आखिर क्यों Disney भी नहीं खरीद पाया YRF? जानिए आदित्य चोपड़ा की सबसे बड़ी जीत की कहानी
21 मई 2026 को आदित्य चोपड़ा अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ से लेकर यश राज फिल्म्स को भारत की सबसे बड़ी फिल्म कंपनी बनाने तक, आदित्य चोपड़ा का सफर संघर्ष, सफलता और सिनेमा में क्रांतिकारी बदलाव की कहानी है।

फिल्म निर्माता आदित्य चोपड़ा
21 मई 2026 को हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली और रहस्यमयी फिल्मकारों में गिने जाने वाले आदित्य चोपड़ा अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। भारतीय फिल्म उद्योग में जहां सितारों की चमक अक्सर सुर्खियां बनती है, वहीं आदित्य चोपड़ा ने हमेशा खुद को लाइमलाइट से दूर रखते हुए अपने काम को ही अपनी पहचान बनाया। एक ऐसे दौर में जब फिल्म निर्माता भी सार्वजनिक छवि और प्रचार को प्राथमिकता देते हैं, आदित्य चोपड़ा का शांत और निजी जीवन उन्हें बॉलीवुड की सबसे अलग शख्सियतों में शामिल करता है।
यश राज फिल्म्स के चेयरमैन के रूप में आदित्य चोपड़ा ने भारतीय सिनेमा को सिर्फ नई ऊंचाइयों तक नहीं पहुंचाया, बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी बनाई और प्रोड्यूस की गई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड कायम किए, जिसके चलते उन्हें भारतीय सिनेमा का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला फिल्म निर्माता माना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी बड़ी सफलता के बावजूद उन्होंने हमेशा प्रचार और ग्लैमर से दूरी बनाए रखी।
कम उम्र में ही फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम रखने वाले आदित्य चोपड़ा का सफर आसान नहीं था। बचपन में गंभीर हकलाहट की समस्या के कारण उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला नहीं मिल सका था। लेकिन यही संघर्ष आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। 18 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता और दिग्गज फिल्मकार यश चोपड़ा के साथ ‘चांदनी’, ‘लम्हे’ और ‘डर’ जैसी फिल्मों में सहायक निर्देशक के रूप में काम करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने ‘परंपरा’ और ‘आईना’ जैसी फिल्मों के लिए पटकथा लेखन भी किया।
साल 1995 में मात्र 23 वर्ष की उम्र में आदित्य चोपड़ा ने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म बनाई।शाहरुख खान और काजोल अभिनीत यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म ने न सिर्फ राष्ट्रीय पुरस्कार जीता बल्कि आदित्य चोपड़ा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार भी दिलाया। कहा जाता है कि उन्होंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पर 19 साल की उम्र से काम शुरू कर दिया था और कई ड्राफ्ट तैयार किए थे।
इसके बाद उन्होंने ‘दिल तो पागल है’, ‘मोहब्बतें’ और ‘रब ने बना दी जोड़ी’ जैसी फिल्मों के जरिए रोमांटिक सिनेमा को नई परिभाषा दी। ‘मोहब्बतें’ में अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और ऐश्वर्या राइ जैसे सितारों को साथ लाकर उन्होंने एक नई सिनेमाई भाषा तैयार की। वहीं ‘रब ने बना दी जोड़ी’ से Anushka Sharma को लॉन्च कर उन्होंने नई प्रतिभाओं को मंच देने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाया।
यश राज फिल्म्स के जरिए आदित्य चोपड़ा ने कई बड़े निर्देशकों और लेखकों को इंडस्ट्री में स्थापित किया। करण जोहर, कबीर खान, सिद्धार्थ आनंद और मनीष शर्मा जैसे कई नामों ने यश राज बैनर के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसी वजह से यश राज फिल्म्स को भारत की सबसे सफल फिल्म निर्माण कंपनियों में गिना जाने लगा।
हालांकि उनके करियर में चुनौतियां भी कम नहीं रहीं। साल 2016 में उनकी निर्देशन में वापसी फिल्म ‘बेफिक्रे’ उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। रणवीर सिंह और वाणी कपूर स्टारर यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नुकसान का सौदा साबित हुई। इसके बावजूद आदित्य चोपड़ा का प्रभाव फिल्म इंडस्ट्री में लगातार बना रहा।
उनके नेतृत्व में यश राज फिल्म्स ने विदेशी स्टूडियो के दबाव का भी मजबूती से सामना किया। 2009 में The Walt Disney Company ने यश राज फिल्म्स के अधिग्रहण की कोशिश की थी, लेकिन आदित्य चोपड़ा ने कंपनी को भारतीय स्वामित्व में बनाए रखा। बाद में डिज्नी को भारत में अपने फिल्म कारोबार से बाहर होना पड़ा, जबकि यश राज फिल्म्स लगातार मजबूत होती गई। 2019 में कंपनी का मूल्यांकन करीब 19,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसने इसे भारत की सबसे बड़ी फिल्म निर्माण कंपनी बना दिया।
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो आदित्य चोपड़ा ने साल 2014 में अभिनेत्री रानी मुकर्जी से इटली में निजी समारोह में शादी की। उनकी बेटी आदिरा चोपड़ा का जन्म 2015 में हुआ। निजी जिंदगी को लेकर हमेशा बेहद सतर्क रहने वाले आदित्य चोपड़ा ने 28 साल बाद पहली बार 2023 में नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ ‘द रोमांटिक्स’ के लिए लंबा इंटरव्यू दिया था, जिसने उनके व्यक्तित्व और यश राज फिल्म्स की विरासत को लेकर दर्शकों में नई दिलचस्पी पैदा की।
55वें जन्मदिन के मौके पर आदित्य चोपड़ा सिर्फ एक सफल निर्देशक या निर्माता के रूप में नहीं, बल्कि उस फिल्मकार के रूप में याद किए जा रहे हैं जिसने हिंदी सिनेमा की व्यावसायिक और रचनात्मक दिशा को बदल दिया। कैमरों से दूरी बनाकर रखने वाले इस फिल्ममेकर की विरासत आज भी भारतीय मनोरंजन उद्योग की सबसे मजबूत नींवों में से एक मानी जाती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
