समाज को बेहतर बनाने वाले वे लोग, जो भीड़ में अक्सर शांत दिखाई देते हैं, लेकिन अपने छोटे-छोटे प्रयासों से जरूरतमंदों के जीवन में उजियारा भरते हैं, अब एक साझा मंच पर एकत्र होंगे। ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ अब केवल एक सम्मान समारोह नहीं रहकर समाज में बदलाव लाने वाले लोगों का एक विस्तृत कारवां बन चुका है। इसी क्रम में ‘2030_का_भारत’ द्वारा एक विशेष वर्चुअल गेट-टुगेदर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ के पहले और दूसरे संस्करण के सभी विजेता एक साथ जुड़ेंगे।

यह ऑनलाइन आयोजन 30 मई 2026 को सुबह 11 बजे आयोजित होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से वे सभी बदलावकर्ता एक मंच पर जुड़ेंगे, जिन्होंने शिक्षा, भोजन वितरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।

‘2030_का_भारत’ के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, “अक्सर समाज के लिए सबसे अच्छा काम वही लोग करते हैं, जिनके बारे में दुनिया बहुत कम जानती है। ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ ऐसे ही लोगों को सामने लाने का प्रयास है। यह वर्चुअल गेट-टुगेदर केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि उन लोगों को समाजसेवा की धारा से जोड़ने का माध्यम है, जो अपनी दिनचर्या से समय निकालकर समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। जब ऐसे लोग एक-दूसरे की कहानियाँ सुनते हैं, तो बदलाव की शक्ति और बढ़ जाती है।”

पहले संस्करण में शिक्षा और सरप्लस फूड डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में कार्य करने वाले 8 लोगों को सम्मानित किया गया था। इनमें इंदौर के राजन रानाडे और अमित त्रिवेदी, पटना के रोहित कुमार सिंह, झारखंड के संतोष कुमार पांडा और शबनम खातून, राजस्थान के धर्मवीर जाखड़ और डॉ. सुनील कुमार शर्मा तथा लखनऊ के सोमनाथ कश्यप शामिल रहे, जिन्होंने जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

दूसरे संस्करण में यह पहल और व्यापक स्तर पर पहुँची, जिसमें शिक्षा, सरप्लस फूड डिस्ट्रीब्यूशन और इको वॉरियर श्रेणियों में 15 बदलावकर्ताओं को सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में जबलपुर के पराग दीवान, अयोध्या के एसआई रंजीत यादव, मुजफ्फरपुर के सुमित कुमार, धनबाद के अनिल कुमार सिंह और देहरादून के श्रेय रावत ने जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा पहुँचाने का कार्य किया।

सरप्लस फूड डिस्ट्रीब्यूशन श्रेणी में इंदौर के जसप्रीत सिंह छाबड़ा, वाराणसी के रौशन कुमार पटेल, बिहार के रवि शंकर उपाध्याय और झारखंड के विवेक को सम्मानित किया गया। वहीं इको वॉरियर श्रेणी में शाजापुर के देवेंद्र परमार, चंदौली के चंद्र प्रकाश सिंह, बाड़मेर के हरीराम, जमशेदपुर के गौरव आनंद, पटना, बिहार की आकांक्षा सिंह और देहरादून, उत्तराखंड की डॉ. हिमानी पुरोहित को पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

यह वर्चुअल आयोजन केवल एक बैठक नहीं होगा, बल्कि उन कहानियों का संगम होगा जिनमें संघर्ष, सेवा और समाज सुधार की भावना निहित है। इसमें वे लोग शामिल होंगे जिन्होंने अपने समय, श्रम और संवेदनशीलता को समाजहित में समर्पित किया है।

आयोजकों के अनुसार ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ का आगामी तीसरा संस्करण पहले दोनों संस्करणों से अधिक व्यापक होगा, जिसमें देश के अधिक शहरों, कस्बों और गाँवों तक यह पहल पहुँचाई जाएगी, ताकि समाज में कार्यरत गुमनाम बदलावकर्ताओं की कहानियाँ भी सामने आ सकें।

यह आयोजन इस संदेश को पुनः स्थापित करता है कि समाज परिवर्तन के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि छोटी कोशिशों, समय और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है। ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ अब उन लोगों की आवाज बन चुका है, जिनकी पहचान उनके शब्दों से नहीं, बल्कि उनके कार्यों से होती है।

Pratahkal Bureau

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