ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चर्चित वेब सीरीज़ ‘ग्राम चिकित्सालय’ का बहुप्रतीक्षित दूसरा सीजन 23 जून 2026 को रिलीज़ कर दिया गया है। Amazon Prime Video पर जारी इस नए सीजन ने एक बार फिर दर्शकों का ध्यान भारत की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की उन गहरी चुनौतियों की ओर खींचा है, जिनसे जमीनी स्तर पर डॉक्टर और मरीज लगातार जूझते हैं। टीवीएफ (The Viral Fever) के बैनर तले निर्मित इस सीरीज का यह नया अध्याय कहानी को और अधिक जटिल, भावनात्मक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक दिशा में आगे बढ़ाता है।

इस सीजन में कहानी एक बार फिर काल्पनिक गांव ‘भठकंडी’ और वहां स्थित उपेक्षित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जहां युवा और आदर्शवादी डॉक्टर डॉ. प्रभात ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के अपने प्रयासों को जारी रखते हैं। डॉ. प्रभात की भूमिका में अभिनेता अमोल पाराशर एक बार फिर लौटे हैं और इस बार उनके सामने चुनौतियां पहले से कहीं अधिक गंभीर दिखाई देती हैं।

कहानी में दवाइयों की भारी कमी, स्टाफ की अपर्याप्तता और प्रशासनिक जटिलताओं के साथ-साथ गांव की स्थानीय राजनीति और जागरूकता की कमी से उत्पन्न अविश्वास को प्रमुखता से दिखाया गया है। ग्रामीण समुदाय में आधुनिक चिकित्सा पद्धति को लेकर फैली गलत धारणाएं और सूचनाओं की कमी भी इस सीजन के कथानक को और अधिक गहराई प्रदान करती हैं। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य तंत्र में व्याप्त नौकरशाही बाधाएं और निर्णय प्रक्रिया में देरी जैसे मुद्दे कहानी के केंद्र में बने रहते हैं।

सीरीज में डॉ. प्रभात के साथ कई महत्वपूर्ण किरदार भी लौटे हैं, जिनमें विनय पाठक द्वारा निभाया गया चेतक कुमार, गरिमा विक्रांत सिंह द्वारा निभाई गई इंदु, तथा आनंदेश्वर द्विवेदी और आकाश मखीजा जैसे कलाकार शामिल हैं। इस सीजन में अकांक्षा रंजन कपूर और दिनेश लाल यादव जैसे नए चेहरों की भी एंट्री हुई है, जो कहानी को नए मोड़ प्रदान करते हैं।

निर्माण और प्रस्तुति के स्तर पर यह सीजन टीवीएफ की उसी शैली को आगे बढ़ाता है, जिसके लिए यह प्लेटफॉर्म जाना जाता है, यथार्थवादी ग्रामीण परिवेश, हल्का व्यंग्य और मानवीय भावनाओं से जुड़ी कहानियों का संतुलन। कहानी का स्वर इस बार अधिक गंभीर और मुद्दा-प्रधान दिखाई देता है, जिसमें डॉक्टरों पर पड़ने वाले मानसिक और भावनात्मक दबाव को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है।

इस सीजन का मूल विषय यह प्रश्न उठाता है कि क्या एक कमजोर और संसाधन-विहीन व्यवस्था के भीतर रहकर उसे बदला जा सकता है या नहीं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह संघर्ष केवल एक डॉक्टर की लड़ाई न रहकर पूरे ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र की वास्तविकताओं का प्रतिबिंब बन जाता है। ‘ग्राम चिकित्सालय’ सीजन 2 न केवल एक वेब सीरीज़ के रूप में बल्कि एक सामाजिक टिप्पणी के रूप में भी उभरता है, जो भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और उससे जुड़े मानवीय संघर्षों को प्रभावी ढंग से सामने लाता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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