसूस होती है।
आज हरीश कनारन सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि मलयालम एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का ऐसा चेहरा बन चुके हैं, जिसने छोटे मंच से निकलकर करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई। विवाद हों या वायरल कॉमेडी क्लिप्स, हर बार उनका नाम चर्चा में आ ही जाता है। यही स्टारडम उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है और यही कारण है कि फैंस आज भी उनके हर नए प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

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