बॉलीवुड में जब भी खतरनाक हंसी, डरावनी आंखें और स्क्रीन पर आते ही माहौल बदल देने वाले विलेन की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है Gulshan Grover का। सोशल मीडिया पर आज भी उनके डायलॉग्स, पुराने किरदार और ‘बैड मैन’ वाला अंदाज जमकर वायरल होता है। करीब चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने साबित किया कि हीरो ही नहीं, विलेन भी फिल्म का सबसे बड़ा स्टार बन सकता है। यही वजह है कि नई पीढ़ी भी उन्हें उतना ही पसंद करती है जितना 90 के दशक के दर्शक करते थे।

दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पढ़ाई करने वाले गुलशन ग्रोवर ने फिल्मों में आने से पहले थिएटर की दुनिया में लंबा समय बिताया। ‘लिटिल थिएटर ग्रुप’ के साथ काम करते हुए उन्होंने एक्टिंग की बारीकियां सीखीं और फिर बॉलीवुड का रुख किया। शुरुआती दौर में ‘रॉकी’, ‘अर्थ’, ‘सदमा’ और ‘मशाल’ जैसी फिल्मों में छोटे लेकिन असरदार रोल मिले, लेकिन असली पहचान उन्हें निगेटिव किरदारों से मिली। उनका स्क्रीन प्रेजेंस ऐसा था कि हीरो के सामने खड़े होकर भी दर्शकों का ध्यान उन्हीं पर टिक जाता था।

90 का दशक आते-आते गुलशन ग्रोवर बॉलीवुड के सबसे चर्चित विलेन बन चुके थे। ‘राम लखन’, ‘सौदागर’, ‘विश्वात्मा’, ‘मोहरा’, ‘दिलवाले’, ‘राम जाने’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ और ‘हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों ने अलग ही लेवल का क्रेज बनाया। खास बात यह रही कि उन्होंने हर फिल्म में विलेन को नया रंग दिया। कभी स्टाइलिश डॉन, कभी खतरनाक गैंगस्टर तो कभी चालाक बिजनेसमैन, उनके हर किरदार में अलग वाइब दिखाई देती थी। इसी दमदार इमेज ने उन्हें बॉलीवुड का ‘बैड मैन’ बना दिया, जो आज भी उनकी सबसे बड़ी पहचान है।

गुलशन ग्रोवर सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने हॉलीवुड और इंटरनेशनल सिनेमा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। ‘द सेकंड जंगल बुक’, ‘डेस्परेट एंडेवर्स’, ‘फॉरबिडन’ और ‘द मैन फ्रॉम काठमांडू’ जैसी फिल्मों में उनके काम को काफी सराहा गया। ‘आई एम कलाम’ में उनके अभिनय ने लोगों को चौंका दिया क्योंकि वहां उन्होंने सिर्फ डराने वाला विलेन नहीं, बल्कि एक गहराई वाला किरदार निभाया। इसी फिल्म के लिए उन्हें स्टारडस्ट अवॉर्ड मिला। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में भी उन्हें बेस्ट एक्टर का सम्मान मिला, जिसने साबित किया कि उनका टैलेंट सिर्फ कमर्शियल फिल्मों तक सीमित नहीं है।

उनकी पर्सनल लाइफ भी हमेशा चर्चा में रही। पाकिस्तानी अभिनेत्री सोमी अली से रिश्ता हो या ‘बूम’ फिल्म के दौरान कैटरीना कैफ के साथ जुड़ी खबरें, गुलशन ग्रोवर अक्सर गॉसिप कॉलम्स का हिस्सा बने रहे। लेकिन इन सबके बीच उन्होंने अपने काम को कभी पीछे नहीं होने दिया। यही वजह है कि ‘मुंबई सागा’, ‘सूर्यवंशी’, ‘सड़क 2’ और हाल की वेब सीरीज ‘चार्ली चोपड़ा’ तक वह लगातार एक्टिव नजर आते हैं। यहां तक कि ‘ब्रेकिंग बैड’ के हिंदी डब में भी उनकी आवाज ने दर्शकों को इम्प्रेस किया।

आज गुलशन ग्रोवर सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि बॉलीवुड की उस विरासत का नाम हैं जिसने विलेन को ग्लैमर, स्टाइल और स्टारडम दिया। उनकी आत्मकथा ‘बैड मैन’ भी काफी चर्चा में रही क्योंकि उसमें उन्होंने अपने संघर्ष, रिश्तों और फिल्म इंडस्ट्री के अनसुने किस्से शेयर किए। यही कारण है कि जब भी हिंदी सिनेमा के सबसे आइकॉनिक विलेन्स की बात होगी, गुलशन ग्रोवर का नाम हमेशा सबसे ऊपर दिखाई देगा।

Pratahkal Newsroom

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