ग्वाडालाजारा में ग्रुप ए के मुकाबले से पहले दोनों देशों के प्रशंसकों ने पारंपरिक गीत गाकर एकजुटता दिखाई, जिसका श्रेय बीटीएस के नए एल्बम को मिला है।

FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मुकाबले में मैदान पर उतरने से पहले दो प्रतिद्वंदी देशों के प्रशंसकों ने आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक एकता की एक ऐसी सनसनीखेज मिसाल पेश की है, जिसने पूरी दुनिया का दिल जीत लिया है। 18 जून को मैक्सिको और साउथ कोरिया के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मैच में भले ही मैक्सिको ने 1-0 से बाजी मार ली हो, लेकिन मैच शुरू होने के कुछ घंटे पहले ग्वाडालाजारा की सड़कों पर जो नजारा दिखा, वह फुटबॉल के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया है। दोनों देशों के हजारों फुटबॉल प्रेमी अपने-अपने देशों के झंडे लहराते हुए एक सुर में कोरिया का पारंपरिक लोकगीत 'अरिरांग' (Arirang) गाते नजर आए। प्रतिद्वंदिता को भूलकर पल भर में सुरों के साथी बने इन प्रशंसकों की इस संक्रामक ऊर्जा ने पूरे माहौल को फुटबॉल की शुद्ध कविता में बदल दिया।

सदियों पुराने इस मशहूर कोरियाई गीत 'अरिरांग' को कोरिया का अनौपचारिक राष्ट्रगान भी माना जाता है, जो संघर्ष, लचीलेपन और अटूट एकता की गहरी भावना को समेटे हुए है। मैच से पहले उपजे इस जादुई पल को कलाकार रे रोज़ (Ray Rose) ने अपने कैमरे में कैद किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही जंगल की आग की तरह वायरल हो गया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद वैश्विक संगीत जगत में भी हलचल तेज हो गई है। विशेष रूप से मशहूर के-पॉप बैंड बीटीएस (BTS) के प्रशंसकों यानी 'आर्मी' ने इस ऐतिहासिक पल का श्रेय मार्च 2026 में रिलीज हुए ग्रुप के नवीनतम एल्बम 'अरिरांग' को दिया है। प्रशंसकों का मानना है कि बीटीएस के इसी एल्बम ने इस पारंपरिक धुन को आधुनिक रंग में ढालकर दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया है, जिसके चलते आज सुदूर मैक्सिको में भी लोग इसके हर एक शब्द को पूरी शिद्दत से गा रहे हैं।


यह पहला मौका नहीं है जब दोनों देशों के फैंस के बीच ऐसा गहरा जुड़ाव देखा गया हो। साउथ कोरिया और मैक्सिको के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच यह अटूट दोस्ती साल 2018 के वर्ल्ड कप के समय से ही चली आ रही है, जब दोनों देशों ने एक-दूसरे की जीत पर साझा जश्न मनाया था। आधिकारिक तौर पर खेल भावना और फीफा के वैश्विक नियमों के तहत इस तरह के सांस्कृतिक संगम टूर्नामेंट की गरिमा को और अधिक बढ़ा देते हैं। ग्वाडालाजारा में दिखा यह नजारा साबित करता है कि फुटबॉल केवल 90 मिनट का मैदानी खेल या हार-जीत का गणित नहीं है, बल्कि यह सरहदों से परे जाकर विभिन्न संस्कृतियों और इंसानी दिलों को जोड़ने का एक बेहद सशक्त माध्यम है। दो अलग-अलग छोर के देशों का यह सुरीला मिलन इस बात का संकेत है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 सिर्फ खेल के रोमांच के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को एक सूत्र में पिरोने वाले ऐसे ही अभूतपूर्व और अविस्मरणीय पलों के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।

Updated On 19 Jun 2026 2:26 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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