‘हक’ में बराबर फीस पर बोले इमरान हाशमी; “अब फिल्म की वैल्यू बॉक्स ऑफिस तय करता है”
फिल्म ‘हक’ की रिलीज़ से पहले इमरान हाशमी और यामी गौतम ने अपनी फीस और बॉलीवुड में पे-पैरिटी (समान भुगतान) को लेकर खुलकर बात की है। दोनों ने माना कि आज इंडस्ट्री में कमाई का खेल टैलेंट और बॉक्स ऑफिस वैल्यू पर निर्भर करता है, न कि जेंडर पर।

इमरान हाशमी और यामी गौतम अपनी फिल्म ‘हक’ की रिलीज़ से पहले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शाह बानो केस पर आधारित यह फिल्म 7 नवंबर को रिलीज होने जा रही है, लेकिन इस वक्त चर्चा फिल्म की कहानी से ज्यादा उसकी स्टार कास्ट की फीस को लेकर है। एबीपी न्यूज़ से बातचीत में दोनों सितारों ने पहली बार अपने रेम्यूनरेशन और बॉलीवुड में पे-पैरिटी यानी समान भुगतान पर खुलकर बात की।
इमरान हाशमी ने कहा कि किसी भी कलाकार की फीस सिर्फ उसके जेंडर पर नहीं, बल्कि उसके पिछले बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड पर निर्भर करती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर आपकी पिछली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नंबर वन पर खुलती हैं, तो वही आपके वैल्यू का पैमाना बन जाती हैं। इसलिए कहना कि एक्ट्रेसेस को हमेशा कम पैसे मिलते हैं, ये पूरी तरह सही नहीं है सब बॉक्स ऑफिस का खेल है।”
वहीं यामी गौतम ने भी इमरान की बात से सहमति जताते हुए कहा कि बदलाव धीरे-धीरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “इंडस्ट्री में किसी भी बड़े बदलाव के लिए जेनरेशन लग जाती है। पहले जहां एक्ट्रेसेस शादी या मदरहुड को छुपाती थीं, वहीं अब मैं खुद एक वर्किंग मदर हूं और दर्शक मुझे उसी तरह स्वीकार करते हैं। यह इंडस्ट्री के बदलते नजरिए की निशानी है।”
दिलचस्प बात यह है कि ‘हक’ के लिए दोनों सितारों को समान फीस मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान हाशमी और यामी गौतम दोनों को 12-12 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है जो इस फिल्म में समान योगदान और स्टार वैल्यू की झलक दिखाता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
