पवित्र रिश्ता से मौत के फंदे तक.. आपने आखरी ३ घंटो में सुशांत ने किसे लगाई थी गुहार ?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के आखिरी 24 घंटों की झकझोर देने वाली कहानी। बांद्रा के फ्लैट में 14 जून की सुबह क्या हुआ था? सुबह 6:30 बजे जागने से लेकर 9:00 बजे के आखिरी कॉल तक, जानें उस रविवार की पूरी टाइमलाइन। क्या सुशांत वाकई अवसाद में थे? पढ़ें पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुशांत के कमरे का वो सच जिसने पूरी मायानगरी को रुला दिया।

Sushant Singh Rajput death case : 14 जून 2020 की वह तारीख भारतीय मनोरंजन जगत के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई। जब पूरा देश रविवार की सुस्ती भरी सुबह का आनंद ले रहा था, तभी मायानगरी के बांद्रा इलाके से आई एक खबर ने करोड़ों दिलों को झकझोर कर रख दिया। बॉलीवुड के सबसे चमकते सितारों में से एक, 34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत अपने किराए के फ्लैट में मृत पाए गए। यह खबर जितनी अचानक थी, उससे कहीं अधिक डरावनी थी उनकी जिंदगी के आखिरी घंटों की वह कहानी, जो आज भी अनसुलझे सवालों के घेरे में है।
रविवार की सुबह: खामोशी की आहट
सुशांत सिंह राजपूत आठ महीने पहले ही बांद्रा स्थित इस आलीशान डुप्लेक्स फ्लैट में शिफ्ट हुए थे। उनके साथ उनके क्रिएटिव मैनेजर, एक मित्र और घरेलू कर्मचारी रहते थे। पुलिस पूछताछ और नौकरों के बयानों के आधार पर उस काली सुबह की टाइमलाइन कुछ इस प्रकार रही:
- सुबह 06:30 बजे: सुशांत अपनी नींद से जागे। घरेलू सहायकों के अनुसार, सब कुछ सामान्य लग रहा था।
- सुबह 09:00 बजे: सुशांत ने अनार का जूस पिया। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन से फोन पर बात की और कुछ समय बाद अपने सबसे करीबी दोस्त और अभिनेता महेश शेट्टी को आखिरी कॉल किया, लेकिन वह कॉल उठ नहीं सका।
- सुबह 09:30 बजे: सुशांत अपने कमरे में चले गए और दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया। यह उनकी दुनिया से आखिरी संपर्क था।
- सुबह 10:30 - 11:00 बजे: जब कुक लंच के बारे में पूछने के लिए उनके कमरे के पास गया और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
वह मंजर जिसने सबको सुन्न कर दिया :
दोपहर करीब 12:30 बजे तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो घबराए हुए मैनेजर ने सुशांत की बहन को सूचित किया। बहन के पहुंचने के बाद एक ताला बनाने वाले को बुलाया गया। जैसे ही दरवाजा खुला, वहां मौजूद लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सुशांत का शव पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, उनकी मृत्यु सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच हुई थी।
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया :
मुंबई पुलिस को दोपहर 2:00 बजे सूचना मिली और 2:30 बजे टीम मौके पर पहुंची। डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे ने मीडिया को बताया कि कमरे से कोई 'सुसाइड नोट' बरामद नहीं हुआ है। शाम 5:30 बजे शव को डॉ. आर.एन. कूपर अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जांच में मौत का कारण फांसी के कारण दम घुटना (Asphyxia) बताया गया, हालांकि विसरा रिपोर्ट और गहन फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए गए।
अधूरे सपने और एक अनसुलझी विदाई :
महज 34 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले सुशांत के बारे में बताया गया कि वह पिछले छह महीनों से गहरे अवसाद (Depression) से जूझ रहे थे। पटना से मुंबई पहुंचे उनके पिता और परिजनों के लिए यह क्षति असहनीय थी। सोमवार को उनके अंतिम संस्कार के साथ ही भारतीय सिनेमा ने एक ऐसा अभिनेता खो दिया जिसने 'पवित्र रिश्ता' से लेकर 'छिछोरे' तक के सफर में लाखों लोगों को जीना सिखाया था, लेकिन खुद जिंदगी की जंग हार गया।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
